पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

Install App
  • Hindi News
  • Local
  • Rajasthan
  • Sikar
  • Brokerage By The Faith Of The Devotees, The People Who Appeared With The Money Under The Guise Of Online System, Activated

Ads से है परेशान? बिना Ads खबरों के लिए इनस्टॉल करें दैनिक भास्कर ऐप

श्याम दर्शन का काराेबार:भक्ताें की आस्था से दलाली, ऑनलाइन व्यवस्था की आड़ में रुपए लेकर दर्शन कराने वाले लपके सक्रिय

सीकर7 दिन पहलेलेखक: यादवेंद्रसिंह राठौड़ और राजेश सिंघल
  • कॉपी लिंक
यह सबसे बड़ा चोर दरवाजा। यहीं से बड़ी संख्या में लोगों को बिना रजिस्ट्रेशन वीआईपी दर्शन के लिए एंट्री दी जाती है। - Dainik Bhaskar
यह सबसे बड़ा चोर दरवाजा। यहीं से बड़ी संख्या में लोगों को बिना रजिस्ट्रेशन वीआईपी दर्शन के लिए एंट्री दी जाती है।
  • शिकायताें को जांचने भास्कर के दाे रिपाेर्टराें ने बिना ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन 1 हजार रुपए देकर किए वीआईपी दर्शन
  • देवस्थान मंत्री के ही इलाके में श्याम भक्ताें से दशर्नाें के नाम पर खुली वसूली, आए दिन शिकायतें, फिर भी चुप्पी का राज क्या?

खाटूश्यामजी मंदिर ट्रस्ट भक्तों की आस्था के साथ छलावा कर रहा है। आस्था की कीमत लगाई जा रही है। पांच सौ रुपए से लेकर हजारों तक। रुपए लेकर उन्हें चोर रास्तों से मंदिर के गर्भगृह तक ले जाकर वीआईपी दर्शन कराए जा रहे हैं। वहीं जो लाेग ऑनलाइन बुकिंग से दर्शन के लिए आ रहे हैं वे कतारों में धक्के खा रहे हैं।

कलेक्टर अविचल चतुर्वेदी ने वीआईपी दर्शनों पर पूर्णतया पाबंदी लगाई थी। ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन के बगैर किसी को दर्शन नहीं कराए जा सकते। लेकिन हकीकत में कोई नियम, कानून या व्यवस्था है ही नहीं। दैनिक भास्कर टीम ने शुक्रवार व शनिवार को 2 दिन तक स्टिंग किया तो यह खुलासा हुआ।

चौंकाने वाली बात यह है कि इसका पूरा सिस्टम सैट है। इसमें मंदिर के कर्मचारी भी शामिल हैं तो पदाधिकारियों की भूमिका भी सवालों के घेरे में है। इन चेहरों से भास्कर टीम की मुलाकात मंदिर के निकट पहुंचते ही हो गई। पहले दिन एक मिठाई की दुकान वाले, एक रिक्शा चालक व एक अनजान आदमी ने ऑफर दे दिया। उनसे परिवार सहित बढ़िया दर्शन की बात की तो उन्होंने एक होटल का नाम बता दिया। दूसरे दिन होटल के कर्मचारियों के जरिये 500-500 रुपए में दर्शन किए।
कोविड के नाम पर सख्ती, लेकिन ये तस्वीरें देखिए, न मास्क, न ही डिस्टेंसिंग

नियम है कि 10 से छोटे व 65 साल से ज्यादा को दर्शन नहीं होंगे। सेवक परिवार के घर सेे वीआईपी दर्शन में ये नियम लागू नहीं। फोटो में 65 साल से ज्यादा एक बीमार व्यक्ति बिना मास्क दर्शन कर बाहर निकला।
नियम है कि 10 से छोटे व 65 साल से ज्यादा को दर्शन नहीं होंगे। सेवक परिवार के घर सेे वीआईपी दर्शन में ये नियम लागू नहीं। फोटो में 65 साल से ज्यादा एक बीमार व्यक्ति बिना मास्क दर्शन कर बाहर निकला।

