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8 माह में खाद्य पदार्थों के 34 सैंपल फेल:कोरोनाकाल में भी नहीं माने मिलावटखोर; होली खेलने वाले रंग से मसाले चमकाए, पॉम ऑयल से पनीर बनाया

सीकर15 दिन पहलेलेखक: सुरेंद्र मावलिया
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मसाला, पनीर और मिल्क केक खाने याेग्य भी नहीं मिले। (प्रतिकात्मक फोटो) - Dainik Bhaskar
मसाला, पनीर और मिल्क केक खाने याेग्य भी नहीं मिले। (प्रतिकात्मक फोटो)

सेहत के दुश्मनों ने काेरोनाकाल में भी मिलावटखोरी नहीं छोड़ी। इस दौरान मिठाई-मसालों में सबसे ज्यादा मिलावट सामने आई। स्वास्थ्य विभाग ने एक जनवरी से अगस्त तक 207 सैंपल लिए, जिनमें से 34 फेल हुए। हाेली पर मिलावटी मिठाई बिकी। 47 सैंपलाें में से 8 फेल हुए। स्वास्थ्य विभाग की रिपोर्ट के अनुसार रोजमर्रा की खाद्य पदार्थाें में मिलावटखोरी सबसे ज्यादा है। दूध, दही, अचार व तेल में मिलावट मिली।

मसाला, पनीर व मिल्क केक का सैंपल ताे अनसेफ था, यानी खाने याेग्य भी नहीं था। स्वास्थ्य विभाग ने इनमें से ज्यादातर सैंपल मकर संक्रांति, खाटूश्याम मेला व हाेली पर लिए थे। सबसे ज्यादा नौ सैंपल मिठाई के फेल मिले। मावा-पनीर के चार सैंपल मिलावटी मिले। हल्दी पाउडर, धनिया और मिर्ची मसाला के भी चार सैंपल फेल मिले।

फतेहपुर से लिया गया दही का सैंपल भी फेल मिला। दही में केमिकल पाउडर मिला हाेने की पुष्टि हुई। मसाला, मिल्क केक और पनीर का एक-एक सैंपल अनसेफ मिला। यानी ये तीनाें खाने याेग्य नहीं थे। मिलावटखाेराें ने हल्दी पाउडर में आर्टिफिशियल रंग मिलाया था, जिसमें पीले रंग का चूरा भी था।

भास्कर एक्सप्लेनर : हर साल बिक जाती है 10 करोड़ की मिलावटी मिठाई

जिले में खाद्य पदार्थों में मिलावट रोकने का जिम्मा 2 फूड सेफ्टी ऑफिसराें पर है, लेकिन ये जिले में हर जगह नहीं पहुंच पा रहे हैं। इस वजह से मिलावट का काराेबार बढ़ता जा रहा है। जिले में 700 से ज्यादा मिठाई की दुकानें हैं। हर साल 60 कराेड़ से ज्यादा का काराेबार हाेता है। अकेले हाेली-दीपावली पर 10 कराेड़ से ज्यादा की मिलावटी मिठाई बिक जाती है। दूसरे प्रदेशाें में मिलावटी मिठाई बनाकर जिले में सप्लाई हाेने लगी है।

सीकर में खाद्य विश्लेषण प्रयाेगशाला की मिली स्वीकृति

स्वास्थ्य विभाग अब चूरू लैब में ही सीकर के सैंपल की जांच कराएगा। इससे पहले सीकर के सैंपल जयपुर भेजने पड़ते थे। सरकार ने सीकर में भी खाद्य विश्लेषण प्रयाेगशाला खाेलने की प्रशासनिक स्वीकृति दे दी है। ये प्रयाेगशाला सीएमएचओ ऑफिस परिसर में बनाई जाएगी।

  • मिलावटखोरों ने दूध में सोडियम बाईकार्बोनेट, पॉम ऑयल या वेजिटेबल ऑयल मिलाकर पनीर तैयार किया।
  • स्वास्थ्य विभाग ने तीनाें मिलावटखाेराें के खिलाफ क्रिमिनल कोर्ट में परिवाद पेश किया है।
  • सब स्टैंडर्ड मिले 31 सैंपलाें के व्यापारियाें पर पेनल्टी के लिए एडीएम के पास दावा किया है।

