• Hindi News
  • Local
  • Rajasthan
  • Sikar
  • BJP District President Shrugged Off The Target, 'insulted Not Only The Teachers Who Came To The Residence But Also The Women Power'

शिक्षामंत्री पर हमलावर भाजपा:भाजपा जिलाध्यक्ष ने कहा- आवास पर आए ​शिक्षकों का ही नहीं नारी शक्ति का भी अपमान किया

सीकर9 महीने पहले
  • कॉपी लिंक
सीकर जिलाध्यक्ष इंद्रा चौधरी ने शिक्षा मंत्री के व्यवहार को गलत बताते हुए महिला विरोधी भी करार दिया। - Dainik Bhaskar
सीकर जिलाध्यक्ष इंद्रा चौधरी ने शिक्षा मंत्री के व्यवहार को गलत बताते हुए महिला विरोधी भी करार दिया।

ज्ञापन देने आए शिक्षकों के साथ शिक्षा मंत्री गोविंदसिंह डोटासरा के व्यवहार को लेकर भाजपा हमलावर हो गई है। जहां प्रदेशाध्यक्ष डॉ. सतीश पूनिया, पूर्व शिक्षामंत्री वासुदेव देवनानी ने उनके व्यवहार को लेकर बयान जारी किए, वहीं सीकर जिलाध्यक्ष इंद्रा चौधरी ने उनके व्यवहार को गलत बताते हुए महिला विरोधी भी करार दिया।

भाजपा नेता ने शिक्षा मंत्री डोटासरा के घर में ज्ञापन देने गए शिक्षकों को अपमान भरे शब्द बोलने पर कड़ी आपत्ति दर्ज करवाते हुए कहा है कि डोटासरा ने शिक्षकों का अपमान करके ओछी मानसिकता दर्शाई है, इसे शिक्षक जगत कभी माफ नहीं करेगा। चौधरी ने कहा कि शेखावाटी की परंपरा रही है कि घर आए मेहमान को अतिथि देवो भव का दर्जा दिया जाता है, लेकिन डोटासरा ने घर आए शिक्षकों को डोटासरा ने अपशब्द बोलकर अपमानित किया है।

जिलाध्यक्ष इंद्रा चौधरी ने कहा कि शिक्षा मंत्री ने उनका घर नाथी का बाड़ा नहीं है यह कोई जुमला नहीं है, यह तो एक साधारण महिला के नाम का प्रतीक है। महिलाओं के स्वामित्व वाले स्थान का नाम है जिसका डोटासरा ने मखौल उड़ाया है। यह शिक्षामंत्री के पद पर बैठे डोटासरा को शोभा नहीं देता है कि वो नाथी शब्द का इस्तेमाल करके शिक्षकों को फटकार लगाए।

उन्होंने कहा कि जब एक राजनेता चुनावों के समय वोट मांगने सभी दलों के समर्थित मतदाताओं के घरों जाते हैं तो आम मतदाता भी सभी का सम्मान करते हुए उन्हीं को समर्थन देने की बात कहता है, फिर चाहे वह वोट किसी को भी दें। जबकि डोटासरा के घर पर तो शिक्षा मंत्री के नाते शिक्षक ही अपनी मांगों का ज्ञापन देने गए थे। जबकि उसी दिन शिक्षामंत्री घर से स्कूली बच्चियों को भी लैपटॉप बांटने का काम किया था।

भाजपा जिलाध्यक्ष ने कहा कि डोटासरा के इस वक्तव्य के बाद संपूर्ण शिक्षक जगत और महिलाओं में रोष व्याप्त है। शिक्षा मंत्री को अपनी बात का खंडन करते हुए महिलाओं और शिक्षकों से माफी मांगते हुए क्षमा याचना करनी चाहिए। यदि डोटासरा महिलाओं और शिक्षकों के प्रति इसी तरह से रूखा रवैया अपनाते हुए अमर्यादित भाषा बोलते रहे तो महिलाएं, शिक्षक व भाजपा चुप नहीं बैठेगी।

खबरें और भी हैं...