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आटा साटा प्रथा बनी गलफांस:सुभिता की शादी को मुद्दा बनाने में जुटी भाजपा, सांसद, जिलाध्यक्ष और उपजिला प्रमुख हुए सक्रिय; पुलिस के पास नहीं है गिरफ्तारी का कोई ठोस कारण, शांति भंग में पकड़े लोगों को जमानत पर छोड़ा

सीकर4 महीने पहले
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पीड़ित परिवार से मिलते सांसद, � - Dainik Bhaskar
पीड़ित परिवार से मिलते सांसद, �

आटा साटा प्रथा अब कई डिपार्टमेंट के लिए गलफांस बन गई है। सीकर में बगैर मुद्दे के चल रही भाजपा को सक्रिय होने का एक अवसर​ दिखाई दे रहा है। इसमें पीड़िता को न्याय नहीं मिला। अब इसी मामले को लेकर सांसद, जिलाध्यक्ष और उपजिलाप्रमुख सक्रिय हो गए है। सांसद ने तो मामले को महिला अत्याचार से जोड़कर आंदोलन चलाने का एलान भी कर दिया है।

वहीं मामला सीकर पुलिस के लिए गले ही हड्डी बन गया है। सबसे बड़ा आरोप तो यह है कि जब पुलिस इस मामले में सीधे तौर पर कोई कार्रवाई नहीं कर सकती थी तो पीड़ित को तीन दिन तक भ्रम में क्यों रखा। कानून के भरोसे पीड़ित बैठा रहा और आरोपी को जो करना था वह करता रहा। ऐसे में आरोपी को शह देने के पुलिस पर आरोप भी लग रहे है।

एसपी कुंवर राष्ट्रदीप का कहना है कि जबरन किसी को कोई काम करने से नहीं रोक सकते। हां यह सही है कि सुभिता की शादी अजय के साथ मानी जाएगी। क्योंकि वरमाला ओर स्टेज प्रोग्राम को ही कानूनी तौर पर शादी मानी जाएगी। इसलिए अजय ने जो कंचन के साथ शादी की है वह अवैध है। ऐसे में शादी नहीं मानकर लिवइन माना जाएगा।इस मामले में कोर्ट से आरोपी पर कार्रवाई हो सकती है।

बता दे कि तारपुरा गांव निवासी किसान सुरजाराम जांगिड़ की बेटी सुभीता की बुगाला से तीन जुलाई को बारात आई। जो विवाद होने पर फेरों से पहले ही लौट गई। इसके बाद सुभीता के भाई पंकज की शादी बजावा गांव निवासी जिस कंचन से होनी थी, सोमवार को अजय ने उससे शादी कर ली। अब उसी कंचन के दो भाई वीरेन्द्र व जितेन्द्र बुधवार को अजय की दो बहनों को प्रियांशु व किस्मत की शादी तय बताई जा रही है।

सांसद सुमेधानंद सरस्वती का कहना है कि लोकतंत्र में अपनी मांग रखने के लिए थाने के बाहर धरना देना गलत नहीं है। सत्ता के बल पर न्याय के लिए उठने वाली आवाज को नहीं दबाने दिया जाएगा। इस मामले में गरीब परिवार से दहेज में गाड़ी और रुपए की मांग की गई। बाद में बारात लेकर चले गए। दुल्हन बनी युवती न्याय के लिए दो दिन तक थाने के चक्कर काटती रही। उसकी एफआईआर तक दर्ज नहीं की गई। अब पुलिस उच्चाधिकारियों को बरगला रही है। न्याय नहीं मिलने पर बड़ा आंदोलन किया जाएगा।

भाजपा जिलाध्यक्ष इंदिरा चौधरी ने भी पीड़िता के घर पर जाकर कहा है कि शांति से टेंट लगाकर बैठे पीडि़त परिवार के टेंट को उखाडकऱ उकसाने की कार्रवाई की है। इस मामले में पुलिस का संवेदनहीन चेहरा सामने आया है। स्थिति यह है कि पुलिस की ढिलाई के चलते फेरे छोडकऱ जाने वाले दूल्हे ने दूसरी शादी भी कर ली। पुलिस दोषी दूल्हे व उसके परिजनों के खिलाफ कार्रवाई करने की बजाय पीडि़त आवाज को दबाने का प्रयास कर रही है। हम पीडि़त परिवार के साथ है और न्याय के लिए मजबूती से लड़ेंगे।

मामला तूल पकडऩे पर दादिया पुलिस आरोपी दूल्हे अजय के घर पहुंची। लेकिन पुलिस को अजय और उसके पिता महेश जांगिड़ नहीं मिले। खास बात ये कि अजय ने सोमवार को बजावा गांव में जिस कंचन से शादी की थी उसके दो भाइयों की शादी बुधवार को अजय की दो बहनों से आज होगी।

गिरफ्तारी के बाद भी धरना जारी
पीड़ित परिवार और उनके समर्थन में आए लोगों ने बताया कि भले की पुलिस हमें गिरफ्तार कर दबाने का प्रयास करें, लेकिन हम अपना विरोध जारी रखेंगे। पुलिस अपने काम को नहींं कर पाई अब उसको दबाने के लिए पीड़ित के समर्थन में आए लोगों को गिरफ्तार कर रही है। धरना आज भी जारी है।

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