जांच में मिलावट की पुष्टि हाेने पर विभाग कार्रवाई आगे बढ़ाता है। सैंपल अनसेफ, सबस्टैंडर्ड व मिस ब्रांड मिलने पर फूड सेफ्टी एक्ट में कार्रवाई का प्रावधान है। 2011 के बाद सब-स्टैंडर्ड मिले सैंपल काे लेकर 143 व्यापारियाें पर जुर्माना किया। अनसेफ मिले सैंपल काे लेकर अभी किसी काे सजा नहीं हुई। प्रकरण काेर्ट में हैं। - रतन गाेदारा, फूड सेफ्टी ऑफिसर, सीकर

...और 10 साल में 143 पर जुर्माना फिर भी डर खत्म नहीं हो रहा है मिलावटखोरों में

खाद्य पदार्थों में मिलावट राेकने के लिए पांच अगस्त 2011 काे फूड सेफ्टी एक्ट लागू हुआ। एक्ट में मिलावटखाेराें को छह माह से आजीवन कारावास की सजा का प्रावधान है। ये सजा अनसेफ मिले नमूनाें की है। यानी जाे नमूना खाने याेग्य नहीं मिलता, उस व्यापारी के खिलाफ स्वास्थ्य विभाग सीजेएम काेर्ट में क्रीमिनल केस दायर करता है।

स्वास्थ्य विभाग ने अब तक नौ मिलावटखाेराें के खिलाफ सीजेएम काेर्ट में परिवाद पेश किया जो विचाराधीन हैं। हालांकि सब- स्टैंडर्ड खाद्य पदार्थ बेचने वाले मिलावटखाेराें पर कार्रवाई हुई। एक्ट लागू हाेने के बाद 10 साल में एडीएम ने अब तक 143 व्यापारियाें पर 20 हजार रुपए तक जुर्माना लगाया गया।

मप्र में मिलावटखोरी पर उम्रकैद : लोगों की सेहत को ध्यान में रख मध्यप्रदेश सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। अब राज्य में मिलावटखोरों को आजीवन कारावास होगा। शिवराज सिंह के नेतृत्व वाली कैबिनेट ने (मध्यप्रदेश संशोधन) विधेयक, 2021 को मंजूरी दी है।

होती है इनकी मिलावट, हो सकती हैं बीमारियां

खाद्यान्न/दालें/गुड़/मसाले में कंकड़, पत्थर, मिट्टी, रेत, बुरादा मिलाते हैं।
दुष्प्रभाव
: पेट संबंधित बीमारियां

सरसों के तेल में आर्जिमोन तेल की मिलावट करते हैं।
दुष्प्रभाव
: आंखों की रोशनी जाना, हृदय संबंधित रोग

चना/अरहर की दाल/बेसन में खेसरी दाल मिलाते हैं।
दुष्प्रभाव : लकवा व कुष्ठ रोग

बेसन/हल्दी में मेटानिल की मिलावट।
दुष्प्रभाव
: प्रजनन तंत्र, पाचन तंत्र, यकृत व गुर्दे प्रभावित

बादाम के तेल में मिनरल तेल।
दुष्प्रभाव : यकृत संबंधित रोग, कैंसर

दालों में टेलकम-एस्बेस्टस पाउडर मिलाकर चमक बढ़ाते हैं।
दुष्प्रभाव :
गुर्दे में पथरी की आशंका

लाल मिर्च में रोडामाइन-बी की मिलावट।
दुष्प्रभाव :
यकृत, गुर्दे, तिल्ली प्रभावित

हल्दी में लैड क्रोमेट।
दुष्प्रभाव : एनीमिया, अंधापन व गर्भपात

चाय पत्ती व कॉफी में लौह चूर्ण/रंग।
दुष्प्रभाव :
पाचन तंत्र प्रभावित।

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