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साइबर ठग भेज रहे फर्जी एसएमएस:बीएसएनएल सिम बंद होने का मैसेज आए तो अलर्ट हो जाएं, क्योंकि अब तक 200 लोग ठगे जा चुके हैं

सीकर25 दिन पहलेलेखक: अरविंद शर्मा
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  • उपभोक्ताओं को केवाईसी अपडेट करवाने के नाम पर साइबर ठग भेज रहे फर्जी एसएमएस

मशहूर शायर अफजल खान का शेर है-तू भी सादा है, कभी चाल बदलता ही नहीं। हम भी सादा हैं, इसी चाल में आ जाते हैं। किसी को ठगने वाले को सादा तो नहीं कह सकते, लेकिन सच ये है कि ठगी करने वाले ने यहां भी पुरानी चाल चली। किसी को झांसा देकर वो सारी डिटेल निकलवा ली, जिससे उसके खाते में सेंध लगाई जा सके। दरअसल, बीएसएनएल का सिम कार्ड एक्टिवेट कराने के नाम पर सीकर के 200 लोगों के साथ ठगी की गई है।

पूरे शेखावाटी में 1 हजार से ज्यादा लोग ठगी का शिकार हुए हैं। बीएसएनएल सीकर के जिला दूरसंचार प्रबंधक सतवीर सिंह कहते हैं- साइबर ठगों द्वारा उपभोक्ताओं को केवाईसी अपडेट करवाने के नाम पर बीएसएनएल का हवाला देकर फर्जी एसएमएस भेजे जा रहे हैं। बीएसएनएल के एसडीई मार्केटिंग एसएम रुलानिया कहते हैं-200 से ज्यादा लोग ठगी के बारे में शिकायत कर चुके हैं। हमने उपभोक्ताओं को अलर्ट भी जारी किया है।

एक एसएमएस के साथ शुरू हुआ खाते में सेंध लगाने का खेल

श्रीमाधोपुर के एडवोकेट फूलाराम के मोबाइल पर अंजान नंबर से मैसेज आया-आपका बीएसएनएल सिम डी-एक्टिवेट होने वाला है। एक्टिवेशन के लिए इस नंबर पर फोन करें। फूलाराम ने उस नंबर पर कॉल किया। ठग ने उन्हें प्ले स्टोर पर जाकर बीएसएनएल केवाईसी आटोमैटिक पासवर्ड एसएमएस एप डाउनलोड करने के लिए कहा। इसके बाद एटीएम कार्ड से एक नंबर पर 10 रुपए का रिचार्ज करवाया और मैसेज आने पर एटीएम कार्ड के लास्ट 4 डिजिट पूछकर खाते से 5740 रुपए निकाल लिए। सीकर के रमेश दीक्षित से भी ठगों ने 8500 रुपए ठगे।

कोविन और आरोग्य सेतु के नाम से 17 फर्जी एप से भी हो जाइए सावधान, क्योंकि-यह आपके सभी डाटा चुरा लेंगे

ठगों ने कोविन और आरोग्य सेतु एप के 17 से ज्यादा नकली वर्जन बना लिए गए हैं। मोबाइल में डाउनलोड करने के बाद यह एप खोलते ही फोन बुक से लेकर फोटो, मैसेज, ई-मेल और तमाम डाटा एक्सेस करने की अनुमति मांगते हैं। यह अनुमति देने के बाद जैसे ही आप आगे बढ़ते हैं तो पता चलता है कि एप तो किसी काम का है ही नहीं।

इंडियन कम्प्यूटर इमरजेंसी रिस्पांस टीम (सर्ट-इन) ने भी इन नकली एप के बारे में चेतावनी जारी की है। पड़ताल के मुताबिक हू-ब-हू Arogya setu, Co-win एप की तरह दिखने वाले एप के अलावा Co-win Notifer, Co-win slot Finder जैसे करीब 17 एप स्टोर पर मौजूद हैं।
ये एप डाउनलोड करने पर चोरी हो सकता है आपका डाटा
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आरोग्य सेतु का फर्जी एप; इस पर क्लिक करते ही इंस्टॉल का विकल्प आता है। मोबाइल की लोकेशन, ब्लूटूथ और डाटा शेयर करने की अनुमति मांगी जाती है। सारी अनुमतियां देने के बाद असली आरोग्य सेतु एप की तरह पेज खुलता है, लेकिन किसी विकल्प पर क्लिक नहीं होता। तब पता चलता है एप फर्जी है।

कोविन का फर्जी एप; यह एप इतना खतरनाक है कि आपका मोबाइल तक हैंग कर लेता है। एप ओपन करने के बाद 20 सैकंड तक मोबाइल स्क्रीन पर मास्क वाला स्कैच ही दिखता है। फिर मैसेज आता है कि इंटरनेट कनेक्ट नहीं है। जबकि इंटरनेट चलता रहता है। इस ऑप्शन के मोबाइल हैंग हो जाता है।

एक्सपर्ट व्यू; एप के बजाय वेबसाइट से बुक करें वैक्सीनेशन स्लॉट

अगर आपको रजिस्ट्रेशन के लिए एंड्रॉयड फोन पर एपीके फाइल डाउनलोड करने का कोई भी मैसेज आए तो ऐसा न करें। ये फेक या नुकसान पहुंचाने वाला ‘मैलवेयर’ हो सकता है। ऐसा करने पर साइबर अटैकर्स आपके मोबाइल के डेटा तक पहुंच सकते हैं। कोविन और आरोग्य सेतु से मिलते-जुलते फर्जी एप के बजाए सीधे वेबसाइट का ही इस्तेमाल करना चाहिए। हालांकि कुछ फर्जी वेबसाइट भी फर्जी बनी हुई है, जिन्हें जांच के बाद ही खोलना चाहिए। गूगल पर site: लिखकर आगे वेबसाइट का पता लिखकर आप आसानी से चेक कर सकते हैं।

वेबसाइट के 5 से कम पेज मिले तो समझ जाइए कि वेबसाइट फर्जी है। सोशल मीडिया अकाउंट भी चेक करने चाहिए, अगर ऐसी वेबसाइट पर काफी समय से पोस्ट नहीं हुई है और फाॅलोवर कम है तो फर्जी वेबसाइट हो सकती है। ब्राउजर में वेबसाइट अपने मोबाइल डेटा या भरोसेमंद वाई-फाई उपयोग कर खोलें। इसके डाटा चोरी होने या मोबाइल हैक की आशंका ना के बराबर हो जाएगी।
- जयदीप शर्मा-साइबर सेल जयपुर

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