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खेल मैदान बनाम श्मशान:खेल मैदान पर अंतिम संस्कार करने आए तो हुआ विवाद, पीड़ितों का कहना, 'श्मशान 3 किलोमीटर दूर, यहां पहले भी जलाए गए शव'

सीकर3 महीने पहले
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विवाद के बाद शव लेकर बैठे मृतक के परिजन - Dainik Bhaskar
विवाद के बाद शव लेकर बैठे मृतक के परिजन

आबादी के बीच जमीन को स्कूल के खेल मैदान के लिए आवंटित होने के बाद नजदीक रहने वाले एक ढ़ाणी के लोग उसमें अंतिम संस्कार करने के लिए शव लेकर आ गए। दूसरे पक्ष ने इसका विरोध किया तो दोनों के बीच मारपीट और पथराव हो गया। तनाव की सूचना मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची। दोनों पक्षों में समझाइश कराने के लिए सीओ ग्रामीण पहुंचे। शमा को जाकर दोनों पक्षों में समझाइश हुई और निर्धारित श्मशान में ही अंतिम संस्कार हुआ।

मामला रघुनाथगढ़ गांव का है। दो पक्षों में टकराव की सूचना मिलते ही मौके पर ग्रामीण सीओ राजेश आर्य, दादिया थाना पुलिस पहुंची। गांव के पास राणा की ढाणी में रहने वाले गोपीराम की बीमारी के चलते रविवार रात को ही मौत हो गई थी। सुबह परिजन शव लेकर अंतिम संस्कार करने के लिए ढाणी के पास जोहड़ की जमीन पर पहुंचे।

इस दौरान दूसरे पक्ष के लोग वहां एकत्र हो गए। लोगों का कहना था कि यह जमीन स्कूल के खेल मैदान के लिए निर्धारित है। जमीन को लेकर मामला न्यायालय में भी विचाराधीन है। ऐसे में यहां पर दाह संस्कार नहीं होगा। मृतक के परिजनों का तर्क था कि एक शव का पहले भी यहां अंतिम संस्कार किया जा चुका है, इसलिए यही पर दाह संस्कार करेंगे।

सूचना के बाद मृतक के परिवार की महिलाएं भी मौके पर पहुंच गई। दोनों पक्षों में मारपीट व पथराव हो गया। पथराव में कुछ लोगों के चोटें भी आई। सूचना पर दादिया पुलिस मौके पर पहुंची। बाद में सीकर से पुलिस जाब्ता भेजा गया। शाम पांच बजे दोनों पक्षों में समझाइश कर निर्धारित श्मशान घाट पर शव का अंतिम संस्कार करवाया गया।

राणा की ढाणी के लोग ढाणी के पास ही श्मशान के लिए जमीन आवंटित करने की मांग कर रहे हैं। लोगों का कहना है कि स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने उन्हें यहां पर श्मशान के लिए जमीन आवंटित करने की बात कहीं थी। ऐसे में यहां पर दो वर्ष पहले भी शव का अंतिम संस्कार किया गया था। श्मशान स्थल ढाणी से करीब तीन किलोमीटर दूर है। दूसरे पक्ष का कहना है कि आबादी के बीच होने से स्कूल के खेल मैदान के लिए आवंटित है।

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