सफाई का कचरा:65 में से 23 वार्डों में नगर परिषद फेल, घरों के सामने हमेशा रहती है गंदगी; सिर्फ 10 वार्डों में है

सीकर2 महीने पहले
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परशुराम पार्क के पास जमा कचरा। - Dainik Bhaskar
परशुराम पार्क के पास जमा कचरा।

स्वच्छता सर्वे में तीसरे पायदान पर था सीकर अफसर बोले-कमजोर सिटीजन फीडबैक के कारण हुआ था ऐसा देशभर में हाल ही में जारी की गई स्वच्छता रैंकिंग में सीकर एक स्थान फिसलकर तीसरे पायदान पर पहुंच गया। जिम्मेदार अफसर सफाई व्यवस्था में पिछड़ने का सबसे बड़ा कारण आमजन के कमजोर फीडबैक को मान रहे हैं, क्योंकि सिटीजन फीड बैक में 1800 में से महज 1057 अंक मिले थे। शहर में सफाई व्यवस्था की हकीकत जांचने के लिए दैनिक भास्कर की टीम ने शहर के 65 वार्डों में सबसे बड़ा स्वच्छता सर्वे किया।

भास्कर टीम ने चार दिन में 27 वार्डाें का जायजा लिया, जबकि 38 वार्डों में शहर के प्रबुद्धजनों से ही सर्वे करवाया। सर्वे में 65 में से 23 वार्डों के लोगों ने सफाई व्यवस्था को बेहद घटिया बताया। उन्होंने कहा कि बार-बार फोन करने के बाद भी सफाई कर्मी नहीं आते हैं। घर-दुकान के बाहर कचरे के ढेर लगे रहते हैं। 32 वार्डों के लोगों ने सफाई को औसत बताया। वहीं 10 वार्डों में सफाई शानदार नजर आई। ये वार्ड सभापति जीवण खां, उनकी पत्नी खतीजा बानो, विधायक राजेंद्र पारीक, कलेक्टर-एसपी सहित अन्य प्रभावशाली लोगों के हैं।

भास्कर द्वारा करवाए गए स्वच्छता सर्वेक्षण में शहर की दो तस्वीर सामने आई। इसमें हमारे शहर और उनके (रसूखदाराें के) शहर की तस्वीरें स्पष्ट तौर पर नजर आई। सर्वेक्षण में जिन 10 वार्डों के लोगों ने सफाई व्यवस्था पर संतोष जताया है, उनमें सभापति, उनकी पत्नी, नेता प्रतिपक्ष, उपसभापति, पूर्व विधायक, प्रशासनिक अधिकारियों के आवास हैं। 23 वार्डों के लोगों ने सफाई व्यवस्था पर असंतोष जताया। इनमें फतेहपुर रोड, जगमालपुरा रोड, चूरू-झुंझुनूं रेल लाइन के बीच का क्षेत्र जैसे इलाके शामिल हैं।

23 वार्डों में सफाई व्यवस्था बेपटरी है। इनमें फतेहपुर रोड, जगमालपुरा रोड, चूरू-झुंझुनूुं रेलवे लाइन के बीच का क्षेत्र, धोद रोड, रामलीला मैदान के पीछे का इलाका, शीतला चौक, दो नंबर डिस्पेंसरी, शांति नगर आदि इलाके आते हैं। इन इलाकों में सफाई व्यवस्था बेहद खराब है। सर्वे में वार्ड नंबर 3, 5, 12, 13, 14, 16, 17, 20, 21, 23, 24, 25, 30, 31, 32, 36, 38, 39, 41, 42, 46, 47, 48, 49, 50, 51, 52, 53, 55, 56, 57, 59 की सफाई व्यवस्था औसत रही।

शहर के 10 वार्डों में सफाई की अच्छी व्यवस्था है। इनमें सम्राट सिनेमा के सामने, डोलियों का बास, इस्लामिया स्कूल, तोदी नगर, सिल्वर जुबली रोड, शेखपुरा, जाट बाजार, अंबेडकर पार्क के सामने का क्षेत्र, राणिसती इलाका, देवीपुरा कोठी क्षेत्र शामिल है। इन वार्डों में सभापति जीवण खां, उनकी पत्नी व पार्षद खतीजा बानो, नेता प्रतिपक्ष अशोक चौधरी, उपसभापति अशोक चौधरी, उनके बेटे अनिल चौधरी, पूर्व विधायक रतनलाल जलधारी सहित प्रशासनिक अधिकारियों के आवास आते हैं। यहां आपको कहीं भी कचरा नजर नहीं आएगा।

सीकर शहर की सफाई व्यवस्था पर नगर परिषद सालाना करीब पांच करोड़ रुपए खर्च करती है। इसके बाद भी शहरवासी व्यवस्था से संतुष्ट नहीं हैं, क्योंकि ज्यादातर इलाकों में कचरा फैला रहता है। केंद्र की ओर से कराए सर्वे में 35 फीसदी लोगों ने सफाई व्यवस्था पर असंतुष्टि जताई। ऐसे में सवाल यह है कि केंद्र सरकार के स्वच्छता सर्वेक्षण और सिटीजन फीडबैक में अंक कैसे मिलते हैं।
केंद्र सरकार के सवाल लेकर वार्डों में उतरी टीम
भास्कर टीम ने सर्वे के दौरान वार्ड वासियों से सफाई, कचरा संग्रहण वाहन से सूखा और गीला कचरा अलग-अलग करने, व्यावसायिक और पब्लिक एरिया की स्वच्छता, सार्वजनिक और सामुदायिक शौचालय की स्थिति, वार्डाें में कितने दिन से कचरा उठाया जाता है सरीखे सवालों किए।

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