कोविड में लंबे समय तक मंदिर बंद रहा। बाद में 11 नवंबर से ऑनलाइन बुकिंग वालों के लिए ही दर्शन खोले गए। जिसमें कोविड नियमों की पालना जरूरी बताई गई है। लेकिन दर्शनों के लिए आने वाले आधे से ज्यादा श्रद्धालुओं के मुंह पर मास्क ही नहीं है। साथ ही अव्यवस्थाओं और बेहिसाब भीड़ के चलते डिस्टेंसिंग भी नहीं हो रही।

भास्कर मुद्‌दा

बाबा श्याम और भक्ताें के बीच में अव्यवस्था की दीवारें क्याें‌? हर साल कराेड़ाें का चढ़ावा, फिर भी आसानी से दर्शनों की व्यवस्था नहीं कर सकते तो ऐसे ट्रस्ट को भंग कर टेंपल बोर्ड क्यों नहीं बना देते

मंत्रीजी, कलेक्टर साहब, खाटू का बच्चा-बच्चा जानता है वीआईपी दर्शन की चाेर गलियां आपको क्यों नहीं दिख रही?

बाबा श्याम के भक्तों की आस्था बेमिसाल है। रुपयाें से ज्यादा उसके लिए दर्शन कीमती हैं। यह उसका श्याम प्रेम समझें या आस्था, वे सैकड़ों किमी दूर से हजारों रुपए खर्च कर यहां दर्शन की आस में आते हैं। खाली हाथ नहीं लौटना चाहते। लेकिन यहां आसानी से दर्शन मिलते नहीं। श्रद्धालुओं की इसी मजबूरी का फायदा उठाया जा रहा है।

भक्तों को भी गलियां ढूंढनी पड़ती हैं जो अब जगजाहिर हैं यह कारोबार का सिस्टम बन गया है। खाटू में कुछ होटलें बनी ही इसलिए हैं। महंगे दामों में होटल बुक कराइए, कुछ अतिरिक्त भेंट-पूजा कीजिए, आपको वीआईपी दर्शन मिल जाएंगे। यहां की पुलिस भी इसी व्यवस्था में ही उलझी है। थाने में हर वक्त दर्शनार्थियों की भीड़ लगी रहती है। धर्मशाला, प्रसाद की दुकानें, रिक्शाचालक तक आपको सड़क चलते हुए पूछ रहे हैं कि दर्शन करना है क्या‌? 500 रुपए लगेंगे।

आस्था के दलाल कर रहे लोगों की भक्ति का अपमान, 2 लाेगों के 1000 रु. लिए, गार्ड ने कहा-कोई नहीं राेकेगा, सीधे चले जाओ

एक तरफ सैकड़ों श्रद्धालु हजारों किमी दूर से दर्शन की आस में मंदिर के बाहर कतारों में धक्के खाते हैं, वहीं मंदिर प्रबंधन वीआईपी के नाम ऐसी अव्यवस्थाएं फैला रहा है।
एक तरफ सैकड़ों श्रद्धालु हजारों किमी दूर से दर्शन की आस में मंदिर के बाहर कतारों में धक्के खाते हैं, वहीं मंदिर प्रबंधन वीआईपी के नाम ऐसी अव्यवस्थाएं फैला रहा है।

भास्कर टीम होटल के पास पहुंची तो एक व्यक्ति मिला। उसने पूछा-क्या हुआ। टीम ने बताया कि बाबा के दर्शन नहीं हो पा रहे। उसने होटल के सामने भेजा। वहां खड़े व्यक्ति ने सीधे ही कहा प्रति व्यक्ति 500 रुपए लगेंगे। उसने 1000 रुपए ले लिए। वह व्यक्ति वीआईपी दर्शनों की लाइन तक ले गया। एक गार्ड को फोन किया कि व्यवस्था हो गई है।

फोन पर उसने कहा-एक व्यक्ति के सिर पर टोपी है। दूसरे के सिर पर बाल कम हैं। गार्ड ने कहा-आप बेफिक्र होकर आगे चले जाओ। कोई नहीं रोकेगा। यहां मंदिर ट्रस्ट के ऑफिस होते हुए एक रास्ते से ले जाया गया जो गर्भगृह की चौखट तक जाता है। इस दौरान किसी ने न तो परिचय पूछा। और न ही ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन मांगा। हमारे देखते-देखते एक घंटे में उस व्यक्ति ने इसी तरह 30-35 लोगों को दर्शन कराए।

