पेट्रोल क्राइम:पंप गांव से दूर, किराना स्टोर व पान-बीड़ी की दुकानों पर 110-120 रु. में पानी की बोतल में बिक रहा पेट्रोल

सीकर8 महीने पहलेलेखक: जोगेंद्र सिंह गौड़ और ओमप्रकाश शर्मा
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खरीदारों काे नुकसान : मिलावट की आशंका, कीमत भी ज्यादा। - Dainik Bhaskar
खरीदारों काे नुकसान : मिलावट की आशंका, कीमत भी ज्यादा।
  • भास्कर स्टिंग; जिले के कई गांवों में पंपों से खरीदकर बेचा जाता है पेट्रोल, दुकानों व घरों में छिपाकर रख रखे हैं ड्रम व जरीकन
  • दुकानदारों को खतरा : लापरवाही से हो सकता है विस्फोट

गांव-गांव की किराना दुकानों पर पानी की बाेतलों में अवैध रूप से पेट्रोल बेचा जा रहा है, वो भी 120 रुपए लीटर। छोटे-छोटे बच्चे भी इस कारोबार में जुटे हैं। इस अवैध कारोबार के पनपने की सबसे बड़ी वजह यह है कि पेट्रोप पंप गांव से दूर है। ऐसे में लोग पंप तक जाने के बाद किराना की दुकान से ज्यादा कीमत देकर पेट्रोल खरीद लेते हैं।

दैनिक भास्कर ने शुक्रवार को कई गांवों में पड़ताल की। जिसमें सामने आया कि लोग पंपों से तेल खरीदकर लाते हैं और उन्हें बोतलों में भरकर 110 से 120 रुपए तक बेचते हैं। भास्कर टीम इनके घरों तक पहुंची तो लोगों ने घरों में पेट्रोल के ड्रम भरकर रख रखे थे। जबकि पेट्रोल पंपों पर वाहनों में भरने के अलावा किसी भी तरह से पेट्रोल या डीजल का बेचना प्रतिबंधित है।

अवैध बिक्री का सबसे बड़ा उदाहरण देखिए। सीकर से 30 किमी दूर पाटाेदा गांव में भास्कर टीम पहुंची ताे यहां चीनी-चावल की दुकान दिखी। रिपोर्टर ने पानी की बोतल मांगी और पूछा कि आस-पास पेट्रोल पंप है क्या? दुकानदार ने जवाब दिया कि पानी की बोतल नहीं मिलेगी, पेट्रोल चाहे जितना मिल जाएगा। पेट्रोल की एक बोतल की कीमत 110 रुपए बताई। पेट्रोल की बोतल दुकान के अंदर ही रखी थी। पूछा तो बोला कि कमाई तो हर कोई करना चाहता है। यह सिर्फ एक गांव की दुकान की कहानी नहीं है। ज्यादातर इलाकों में ऐसा हो रहा है।

बठोठ गांव : 97 रु. में खरीदकर 110 रुपए में बेच रहे एक बोतल

दैनिक भास्कर के स्टिंग ऑपरेशन में सामने आया कि बठोठ गांव में भी ज्यादातर दुकानों पर अवैध रूप से पानी की बोतलों में पेट्रोल बेचा जा रहा था। यहां रास्ते में बाइक रोककर किराना दुकान पर पेट्रोल के बारे में पूछा तो जवाब मिला कि 110 रुपए देने होंगे। दुकानदार दुकान के पीछे बने बाड़े में गया और एक मिनट में ही पेट्रोल से भरी बोतल लेकर आ गया।

उससे पूछा तो बताया कि वह खुद 97 रुपए देकर पंप से पेट्रोल लाता है। लॉक डाउन में खूब बल्ले-बल्ले हुई थी। सवाल किया कि पानी की बोतल में पेट्रोल बेच नहीं सकते, डर नहीं लगता क्या? जवाब मिला कि खुद की रिस्क पर पेट्रोल बेचते हैं। भास्कर टीम ने बाड़े में जाकर देखा तो एक जरीकन पेट्रोल से भरा हुआ था।

खाकोली : बुजुर्ग बोला-बाइक में पेट्रोल डाल बोतल वापस दे देना, बाेतलाें की कमी है, पेट्रोल की नहीं

