रीट एग्जाम शांतिपूर्ण संपन्न:आसान रहे दोनों पेपर, लेवल-फर्स्ट में 120 से 125 अंक पर मिल सकता है माैका, सैकंड में 115 से 120 रहेगी कटऑफ

सीकर25 दिन पहले
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परीक्षा छूटी, तो आंसू निकल आए - Dainik Bhaskar
परीक्षा छूटी, तो आंसू निकल आए
  • सुबह आठ की बजाय तड़के 3.30 बजे ही बंद हो गया इंटरनेट
  • लेवल फर्स्ट में 68557 व लेवल सैकंड में 69504 अभ्यर्थियों ने दी परीक्षा
  • एक्सपर्ट पैनल के अनुसार आसान थे दोनों लेवल के पेपर, इसलिए पिछली बार से ज्यादा रहेगी कटऑफ
  • एग्जाम के बाद अभ्यर्थियाें की सकुशल घर वापसी शुरू, परीक्षार्थी बोले-संस्थाओं का स्वागत-सत्कार के लिए शुक्रिया

जिले के 232 परीक्षा केंद्राें पर रविवार को रीट परीक्षा शांतिपूर्ण संपन्न हुई। लेवल फर्स्ट में 76970 में से 68557 व लेवल सैकंड में 76971 में से 69504 अभ्यर्थी बैठे। परीक्षा से डेढ़ घंटे पहले अभ्यर्थी सेंटर्स पर पहुंचना शुरू हाे गए। इधर, सुबह 8 से शाम 5 बजे तक इंटरनेट बंद रखना था, लेकिन रविवार तड़के 3.30 बजे ही इंटरनेट बंद कर दिया गया।

एक्सपर्ट्स के अनुसार पिछली रीट परीक्षा की तुलना पेपर आसान रहे, इसलिए इस बार कट ऑफ ज्यादा रहेगी। लेवल फर्स्ट में 120 से 125 व लेवल सैकंड की कट ऑफ 115 से 120 अंकों तक रहने की संभावना है। पिछली बार औसतन फर्स्ट लेवल 105 व लेवल सैकंड में 110 अंकों पर सलेक्शन हुआ था। निगेटिव मार्किंग नहीं होने से ज्यादातर स्टूडेंट्स से सभी 150 सवाल हल किए। पेपर के लिए ढाई घंटे का समय पर्याप्त रहा, क्योंकि नियमित तैयारी कर रहे स्टूडेंट्स ने पेपर को कम समय में हल कर लिया। सिर्फ मैथ्स में कुछ अतिरिक्त समय लगा।

शिक्षण विधियों के सवाल आसान रहे। लेवल फर्स्ट का पेपर आसान रहा। इसमें बीएड अभ्यर्थियों को एग्जाम में शामिल करने से मैरिट ज्यादा रहने की संभावना है। क्योंकि बीएडधारी ज्यादातर अभ्यर्थियों ने बड़े सिलेबस काे लेकर लेवल सैकंड के साथ लेवल फर्स्ट की तैयारी की थी।

परीक्षा छूटी, तो आंसू निकल आए

सीकर में एसके गर्ल्स कॉलेज में तीन युवतियां पहुंचीं तो सेंटर का गेट बंद हो चुका था। इस पर तीनों कॉलेज गेट पर रोने लगीं। लोहे के गेट को पीटती रहीं। इन्होंने बताया कि सेंटर पर परीक्षा शुरू होने से 10 मिनट पहले आ गईं थीं। उन्हें गार्ड ने कहा कि पीछे वाले गेट पर चले जाओ। वे पीछे के गेट पर पहुंची, तो गार्ड ने अंदर जाने नहीं दिया। वे वापस मेन गेट पर आईं तो वहां से भी अंदर जाने नहीं दिया।

पंजाबी की जगह दे दिया संस्कृत का पेपर

हनुमानगढ़ की सराेज का सेंटर लोसल के सुमित्रा मेमोरियल काॅलेज में आया था। सराेज ने शिकायत दी कि उसे पंजाबी की जगह संस्कृत भाषा का पेपर दिया गया। डीईओं रामचंद्र पिलानियां का कहना है कि रिजर्व बंडल में पंजाबी के पेपर थे। इस छात्रा ने पेपर शुरू हाेने के 20 से 25 मिनट बाद गलत भाषा का पेपर हाेने की शिकायत दी। इसके बाद छात्रा काे पंजाबी भाषा का पेपर दिया गया।

भास्कर एनालिसिस

लेवल-1 : साइंस वालों को मिलेगा फायदा

पेपर आसान रहा। पहले भाग में बाल विकास व पेडागोजी के 30 सवाल पूछे गए। मनोविज्ञान के प्रश्न सामान्य थे। भाषा प्रथम व द्वितीय के रूप में हिंदी, अंग्रेजी, संस्कृत व उर्दू भाषा के 60 प्रश्न सामान्य रहे। मैथ्स के सवालों का स्तर भी सामान्य रहा। पर्यावरण भाग में मानविकी, विज्ञान, शिक्षण विधियां व राजस्थान संस्कृति से संबंधित प्रश्न पूछे गए। लेवल फर्स्ट में आर्ट्स की तुलना साइंस स्टूडेंट्स आगे रह सकते हैं। क्योंकि इसमें 90 सवाल सबके लिए कॉमन थे। बचे हुए 60 सवालों में ज्यादा साइंस मैथ्स आधारित थे। ऐसे में लेवल सैकंड की एग्जाम देने वाले साइंस वर्ग के परीक्षार्थियों को अच्छी तैयारी का फायदा लेवल फर्स्ट में मिला।

लेवल-2 : आसान रहे पेपर के सभी पार्ट

पहले खण्ड में 90 में से 75 प्रश्नों के आसपास सलेक्शन की दौड़ में शामिल स्टूडेंट सही जवाब तक पहुंच जाएंगे। चौथा खण्ड साइंस, मैथ्स और एसएसटी का था। इसमें लगभग 60 में से 40-45 प्रश्नों को स्टूडेंट हल कर पाए। ये सवाल पिछली रीट की तुलना आसान थे। ऐसे में औसत 22 से 25 सवाल सही हाेने का अनुमान है। भूगोल, राजव्यवस्था, अर्थ व्यवस्था तथा शिक्षण विधियों के प्रश्न औसत रहे। इस बार करंट जीके के सवाल नहीं थे। साइको के सवाल भी औसत रहे। स्टूडेंट्स अंग्रेजी भाषा में दाे दो प्रश्न सिलेबस से बाहर मान रहे हैं। कुल मिलाकर 150 प्रश्नों के इस पेपर में जो 115-125 उत्तर सही दे देगा, उसका सलेक्शन हो सकता है।

सीकर या शेखावाटी जुड़ा सवाल : लेवल सैकंड सामाजिक पार्ट में पूछा किया गया श्रीमती किशोरी देवी का संबंध किस किसान आंदोलन से था। इसका जवाब सीकर था। किस छतरी को शेखावाटी की सबसे बड़ी छतरी माना जाता है। इसका सही ऑप्शन था- रामगोपाल पौद्दार की छतरी।

एक्सपर्ट पैनल

राजीव बगड़िया-आर्ट्स के एक्सपर्ट,गणपत सिंह-इतिहास के एक्सपर्ट,कमल फगेड़िया-मैथ्स के एक्सपर्ट

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