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स्मृति शेष:दिलीप कुमार ने सीकर की बेटियों के लिए कहे थे ये शब्द, यही जर्रे उड़ा ले जाएंगे, एक दिन बियाबान काे

सीकर24 दिन पहले
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दिलीप कुमार व शायरा बानोेे के साथ वाहिद चौहान व अन्य। फाइल फोटो - Dainik Bhaskar
दिलीप कुमार व शायरा बानोेे के साथ वाहिद चौहान व अन्य। फाइल फोटो
  • दो बार सीकर आए थे ट्रेजडी किंग, आठ अप्रैल 2000 को व इसके अलावा चुनावी सभा में आए थे

हिंदी सिनेमा के जाने-माने कलाकार, लोकप्रिय अभिनेता और पूर्व राज्यसभा सांसद दिलीप कुमार (यूसुफ खान) का सीकर और बेटियों की तालीम से गहरा नाता रहा है। वे 21 साल पहले आठ अप्रैल 2000 को एक्सीलेंस गर्ल्स स्कूल के कार्यक्रम में शामिल हुए थे। इस दाैरान तीन दिन तक सीकर रुके। इसके अलावा सीकर में डॉ. बलराम जाखड़ की चुनावी सभा में भी आए थे। दिलीप कुमार ने 98 साल की उम्र में बुधवार को मुंबई के अस्पताल में अंतिम सांस ली। एक्सीलेंस स्कूल में आयोजित समाराेह में उन्हाेंने बेटियाें काे तालीम दिलाने की पैरवी करते हुए कहा था कि यही जर्रे उड़ा ले जाएंगे, एक दिन बियांबा काे...।

ये छोटी-छोटी बच्चियां शिक्षा की वीरानगी को दूर कर देगी। यहीं बेटियां एक दिन इस संस्था का नाम राेशन करेगी। दिलीप कुमार ने कहा, आप अलीगढ़ यूनिवर्सिटी के संस्थापक सर सैयद अहमद की जीवनी पढ़ेंगे ताे पाएंगे कि एक्सीलेंस संस्थापक वाहिद चाैहान भी उसी रास्ते पर चल रहे हैं। ये एक नेक दिल इंसान हैं। ऐसे लोगों की हर संभव मदद भी की जानी चाहिए। जो बच्चे कभी स्कूल का नाम तक नहीं जानते, उन्हें शिक्षित कर अनुशासन का पाठ सिखाने से बड़ा कोई धर्म नहीं होता।

बेटियों की शिक्षा का विरोध हुआ तो दिलीप साहब का मिला साथ : वाहिद चौहान

एक्सीलेंस स्कूल के संस्थापक वाहिद चौैहान बताते हैं कि फिल्म निर्माता हाेने के कारण दिलीप कुमार से उनकी मित्रता और पारिवारिक संबंध थे। मैंने जब सीकर में एक्सीलेंस स्कूल के जरिए बालिका शिक्षा पर काम शुरू किया तो लोगों ने इसका विरोध किया। दिलीप से मैंने इस विरोध का जिक्र किया तो वे बाेले-मैं चलूंगा आपके साथ।

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