पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें
  • Hindi News
  • Local
  • Rajasthan
  • Sikar
  • BJP Objected To Shifting The Oxygen Plant To Palsana, The Collector Said, A Big Plant Can Be Set Up In The Industrial Zone Only

आपत्ति:ऑक्सीजन प्लांट को पलसाना शिफ्ट करने पर भाजपा को आपत्ति कलेक्टर बोले, इंडस्ट्रियल जोन में ही लगाया जा सकता है बड़ा प्लांट

सीकर13 दिन पहले
  • कॉपी लिंक
प्रतीकात्मक फोटो - Dainik Bhaskar
प्रतीकात्मक फोटो
  • आज पलसाना में प्लांट का भूमि पूजन किया जाएगा, भाजपा जिलाध्यक्ष ने प्लांट शिफ्ट करने को जनता के साथ धोखा बताया

जिले में भामाशाहों के योगदान से सांवली मेडिकल कॉलेज में प्रस्तावित ऑक्सीजन प्लांट को पलसाना रीको एरिया में शिफ्ट किए जाने पर भाजपा सहित अन्य भामाशाहों ने सवाल उठाया है। इन्होंने आपत्ति जताई कि मेडिकल कॉलेज में प्लांट के नाम पर लोगों ने दिल खोलकर आर्थिक सहयोग दिया तो उसे शिफ्ट क्यों किया जा रहा है। प्रशासन का तर्क है कि यह बड़ा बहुत प्लांट है। मेडिकल कॉलेज सेफ जोन में होता है।

वहां सिलेंडर रिफिलिंग किया जाना संभव नहीं है। प्लांट पूरे जिलेभर के अस्पतालों के काम आ सके। इस उदेश्य से इसे पलसाना में लगाया जा रहा है। यह प्रदेश का पहला सबसे बड़ा प्लांट होगा। सोमवार को भूमि पूजन होगा। 20 दिन में इसे चालू कर दिया जाएगा। भाजपा जिला अध्यक्ष इंदिरा चौधरी ने कहा, मेडिकल कॉलेज में ऑक्सीजन प्लांट के लिए जिले के भामाशाहों ने दिल खोलकर पैसे दिए। मई अंत तक प्लांट शुरू करने का दावा किया। अब प्लांट पलसाना में बनाया जाना गलत है। जनता के साथ धोखा क्यों किया जा रहा है?

रींगस में गैस रिफिल स्टेशन पर प्लांट लगाने का प्रस्ताव रींगस में प्लांट संचालित करने वाली प्रोग्रेसिव एयर प्रोडक्ट लिमिटेड ने रींगस में कंपनी की जमीन पर प्लांट लगाने का प्रस्ताव प्रशासन को दिया है। कंपनी प्रतिनिधि भंवरसिंह महला ने बताया कि यहां 800 सिलेंडर हर दिन रिफिल किए जाते हैं। प्रशासन यहां प्लांट लगता है तो सिर्फ तरल गैस प्लांट ही लगाना होगा। बाकि पूरा सिस्टम पहले से संचालित है।

कलेक्टर बोले- 700 सिलेंडर रिफिलिंग क्षमता का प्लांट इंडस्ट्रियल कैटेगरी में आता है
कलेक्टर अविचल चतुर्वेदी ने प्लांट शिफ्ट करने के बारे में कहा कि शुरुआती चरण में प्लांट की पूरी जानकारी नहीं थी। एक्सपर्ट से बात करने पर स्थिति क्लियर हुई। पलसाना से यह जिलेभर के काम आएगा। 700 सिलेंडर रिफिलिंग क्षमता का प्लांट इंडस्ट्रीयल कैटेगरी में आता है। इसके लिए बड़ी बिजली लाइन सहित अन्य तकनीकी चीजें जरूरी होती है। मेडिकल कॉलेज के आस-पास लगाने में बिजली लाइन सहित अन्य खर्च ज्यादा आ रहा था।

पलसाना में इस पैसे की बचत होगी। मेडिकल कॉलेज में सरकार द्वारा जनरेशन प्लांट स्वीकृत है। जो सीधे बेड तक ऑक्सीजन देगा। बड़े प्लांट से सीधी सप्लाई संभव मुश्किल। प्लांट से सिलेंडर रिफिलिंग के दौरान ट्रकों का आवागमन और 24 घंटे प्लांट की आवाज से मरीजों को तकलीफ होना स्वभाविक है।

उन्होंने कहा कि संकट की घड़ी में जिले के लोगों ने शानदार सहयोग दिया है। ऑक्सीजन प्लांट के लिए मिले पैसों को इसी काम में लिया जाएगा। एक्सपर्ट से बात करने के बाद स्पष्ट हुआ कि तकनीकी कारणों से मेडिकल कॉलेज में प्लांट लगाना संभव नहीं है। पलसाना क्षेत्र भी हमारे जिले का हिस्सा है। वहां से पूरे जिले के अस्पतालों को ऑक्सीजन सिलेंडर मिलेंगे। इस संबंध में किसी को कोई शंका या सवाल है तो प्रशासन उसे संतुष्ट करेगा।

प्लांट पर भाजपा ओछी मानसिकता से राजनीति कर रही : डोटासरा
सीकर में जिस तरह का ऑक्सीजन प्लांट प्रशासन तैयार कर रहा है। वह पूरे प्रदेश में एक मिसाल है। यह बॉटलिंग प्लांट होने से मेडिकल कॉलेज में डिस्टरबेंस पैदा करता है। मेडिकल कॉलेज की जरूरत के हिसाब से वहां सरकार से जनरेशन प्लांट मंजूर है। पलसाना में लगने से हजारों लोगों का जनसहयोग पूरे जिले के काम आएगा। भाजपा ओछी मानसिकता के साथ इस पर राजनीति कर रही है। जो गलत है।
गोविंदसिंह डोटासरा, शिक्षामंत्री

खबरें और भी हैं...