लापरवाही / होम क्वारेंटाइन तोड़कर बाहर घूम रहे प्रवासी, कोई खाना लाते मिला तो कोई खरीदारी कर रहा था

Diaspora roaming outside breaking the quarantine, if someone found bringing food, someone was shopping
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Diaspora roaming outside breaking the quarantine, if someone found bringing food, someone was shopping

  • 33 हजार प्रवासी आ चुके हैं अब तक, होम क्वारेंटाइन के उल्लंघन पर पुलिस ने 631 को दिए नोटिस

दैनिक भास्कर

May 24, 2020, 06:04 AM IST

सीकर. प्रवासी श्रमिक होम क्वारेंटाइन की पालना नहीं कर सीकर के सुरक्षा चक्र को तोड़ रहे हैं। प्रवासी श्रमिकों काे 14 दिन घर में रहना जरूरी है, लेकिन इसकी पालना नहीं हाे रही है।  मोबाइल लोकेशन के आधार पर होम क्वारेंटाइन तोड़ने वालों की लंबी सूची सामने आने के बाद दैनिक भास्कर ने पड़ताल की ताे सामने आया कि प्रवासी बेराेकटाेक घराें से बाहर निकल रहे हैं। जिला परिषद के कार्यकारी अधिकारी जेपी बुनकर ने बताया कि पालना नहीं करने वाले लोगों को उपखंड स्तर से पाबंद करवाया गया है। इसके अलावा नियम तोड़ने वालों को पुलिस स्तर पर नोटिस जारी किए गए हैं।
दोबारा घरों से बाहर निकलने वालों को संस्थागत क्वारेंटाइन करने के साथ एफआईआर की जाएगी। इधर,  निगरानी दल प्रभारी शिक्षक भंवर सिंह ने बताया कि सांवलोदा लाडखानी में पिछले एक माह से 21 प्रवासी आए हुए हैं। सभी के घरों पर निगरानी दल के सदस्यों ने सर्तक कार्ड चस्पा किया। अब तक 33 हजार प्रवासी सीकर पहुंच चुके हैं।
इन मामलों से समझें कैसे नियम तोड़ रहे हैं प्रवासी, कुछ मामलों में सूचना के बाद भी विभाग नहीं कर रहा क्वारेंटाइन
1. पुणे से आए परिवार का मुखिया बाजार में मिला

नीमकाथाना के चला में चार दिन पहले परिवार के साथ पुणे से आए हीराराम को प्रभारी अधिकारी ने होम क्वारेंटाइन से बाहर निकलने पर बाजार में पकड़ लिया। हीराराम मोबाइल घर पर रखकर खरीदारी के लिए घर से करीब आधा किमी तक दूर बाजार चला गया था। लोगों ने इसकी सूचना प्रभारी प्राचार्य सुरेश सिरावता को दी। इसके बाद हीराराम को पाबंद किया गया।
2. अहमदनगर से आने के बाद गांव में घूमता रहा प्रवासी, पुलिस ने किया पाबंद

पलसाना के राजपुरा गांव में होम क्वारेंटाइन किए किए देवराज पुत्र फूलचंद 10 मई को अहमदनगर, गुजरात से आया था। इसके बाद से वह लगातार घर के बाहर निकल रहा है। मंगलवार को भी वह सुंदरपुरा गांव भी गया था। शुक्रवार को सीआई राजेश डूडी ने राजपुरा पहुंचकर देवराज को होम क्वारेंटाइन रहने के लिए पाबंद किया और आरोग्य सेतु एप डाउनलोड करवाया। 
3. होम क्वारेंटाइन के बावजूद खाना लेने जाता है

सीकर शहर में फतेहपुर रोड स्थित छोटी वाली कोठी का निर्मल 11 मई को अपने जीजा मनोज के साथ बाइक पर वापी से सीकर आया था। फिलहाल वार्ड दो में अपने पुराने मकान पर क्वारेंटाइन है, लेकिन वह खाने के लिए हर दिन सुबह-शाम सबलपुरा के पास अपने घर खाना लेने आता है। इसके बावजूद निगरानी टीम ने उसे पाबंद नहीं किया गया है।   
4. 19 मई को दिल्ली से लौटी महिला, सूचना के बावजूद जांच टीम तक नहीं आई

खाटूश्यामजी की विभा मंडल पत्नी चंदन मंडल लॉकडाउन में दिल्ली में फंस गईं थी। परिजन उसे 19 मई को खाटूश्यामजी लेकर आए। आंगनबाड़ी कार्यकर्ता ने पालिका को सूचना दे दी, लेकिन महिला को होम क्वारेंटाइन नहीं किया। आयुक्त कमलेश मीणा का कहना है कि आंगनबाड़ी कार्यकर्ता से सूचना मिली थी। महिला की स्वास्थ्य जांच करवाएंगे। 
5. 50 किमी तक घूम रहे हैं प्रवासी

रानोली के भींवाराम कुमावत 9 मई को पुणे-महाराष्ट्र से बाइक पर गांव आए। जिला प्रशासन द्वारा उनके मोबाइल की लोकेशन निकालने पर सामने आया कि ये 10 से 50 किमी तक घूम रहे हैं। जबकि प्रवासियों को 14 दिन होम क्वारेंटाइन रहने के लिए पाबंद किया गया है। इनके छोटे भाई को एसके अस्पताल में जांच के लिए बुलाया गया था। 
गड़बड़ी : कुछ प्रवासियों ने सूची में दिया परिजनों और दोस्ताें का मोबाइल नंबर
मोबाइल लोकेशन के आधार पर होम क्वारेंटाइन तोड़ने वालों की सूची की पड़ताल करने पर सामने आया कि कई प्रवासियों ने पंजीकरण के दौरान परिजनों और दोस्तों के नंबर दे दिए। ऐसे में कुछ लोग घर पर क्वारेंटाइन है, लेकिन मोबाइल लोकेशन उन्हें बाहर बता रहा है। वहीं कुछ प्रवासियों ने नंबर ही गलत दे दिए। कुछ लोग मोबाइल घरों पर छोड़कर बाहर घूम रहे हैं।  प्रशासन की ओर से लगातार प्रवासियों से होम क्वारेंटाइन की पालना की अपील की जा रही है। इसके बावजूद प्रवासी होम क्वारेंटाइन का उल्लंघन कर दूसरों को भी खतरे में डाल रहे हैं।

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