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अफसरों की नाकामी से आवारा पशु ले रहे जान:तीन साल में स्टांप ड्यूटी पर गाे-संरक्षण सेस लगा 21 कराेड़ वसूले, नगर परिषद ने नंदीशाला के नाम पर लिए 6.3 लाख

सीकरएक महीने पहले
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आवारा पशुओं की समस्या काे लेकर धरने के दौरान एडीएम को ज्ञापन सौंपते भाजपा कार्यकर्ता। - Dainik Bhaskar
आवारा पशुओं की समस्या काे लेकर धरने के दौरान एडीएम को ज्ञापन सौंपते भाजपा कार्यकर्ता।

राज्य सरकार और नगर परिषद गाे-संरक्षण के नाम पर लाेगाें से वसूली में जुटी है। राज्य सरकार सीकर शहर में तीन साल में गाे-संरक्षण के नाम 21 कराेड़ रुपए की वसूली की। ये वसूली लाेगाें से स्टांप ड्यूटी के रूप में ली गई। नगर परिषद आमजन की जेब से राशि निकालने में जुटी है। 15 माह में 6.3 लाख रुपए जुटा चुके हैं। वसूली के बावजूद राज्य सरकार और नगर परिषद आमजन काे सहूलियत देने में नाकाम रही। यानी न गाे-संरक्षण किया और न गाेवंश से आमजन काे संरक्षण दिलाया। नतीजा, गाेवंश हिंसक हाेकर सड़काें पर उतर आया।

हिंसक हुआ गाेवंश (सांड) बेकसूर लाेगाें काे चपेट लेने लगा। 6 साल में 6 लाेगाें की जिंदगी छीन ली। राज्य सरकार ने 2016 में स्टांप ड्यूटी पर 10% गाे-संरक्षण सेस शुरू किया। दाे साल बाद इसे बढ़ाकर 20% कर दिया। यानी 100 रुपए के स्टांप 20 रुपए गाे-संरक्षण सेस के नाम पर चुकाने पड़ते हैं। नगर परिषद ने नंदीशाला संचालन के नाम पर 21 सितंबर 2020 काे ये सरचार्ज शुरू किया। नगर परिषद ने बाेर्ड की बजट मीटिंग में सरचार्ज करने का फैसला किया था। सरचार्ज जन्म, विवाह प्रमाण पत्र आवेदन, भवन निर्माण स्वीकृति और पट्टा बनाने के एवज में वसूला जा रहा है।

इस तरह से समझिए गाेवंश सेस को

टैक्स के ऊपर लगाया जाने वाला कर सेस कहलाता है। ये विशिष्ट उद्देश्यों काे पूरा करने के लिए लगाया जाने वाला कर है। कर लगाने का मकसद पूरा हो जाता है तो इसे वसूलना बंद कर दिया जाता है। इस कर की सबसे अलग बात ये है कि राज्य सरकार काे केंद्र सरकार से साझा नहीं करना पड़ता है। यानी कर के रूप में जाे राशि मिलती है, वह पूरी राज्य सरकार की हाेती है। उदाहरण के ताैर पर भूखंड/मकान की रजिस्ट्री कराने पर उपभाेक्ता काे स्टांप ड्यूटी चुकानी पड़ती है जाे राज्य सरकार स्टांप के बदले उपभाेक्ता लेती है।

राज्य सरकार ने स्टांप पर 20% गाेवंश लागू किया है। ये सेंस लागू हाेने के बाद 100 रुपए का स्टांप 120 रुपए का हाे जाता है। स्टांप पर 10% सेस आधारभूत सुविधाओं के नाम पर वसूला है। इसलिए 100 रुपए स्टांप उपभाेक्ता काे 130 रुपए में मिलता है। राज्य सरकार ने इसके अलावा शराब पर भी 20% गाे- संरक्षण सेस वसूला जाता है।

