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कोरोना का कहर:कोरोना संक्रमण का असर, शिक्षा विभाग कम करेगा स्कूलों का पाठ्यक्रम, 16 अक्टूबर तक संशोधन संभव

सीकर2 महीने पहले
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  • गैर बोर्ड कक्षाओं में बस्ता मुक्त दिवस और अवकाश में कटौती कर कार्य दिवस बढ़ाने पर हो रहा मंथन

केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड ने सिलेबस में 30 फीसदी कटौती कर दी है। अब राज्य सरकार भी स्कूलों में पाठ्यक्रम कम करने की तैयारी में जुटी है। कक्षा 1 से 8 के लिए आरएससीईआरटी और माध्यमिक शिक्षा बोर्ड राजस्थान अजमेर 9वीं से 12वीं कक्षा तक पाठ्यक्रम निर्धारण करेगा। इसके लिए कार्य दिवस को आधार बनाया जाएगा। फिलहाल जहां कोविड-19 के चलते अभी सत्र शुरू होने की तारीखों को लेकर संशय है। वहीं इसके पाठ्यक्रम निर्धारण के लिए निदेशालय से दिशा-निर्देश भी जारी किए गए हैं।

इस सत्र के दौरान कुल 188 कार्य दिवस निर्धारित हैं। जुलाई तक का समय बीत जाने के बाद आगे के कार्य दिवस के आधार पर पाठ्यक्रम निर्धारण होगा। इस दौरान स्कूल खुलने की संभावित तारीख के हिसाब से पाठ्यक्रम का निर्धारण होगा। विषय विशेषज्ञ यह तय करने में जुटे हैं कि किस-किस कक्षा में कितना पाठ्यक्रम कम किया जाए। माध्यमिक शिक्षा निदेशालय बीकानेर के निदेशक सौरभ स्वामी के अनुसार पाठ्यक्रम निर्धारण के लिए स्कूल खुलने की सम्भावित तिथि 16 अक्टूबर तक हो सकती है।

हर शनिवार काे मुक्त बस्ता दिवस के आधार पर क्लास लगाने पर विचार किया जा रहा है। साथ ही गैर बोर्ड कक्षाओं में 17 मई से 23 जून तक रहने वाली गर्मियों की छुट्टियां न होने पर 25 अतिरिक्त कार्य दिवस जोड़ने का सुझाव है। इससे छात्र-छात्राओं का पढ़ाई का नुकसान कम हो और सिलेबस कवर किया जा सके। पाठ्यक्रम निर्धारकों का कहना है कि सीधे कार्य दिवस के समान ही सिलेबस में कटौती नहीं की जाएगी। बल्कि उसके समानांतर पिछली कक्षाओं में पढ़ाए जा चुके चैप्टर को हटाया जाएगा।

65 हजार स्कूलों में 66 लाख से अधिक विद्यार्थी, स्कूल चलाना संभव नहीं

प्रदेश में प्राथमिक स्कूल से लेकर उच्च माध्यमिक विद्यालय 65 हजार के करीब है। इनमें करीब 66 लाख छात्र-छात्राएं अध्ययन कर रहे हैं। राजस्थान में 14,300 माध्यमिक व उच्च माध्यमिक विद्यालय हंै। माध्यमिक व उच्च माध्यमिक विद्यालयों में एक-एक कक्षा में 100 से अधिक विद्यार्थी हैं। कक्षा-कक्षों की कमी के चलते सोशल डिस्टेंस के तहत कक्षाएं लग पाना संभव नहीं है। अभी कोविड-19 का प्रकोप तेजी से फैल रहा है। ऐसे में स्कूल खोलने को लेकर राज्य सरकार ने कोई निर्देश नहीं दिए हैं।

एक्सपर्ट : अवकाश रद्‌द करने के साथ बोर्ड परीक्षाओं को डेढ़ माह आगे खिसकाना चाहिए
सीकर के पूर्व जिला शिक्षा अधिकारी रेखाराम खीचड़ ने कहा कि कोरोना महामारी के चलते तय नहीं है कि स्कूल कब से खुलेंगे। कोरोना विस्फोट दिनों दिन बढ़ता जा रहा। ऐेसे में बोर्ड कक्षाओं के साथ ही अन्य कक्षा के ग्रीष्मकालीन अवकाश में विशेष सत्र चलाए जाने चाहिए।

बोर्ड परीक्षाओं को मार्च के बजाय एक से डेढ़ माह तक आगे खिसकाना का विकल्प है। पूर्व डीईओ रेखाराम खीचड़ का कहना है कि दीपावली अवकाश, शीतकालीन अवकाश और स्कूल खेलकूद प्रतियोगिताओं को भी रद्द करना चाहिए। शिक्षकों के प्रशिक्षण रविवार को होने चाहिए। कर देना चाहिए। प्रधानाचार्य व प्रधानाध्यापक स्तर के दो अवकाश निरस्त कर सकते हैं। शुरुआत में 8वीं से 12वीं तक की कक्षाएं ही लगानी चाहिए।

इनका कहना है
पूर्व निर्धारित पाठ्यक्रम में मौजूदा परिस्थितियों के अनुसार संशोधन करेंगे। शिक्षा विभाग में पाठ्यक्रम निर्धारण के लिए एससीईआरटी और माध्यमिक शिक्षा बोर्ड को पाठ्यक्रम का निर्धारण करना है। इस सत्र के लिए पूर्व निर्धारित पाठ्यक्रम में हाल की परिस्थितियों के अनुरूप संशोधन किया जाएगा।
सौरभ स्वामी, निदेशक, माध्यमिक शिक्षा, बीकानेर

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