सूर्य का होगा मकर राशि में प्रवेश:एक्सपर्ट बता रहे हैं मकर संक्रांति का महत्व, धार्मिक के साथ ही वैज्ञानिक महत्ता भी

सीकर3 दिन पहले
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तिल और गुड़ की मिठाइयों के सेवन से रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है। - Dainik Bhaskar
तिल और गुड़ की मिठाइयों के सेवन से रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है।

मकर संक्रांति पर शुक्रवार को सूर्य दक्षिणायन से उत्तरायण होंगे। ज्योतिर्विद पं. चंद्रशेखर इंदौरिया ने बताया कि सूर्य मकर राशि में प्रवेश कर शुक्रवार काे दोपहर 1.58 बजे उत्तरायण होंगे। सूर्य 21 जून तक उत्तरायण रहेंगे। उत्तरायण सूर्य में देवताओं का दिन और दक्षिणायन सूर्य देवताओं की रात्रि मानी जाती है। मकर संक्रांति पर ब्रह्म योग, व्रज योग व आनंदादि योग बन रहे हैं।

धार्मिक महत्व : मकर संक्रांति से शुभ कार्य शुरू होंगे। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार महाभारत काल में भीष्म पितामह ने अपनी देह त्यागने के लिए मकर संक्रांति के दिन का ही चयन किया था। इसके अलावा मकर संक्रांति के दिन ही गंगाजी भागीरथ के पीछे चलकर कपिल मुनि के आश्रम से होकर सागर में जा मिली थीं। अन्य कथा के अनुसार इसी दिन युद्ध में देवताओं ने दानवों का अंत कर दिया था।

वैज्ञानिक महत्व : आयुर्वेद के अनुसार मकर संक्रांति से दिन बड़े हाेने के साथ ही जलवायु परिवर्तन होता है। नतीजा तापमान बढ़ने लगता है। नदियों में वाष्पन की प्रक्रिया शुरू हो जाती है। इससे शरीर की कई बीमारियां दूर होती हैं। सर्द हवा से उत्पन्न हुई बीमारियों से निजात मिलती है। तिल और गुड़ की मिठाइयों के सेवन से रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है।

स्वास्थ्य, खेती और व्यापार में होगा सकारात्मक बदलाव स्वास्थ्य : तापमान बढ़ने से रोगों में कमी आएगी। इससे स्वास्थ्य में सुधार होगा। कोविड संक्रमण के बीच सावधानी बरतनी होगी। कृषि : रबी फसलों में बढ़वार के साथ ही धूप में तेजी से दाने बनने लगते हैं। शुक्रवार की संक्रांति पशुपालकों और किसानों के लिए शुभ मानी जा रही है। व्यापार : शुभकार्य व शादी समारोह शुरू होने से बाजार में खरीदारी बढ़ेगी। कपड़ा, ज्‍वैलरी, कॉस्मेटिक, फर्नीचर से जुड़ा कारोबार बढ़ेगा।

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