यहां 55 साल के बुजुर्ग ने बिड़ी-सिगरेट और पान-पुड़िया की दुकान कर रखी थी। पूछा-तो बुजुर्ग ने कहा-एक लीटर पेट्रोल के लिए 120 रुपए देने होंगे। बुजुर्ग पानी की बोतल में पेट्रोल लेकर आया। कहा-पेट्रोल बाइक में खाली करके बोतल वापस दे दो। खाली बाेतलाें की समस्या है। पड़ताल में सामने आया कि गांव में पेट्रोल पंप सात किमी दूर है।

पाटोदा : महिला-पुरुष जरीकन से बोतल में भर रहे थे पेट्रोल, 10 साल का बच्चा ले रहा था ग्राहकों से रुपए
पाटाेदा में घर में बनी दुकान पर दुकानदार से पेट्रोल मांगा तो वह घर के अंदर गया। एक छाेटे से कमरे में पेट्रोल से भरे जरीकन से बाेतल भरने लगा। साथ में महिला थी जाे बाेतल भरवाने में दुकानदार की मदद कर रही थी। थाेड़ी देर बाद रिपोर्टर इस दुकान पर गया तो एक करीब 10 साल का छोटा बच्चा पेट्रोल से भरी बोतल लेकर आया। बोतल के बदले उसने 110 रुपए लिए।

बड़ा सवाल : नानी से लेकर पाटोदा तक दुकानों पर बिक रहा पेट्रोल, इसी रास्ते के पंप मालिकों की मिलीभगत तो नहीं?

अवैध पेट्रोल के रास्ते

नानी से सालासर जाने वाले रूट पर दर्जनभर गांव हैं, जहां दुकानों पर पेट्रोल बेचा जा रहा है। नानी, चेलासी, सिहाेट, सेवा, परडाेली, पाटाेदा और बठाेठ गांव में खुले आम पेट्रोल ताे कहीं डीजल बेचा जा रहा है।
बेच नहीं सकते

पेट्रोल और डीजल को किसी भी बोतल और कुप्पे या अन्य किसी संसाधन में पंप से बेचना पूरी तरह प्रतिबंधित है। पेट्रोल पंप से तेल सिर्फ वाहनों में ही भरने के आदेश है। नियम तोड़ने पर पेट्रोल पंप संचालक के विरुद्ध सख्त कार्रवाई के भी निर्देश हैं।
जबकि हो यह रहा

इस रूट पर 3-4 पेट्रोल पंप हैं। मिलीभगत के कारण ज्यादातर दुकानदार इन्हीं पंपाें से पेट्रोल खरीदकर ले जाते हैं और बोतलों में भरकर बेच रहे हैं। गंभीर इसलिए है, क्योंकि-पेट्रोल पंप की मिलीभगत के बगैर दुकानों पर पेट्रोल बिक ही नहीं सकती।

बोतल में पेट्रोल बेच नहीं सकते, फिर भी जांच कराएंगे : डीएसओ
दैनिक भास्कर ने मामले को लेकर डीएसओ महेंद्र सिंह नूनिया से बात की तो उन्होंने कहा-पेट्राेल पंप वाले भी बाेतल में भरकर पेट्रोल बेच नहीं सकते हैं। किराना व जनरल स्टाेर की दुकानें विभाग के अधीन नहीं आती। फिर भी यदि इन दुकानों पर इस तरह से पेट्रोल बेचा जा रहा है ताे मामले काे प्रमुखता से दिखवाया जाएगा।

पेट्रोल बेचने के लिए विस्फोटक लाइसेंस लेना पड़ता है : एसोसिएशन
सीकर पेट्रोलियम डीलर्स एसो. के जिला महासचिव अरुण फागलवा का कहना है कि पेट्राेल-डीजल बेचने के लिए एक्सप्लोसिव लाइसेंस लेना पड़ता है। पेट्राेल-डीजल खुला बेचने के लिए टैंक का लाइसेंस भी लेना पड़ता है। वैसे-सरकार दुकानों पर पेट्रोल खुला बेचने के लिए लाइसेंस जारी नहीं करती है। अगर काेई बाेतल में पेट्रोल डालकर बेचता है तो हादसे की आशंका भी है।

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