मंदिर प्रबंधन की विफलता : ट्रस्टियों की शह के बिना कार्मिक यह सब नहीं कर सकते
कोषाध्यक्ष कालूसिंह चौहान का कहना है कि ऐसी शिकायतें हमारे पास भी आई हैं। कई बार ऐसे लोगों को पकड़ा भी है। इनके लिए कोई नया प्रावधान लाकर रोकने का प्रयास करेंगे। ट्रस्ट इससे पल्ला नहीं झाड़ सकता। खुलेआम चोर दरवाजों से दर्शन के लिए भीड़ बढ़ रही है। लोग रुपए मांग रहे हैं। पदाधिकारियों की शह के बिना नहीं हो सकता।
मंत्रीजी, जांच के बहाने टालो मत, श्रद्धालुओं को दर्शन व सुविधाएं ही चाहिए
भास्कर ने देवस्थान मंत्री गोविंद सिंह डोटासरा से बात की। उन्होंने कहा कि इतनी अव्यवस्थाएं हैं तो जांच करवाएंगे। पहले आई शिकायतों की जांच चल रही है। लेकिन यह जवाब सिर्फ टालने वाला है। श्रद्धालुओं को राजनीति, ट्रस्ट और प्रशासन से कोई मतलब नहीं। सिर्फ दर्शन चाहिए।

कलेक्टर साहब! इस तरह कराएंगे खाटूश्यामजी का लक्खी मेला?

1. खाटूश्यामजी थाना के आरएससी के जवान और ट्रस्ट के गार्ड भी बीच-बीच में से अपने जानकारों को बीच लाइन में घुसाकर दर्शन कराते हैं। 2. प्रसाद, फूल मालाएं, गुलाब के फूल, नारियल, निशान अर्पित पर रोक है, लेकिन तस्वीरें दावों का सच दिखा रही हैं। 3. शनिवार को एक पटवारी आरएसी जवान हरिसिंह से उलझ गया। दोनों जवान हट गए तो बीच लाइनों में घुसने के लिए भगदड़ मच गई। 4. जिगजेग के मुख्य प्रवेश द्वार पर एक छाेटा सा गेट बना रखा है, जिससे भी श्रद्धालुओं को डायरेक्ट दर्शनों के लिए प्रवेश दिया जा रहा था।

ऑनलाइन बुकिंग वाले भक्त धक्के खाने को मजबूर, रुपए-सिफारिश वाले गर्भगृह तक
कोविड के नाम पर ट्रस्ट ने एक दिन में सिर्फ 7200 लोगों को दर्शन करवाने का दावा किया। सचाई यह है कि कई हजार लोग यहां प्रतिदिन दर्शन करते हैं। ऑनलाइन दर्शनों के लिए जब भी चैक करते हैं, हाउसफुल रहता है। जो बुकिंग करवाते हैं वे छले जाते हैं। उन्हें लंबी जिगजैग कतारों में इंतजार के बाद बाबा श्याम के दर्शन मिलते हैं। वह भी सिर्फ एक झलकी।

वहीं लपकों के माध्यम से रुपए देकर आने वालों को वीआईपी रास्तों से मंदिर के गर्भगृह की चौखट तक ले जाकर दर्शन करवाया जाता है। मोटा रुपया या गिफ्ट दी है तो स्पेशल ट्रीटमेंट अलग से। जितने श्रद्धालु मुख्य द्वार से कतारों में लगकर दर्शन करते हैं उससे कई गुना ज्यादा चोर दरवाजों से दर्शन करते हैं। और इसके लिए जरूरी है रुपए, भेंट या एप्रोच।

खबरें और भी हैं...

    आज का राशिफल

    मेष
    Rashi - मेष|Aries - Dainik Bhaskar
    मेष|Aries

    पॉजिटिव- आपकी सकारात्मक और संतुलित सोच द्वारा कुछ समय से चल रही परेशानियों का हल निकलेगा। आप एक नई ऊर्जा के साथ अपने कार्यों के प्रति ध्यान केंद्रित कर पाएंगे। अगर किसी कोर्ट केस संबंधी कार्यवाही चल र...

    और पढ़ें