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दो नंबर डिस्पेंसरी के पास का मामला:आयुक्त-सभापति ने नहीं सुनी तो टावर के विरोध में धरने पर बैठे कॉलोनीवासी, पुलिस ने लाठियां बरसाई, लोगों ने भी पत्थर फेंके

सीकरएक वर्ष पहले
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दो नंबर डिस्पेंसरी के पास रास्ते पर धरना दे रहे लोगों पर लाठी भांजती पुलिस। - Dainik Bhaskar
दो नंबर डिस्पेंसरी के पास रास्ते पर धरना दे रहे लोगों पर लाठी भांजती पुलिस।
  • कोतवाल पर गाली-गलौच व अभद्रता का आरोप, एसपी ने सीओ को मामले की जांच के आदेश दिए
  • तीन गिरफ्तार, 27 के खिलाफ राजकार्य में बाधा का केस दर्ज
  • आरोप-धरने पर बैठे लोगों को कोतवाल ने उठाकर फेंका

शहर के वार्ड 41 में माेबाइल टावर का विरोध कर रहे काॅलाेनी वासियों को नगर परिषद अधिकारियों से संतोष जनक जवाब नहीं मिला तो सोमवार को 2 नंबर डिस्पेंसरी के पास जाम लगा धरने पर बैठ गए। पुलिस धरना हटाने की समझाईश कर रही थी। आरोप है कि इसी बीच मौके पर पहुंचे कोतवाल गाली गलौच करते हुए धरनार्थियों को उठाकर फेंकने लगे। इससे पुलिस और प्रदर्शनकारी आमने-सामने हो गए। पुलिस ने लाठिया भांझी। विरोध में लोगों ने पत्थर फेंके। इस बीच एक महिला व बच्ची घायल हो गई।

घटना के बाद पुलिस ने रमेशकुमार, सौरभ निवासी देवीपुरा रोड, विजय निवासी महंतो की कोठी को शांतिभंग में गिरफ्तार किया गया। इसके अलावा 27 लोगों पर राजकार्य में बाधा, काेविड गाइड लाइन का उल्लंघन और सड़क जाम करने का मुकदमा दर्ज किया है। वार्ड 41 के निवासी एडवाेकेट राजेंद्र प्रसाद सैनी के अनुसार विजय टेलर्स वाली गली में रिद्धि-सिद्धि छात्रावास के ऊपर लगने वाले मोबाइल टावर का काम रुकवाने के लिए कॉलोनीवासी नगर परिषद गए थे। आयुक्त नहीं मिलने पर लोग सभापति के घर पहुंच गए। यहां आयुक्त ने कहा, सर्कुलर के आधार पर टावर हट नहीं सकता। एक-दाे दिन देरी की जा सकती है। लोगों ने रास्ता जाम करने की चेतावनी दी और कॉलोनी पहुंचकर रास्ता जाम कर धरने पर बैठ गए। विवाद के बाद कॉलोनीवासी ने एसपी से मुलाकात कर कोतवाल द्वारा किए गए दुर्व्यवहार पर नाराजगी जताई।

विरोध में लोगों ने पुलिस पर पत्थर फेंके।
विरोध में लोगों ने पुलिस पर पत्थर फेंके।

प्रदर्शनकारी पुलिस
पुलिस ने बुजुर्गों व बच्चों को उठा-उठा कर पटका

जाम की सूचना पर पहुंचे दाे कांस्टेबल प्रदर्शनकारियों से समझाइश कर रहे थे। आरोप है कि यहां पहुंचे काेतवाल बिना समझाइश गाली-गलाैच करने लगे और धक्का-मुक्की शुरू कर दी। घायल सुमित्रा का आराेप है कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन पर पुलिस ने बेवजह लाठियां बरसाई। बुजुर्ग व बच्चाें काे उठा-उठा कर पटका, महिलाओं काे पीटा है। रेखा सैनी ने पुलिस पर घर में घुसकर मारपीट और महिलाओं से अभद्र व्यवहार करने के आराेप लगाए हैं।

घायल महिला
घायल महिला

लोगों ने पथराव किया, पुलिस ने कोई लाठी नहीं बरसाई
शहर काेतवाल कन्हैयालाल का कहना है कि दो नंबर डिस्पेंसरी के पास टावर के विरोध में जाम की सूचना पर पुलिस माैके पर पहुंची। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों से समझाइश का प्रयास किया, लेकिन प्रदर्शनकारी नहीं माने। उन्होंने पत्थरबाजी शुरू कर दी। इसलिए पुलिस द्वारा उन्हें धरने से हटाया गया। पुलिस ने न कोई लाठी नहीं बरसाई न किसी के साथ दुर्व्यवहार किया। पुलिस पर पत्थरबाजी करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

  • प्रदर्शनकारियों द्वारा रास्ता जाम करने पर पुलिस ने खुलवाया था। इस दौरान कुछ लोगों ने पुलिस भी गलत व्यवहार के आरोप लगाए हैं। पुलिस पर लगे आरोपों की जांच के लिए मामला सीओ सिटी को सौंपा है। -कुंवर राष्ट्रदीप, एसपी
घटना के बाद देवीपुरा रोड पर घर में घुसकर गेट खोलने का प्रयास करती पुलिस।
घटना के बाद देवीपुरा रोड पर घर में घुसकर गेट खोलने का प्रयास करती पुलिस।

नगर परिषद का दावा, शिकायत मिलने पर बंद करवा दिया था मोबाइल टावर का काम
नगरपरिषद के आरओ महेशचंद योगी का कहना है कि हमें पूर्व में टावर को लेकर कोई शिकायत नहीं मिली। सोमवार को शिकायत सामने आने के बाद हंगामे से पहले ही टावर का काम रुकवा दिया था। हालांकि टावर के लिए नियमानुसार एनओसी जारी की हुई है। कॉलोनीवासियों की आपत्ति पर मामले को जिला स्तरीय कमेटी में रखा जाएगा।

नियम ये, एनओसी पर भी हो सकती है आपत्ति
निकाय द्वारा एनओसी जारी के बाद भी आमजन आपत्ति जता सकते हैं। ऐसे में मामले का निस्तारण यूएलसी द्वारा किया जाएगा। राजस्थान सरकार के आदेश क्रमांक एफ.10(147) यूडीएच 3/2018 पार्ट थर्ड के अनुसार नियम 15 के उपनियम 4 के तहत आमजन से आने वाली आपत्तियों की सुनवाई यूनिट लेवल कमेटी द्वारा की जाएगी। कमेटी को इस आपत्ति का 30 दिन में निस्तारण करना होगा।

..और ये गैर जिम्मेदाराना रवैया : घटना के बाद लोगों ने दोबारा सभापति जीवण खान और आयुक्त से संपर्क करना चाहा तो सभापति का मोबाइल स्विच ऑफ मिला। जबकि आयुक्त ने कॉल रिसीव ही नहीं किया।

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