मौसम की मार:अंधड़ व बारिश से कटी हुई फसल के दाने हो सकते हैं काले, सर्दी-जुकाम से बढ़ सकता है कोरोना का खतरा

सीकरएक वर्ष पहले
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रानोली स्थित केसावाली ढाणी में बारिश के कारण जमीन पर पसरी गेहूं की फसल। - Dainik Bhaskar
रानोली स्थित केसावाली ढाणी में बारिश के कारण जमीन पर पसरी गेहूं की फसल।

विश्व मौमस दिवस पर मंगलवार को अचानक बदले मौसम ने लोगों के सामने नई चुनौतियां खड़ी कर दी। तड़के तेज अंधड़ से मरुस्थलीय मिट्‌टी का गुब्बार छाया रहा तो बारिश ने किसानों की चिंता बढ़ा दी। कोरोना की दूसरी लहर की दस्तक के बीच बिगड़ा मौसम सेहत के लिए खतरनाक साबित हो सकता है।

सीकर में तेज हवा के साथ ओले गिरे तो जिले के कई इलाकों में बारिश हुई। मौसम विभाग के अनुसार बुधवार काे भी 40 से 50 किमी प्रतिघंटा की रफ्तार से हवा के साथ बारिश हो सकती है। इधर, नीमकाथाना व श्रीमाधाेपुर इलाके में बिजली गिरने से भैंस की माैत हाे गई व मकानाें में दरारें आ गई। जिला मुख्यालय पर 12 एमएम बारिश दर्ज हुई।

उत्तरी हवा के दबाव से बदला मौसम
नीमकाथाना के भूगोल विभाग प्रभारी प्रो.आरसी यादव के अनुसार कम वायु दाब का क्षेत्र बनने से मौसम बदला। शीतकाल में बारिश कम हाेने, लंबे समय तक नमी नहीं हाेने व उत्तरी हवा का दबाव कम होने से मौसम बदला।

कटी फसल की गुणवत्ता पर असर
गेहूं-जौ की कटी हुई फसल भीगने से नुकसान की आशंका है। दाने बदरंग हो जाएंगे। अंधड़ से फसल गिर गई। नुकसान की सूचना एचडीएफसी बीमा कंपनी के टोल फ्री नंबर 18002660700 पर 72 घंटे में दें।

सेहत पर ये रहेगा असर
डाॅ. दर्शन भार्गव का कहना है कि मौसम में बार-बार बदलाव से मौसमी बीमारियों के साथ सर्दी-जुकाम के मरीज बढ़ेंगे। ऐसे में कोरोना संक्रमण बढ़ने का खतरा बढ़ गया है। बचाव के लिए लोगों ज्यादा सतर्क रहना होगा।

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