नंदीशाला के नाम वसूला जाने वाला सरचार्ज

1. जन्म/विवाह आवेदन- 5 रुपए

2. आवासीय निर्माण स्वीकृति आवेदन- 500 रुपए

3. वाणिज्यिक निर्माण स्वीकृति आवेदन- 1000 रुपए

4. कृषि भूमि आवासीय पट्‌टा आवेदन- 200 रुपए

5. कृषि भूमि वाणिज्यिक पट्‌टा आवेदन- 500 रुपए

आवारा सांडों की समस्या काे लेकर भाजपा का धरना, 18 काे पुतला फूंकेंगे

शहर में आवारा सांडाें की समस्या काे लेकर आमजन में आक्राेश बढ़ता जा रहा है। भाजपा ने मंगलवार काे गांधी प्रतिमा के सामने धरना देकर विराेध जताया। 18 दिसंबर काे जाट बाजार में प्रशासन का पुतला फूंका जाएगा।

भाजपा जिलाध्यक्ष इंद्रा चौधरी ने बताया कि बेसहारा पशुओं की समस्या को लेकर प्रशासन संवेदनशील नहीं है। लगातार हादसे हाे रहे हैं। हादसाें में लाेग जान गंवा रहे हैं। माैताें के लिए नगर परिषद व जिला प्रशासन जिम्मेदार है। 18 दिसंबर काे जाट बाजार में प्रशासन का पुतला फूंका जाएगा। नगर परिषद नेता प्रतिपक्ष अशाेक चाैधरी ने बताया कि बेसहारा पशुओं के चलते हर समय हादसे की आशंका बनी रहती है। शहर में 6 लोग जान गंवा चुके हैं। कई लोग घायल हो चुके हैं।

जिला प्रशासन और नगर परिषद की अनदेखी के चलते नवलगढ़ रोड़ निवासी रूपचंद मेहता को अपनी जान गंवानी पड़ी। लोगों में इसे लेकर रोष है। एडीएम से समाधान की मांग की। धरने में महामंत्री रमेश जलधारी, पार्षद परमेश्वर सैनी, विजयपाल काजला, भगवान सिंह, जगदीश कुमावत, स्वदेश शर्मा, राजेश सिंह, अनिता शर्मा, शिवभगवान बगड़िया, गौरव दीक्षित, संदीप खीचड़, रतनलाल सैनी, नगेन्द्र मीणा, सुरेश सैनी, दयाशंकर सैनी, विनय शर्मा, अशोक माथुर, गोकुल पमाथुर, पवन गाैड़, प्रियदर्शन कौशिक, मुकेश नायक, रमा शेखवात, संतोष खटीक दिनेश भादवासी, संदीप तिवारी, मनोहर टेलर, रामलखन कांवट, हीरालाल कुमावत, मो.खत्री, त्रिभुवन सिंह, प्रेम सिहोत्रा, बिट्टू योगी, अंजू मोदी, सरिता बुरड़क, प्रकाश ढीकिया सहित आदि संख्या में पार्षद और कार्यकर्ता मौजूद रहे।

व्यापारियों ने शाेक सभा रखी, विराेधी रैली निकाली
सीकर व्यापार संघ की ओर से व्यापारी रूपचंद मेहता के निधन पर शोक जताया। संयोजक राधेश्याम पारीक ने कहा कि घटना के विरोध में गुरुद्वारा में शोकसभा रखी। इसके बाद नगर परिषद तक विरोध रैली में निकाली गई। आवारा पशुओं के हमले में शहर में छह लोगों को मौत हाे गई, लेकिन प्रशासन कुछ नहीं कर रहा। इससे लोगों में आक्रोश है। इसमें मुख्य संरक्षक निर्मल माटोलिया, मदन प्रकाश मावलिया, अध्यक्ष पन्नालाल सारड़ा, कार्यकारी अध्यक्ष प्रेम प्रकाश सैनी, स्टेशन रोड़ व्यापार संघ के अध्यक्ष चौधरी जसवीर भूकर, चांदपोल गेट व्यापार संघ के अध्यक्ष नाथूराम ओला, मंत्री जानकीप्रसाद इन्दोरिया, जगदीश चौकड़ीका, सत्य पटेल आदि शामिल थे।

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