भास्कर पड़ताल:अनाथ बच्चों को गोद लेने के फर्जी मैसेज, 1.98 लाख शिकायतें, 27 लाख कॉल

सीकरएक वर्ष पहलेलेखक: अरविंद शर्मा
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  • राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग के पास आ रही लगातार शिकायतें, पिछले हफ्ते 17 से ज्यादा कॉल इस बारे में आए

बच्चियों की उम्र...एक बच्ची 3 दिन और एक 6 महीने की है...इनके माता-पिता की कोविड महामारी से मृत्यु हो गई है...आपसे अनुरोध है कि इन्हें गोद लेकर जीवन दान दें...। सोशल मीडिया पर ऐसे कई मैसेज इन दिनों वायरल हो रहे हैं। दैनिक भास्कर ने ऐसे मैसेज का सच जानने के लिए पड़ताल की। इस पोस्ट के साथ कहा गया है कि मदद के लिए प्रियंका से मोबाइल नंबर 09711104773 पर संपर्क कर सकते हैं। हमने इस नंबर पर पड़ताल की तो पता चला कि इस तरह का कोई नंबर मौजूद ही नहीं है। ऐसे फर्जी मैसेज इसलिए चिंताजनक हैं, क्योंकि-ऐसे लोग चाइल्ड ट्रैफिकिंग के घिनौने धंधे में शामिल होते हैं। हो सकता है कि कोई बच्चे को अवैध तरीके से गोद लेकर दूसरे देश में बेच दे। राष्ट्रीय चाइल्ड लाइन 1098 पर लॉकडाउन में करीब 1.98 लाख शिकायतें आई थी। सरकार ने 2016 में बताया गया था कि 19,223 औरतें और बच्चे ट्रैफिकिंग का शिकार हुए थे। राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग अध्यक्ष संगीता बेनीवाल ने साफ किया कि अनाथ बच्चों को सीधे गोद नहीं लिया जा सकता। ऐसा करने पर 5 साल की सजा व 1 लाख रुपए का जुर्माना देना पड़ सकता है।

हेल्पलाइन पर लोगों ने पूछा-गोद कैसे ले सकते हैं

  • पिछले हफ्ते राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग के नंबर (1800-121-2830) पर 17 कॉल आए। जिनमें लोगों ने कोरोनाकाल में अनाथ हुए बच्चों को गोद लेने के बारे में सवाल किए।
  • राष्ट्रीय चाइल्ड लाइन 1098 पर साल 2020 में 1.98 लाख शिकायतें मिली। 2019 में इनकी संख्या महज 1.70 लाख थी।
  • चाइडलाइन को 27 लाख कॉल्स आए। इनमें बच्चों के अपहरण से लेकर शिकायत थी। बाल विवाह से जुड़ी 10 हजार शिकायतें आई।

सीकर में वायरल हो रहे मैसेज पर हमारी नजर : गोयल
सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुए मैसेज को लेकर राष्ट्रीय बाल आयोग ने वर्चुअल बैठक बुलाई। इसमें राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग अध्यक्ष संगीता बेनीवाल भी शामिल हुई। बैठक में ऐसे मैसेज पर चिंता जाहिर की गई। सीकर चाइल्ड हेल्पलाइन के निदेशक सुदीप गोयल कहते हैं-सीकर में सोशल मीडिया पर कोरोना से अनाथ बच्चों को गोद लेने से जुड़े कई मैसेज वायरल हो रहे हैं। इनसे बचकर रहने की जरूरत है। अभी सीकर में चाइल्ड ट्रैफिकिंग का कोई मामला तो सामने नहीं आया है, लेकिन इन पर लगातार हमारी नजर है।

5 साल की सजा और 1 लाख का जुर्माना
किशोर अधिनियम 2015 की धारा 81 में बच्चों को लेकर स्पष्ट प्रावधान है। इसके अनुसार बच्चों को गैर कानूनी तरीके से खरीदने और बेचने पर 5 साल की सजा और 1 लाख रुपए के जुर्माने का प्रावधान है। इसके अलावा सोशल मीडिया पर बच्चों की गोपनीयता को भंग करना भी कानूनी अपराध की श्रेणी में आता है।

बच्चा गोद लेना हो तो...
सरकार की अधिकृत एडॉप्शन एजेंसी से ही बच्चों को गोद लें। वेबसाइट www.cara.nic.in पर सावधानी के साथ गाइडलाइन पढ़ें। प्रक्रिया का पालन करें। रजिस्ट्रेशन के लिए प्रक्रिया का पालन करें। गाइडलाइन को फॉलो करते हुए दस्तावेज अपलोड करें।
यहां दे सकते हैं सूचना
चाइल्ड हेल्प लाइन
1098/1800-11-1311
बाल अधिकार आयोग के वाट्सएप नंबर 7733870243
ईमेल :carahdesk.wed@nic.in

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