अधिकारी से पूछा- वह आईएस कैसे बनी:राष्ट्रीय बालिका दिवस पर केंद्र का वर्चुअल प्रोग्राम, सीकर की विकलांग एथलीट ने लिया भाग

सीकर4 महीने पहले
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राष्ट्रीय बालिका दिवस पर आज केंद्र सरकार के शिक्षा विभाग की ओर से ऑनलाइन कार्यक्रम हुआ। सरकारी, सेंटर और नवोदय स्कूल में पढ़ने वाली 75 लड़कियां वर्चुअल प्रोग्राम में शामिल हुई। कई क्षेत्रों में नाम कमाने वाली प्रतिभावान बेटियों से बात की गई। राजस्थान से केवल सीकर के खाटूश्यामजी की पूजा सीमार शामिल हुई। पूजा ने बताया कि विकलांग होने पर लोग ताने मारते थे। बातों को नजरअंदाज कर केवल अपने सपने पर फोकस रखा। विकलांग होते हुए नेशनल लेवल की दौड़ प्रतियोगिता में हिस्सा लिया था। अब तक स्टेट और नेशनल लेवल प्रतियोगिता में आठ मेडल जीत चुकी है। नेशनल एक गोल्ड मेडल जीता है। पूजा ने कहा कि वह आईएएस बनना चाहती है।

कार्यक्रम में वर्चुअल रूप से शामिल।
कार्यक्रम में वर्चुअल रूप से शामिल।

अधिकारी से पूछा- वह आईएस कैसे बनी
खाटूश्यामजी में रहने वाली पूजा सीमार ने बताया कि वह भारतीय टीम में शामिल होकर दौड़ना चाहती है। पढ़-लिखकर देश की सेवा करना चाहती है। कार्यक्रम में शामिल आईएस अधिकारी ईरा सिंघल से पूजा से बात की। पूजा ने पूछा कि- वह आईएस कैसे बनी। सिंघल ने जवाब दिया कि वह एक निजी कंपनी में काम करती थी। कई बार दिन में 20 घंटे भी काम करना पड़ता था। तब आईएस बनने का सोचा और तैयारी शुरू कर दी। नियमित पढ़ाई और फोकस से आईएस में सलेक्शन हुआ।

पढ़ाई में भी है होशियार
फिलहाल पूजा सीमार 11th क्लास में सीकर के गोकुलपुरा के सरकारी स्कूल में पढ़ रही है। प्रिंसिपल बनवारीलाल ने बताया कि पूजा एथलीट होने के साथ ही पढ़ाई में भी होशियार है। दसवीं क्लास में भी 78 प्रतिशत अंक हासिल किए थे। कार्यक्रम में राजस्थान से केवल हमारे स्कूल की स्टूडेंट का सलेक्शन होना, गर्व की बात है।