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कोरोना का कहर:सीकर में 10 दिन में 41 मरीज निगेटिव आने में लगे 13 दिन, रिकवरी का आंकड़ा 90 से घटकर 72 फीसदी पर आया

सीकर5 महीने पहले
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(सुरेंद्र मावलिया) कोरोना वायरस चार महीने में बदल गया है। कोविड-19 वायरस अब लोगों के शरीर को आसानी से नहीं छोड़ रहा है। डॉक्टरों ने वायरस को कमजोर करने के छह तरीके भी तलाशे हैं, लेकिन वायरस अब इंसान के शरीर से चिपकना सीख गया है। मार्च में जब कोरोना वायरस शेखावाटी में आया था, तब दो से तीन रिपोर्ट के बाद ही मरीज को डिस्चार्ज कर दिया जाता था।

अगस्त में जो वायरस लोगों के शरीर पर अटैक कर रहा है, वह सात सैंपल लेने के बाद भी निगेटिव नहीं हो रहा। यानी उनकी रिपोर्ट लगातार पॉजिटिव आ रही है। 10 दिन में सीकर में 41 मरीज ऐसे मिले, जिनकी रिपोर्ट निगेटिव आने में 13 दिन लगे। पहले मरीज 5 से 7 दिन में ही रिकवर कर रहे थे।

कोरोना वायरस खतरनाक कैसे हुआ? इस सवाल का जवाब गुजरात व महाराष्ट्र से आए प्रवासी हैं। ये बाहर से आए तो वे दूसरी किस्म के वायरस लाए। प्रवासियों की वजह से वायरस एक-दूसरे में फैल रहा है। चिंता की बात ये है कि ये 41 मरीज सिर्फ बुजुर्ग ही नहीं, इनमें 20 साल के युवा भी हैं। डॉक्टर भी हैरान हैं।

डॉक्टरों को लगा कि इन मरीजों को कोई दूसरी बीमारी तो नहीं है। उनकी जांच की तो पता चला कि इनमें कोई दूसरी बीमारी भी नहीं है। इस वजह से रिकवरी का आंकड़ा भी घटने लगा है। 15 दिन पहले 90 प्रतिशत मरीज रिकवर हो चुके थे। अब यह आंकड़ा 72 फीसदी पर पहुंच गया है।

शेखावाटी में कोरोना वायरस का स्ट्रेन बदला : मजदूरों के जरिए महाराष्ट्र-गुजरात से आया वायरस ज्यादा खतरनाक, निेगेटिव होने में 13 दिन लग रहे

10 दिन में 2.8 डिग्री गिरा रात का तापमान, इसलिए वायरल लोड भी बढ़ गया, पार्टिकल में भी ग्रोथ हुई
विशेषज्ञों का कहना है कि कोरोना वायरस के मजबूत होने की एक वजह मौसम का उसके मुफीद बने रहना भी है। पिछले 10 दिन में दिन और रात के तापमान में अंतर बढ़ गया है। फिलहाल दिन और रात में तापमान में 10 डिग्री सैल्सियस का अंतर है। 10 दिन से रात के तापमान में 2.8 डिग्री सैल्सियस की गिरावट आई है। मौसम बदलने से वायरल लोड बढ़ गया। वायरस पार्टिकल भी बढ़ गए। कोरोना वायरस बॉडी में लगातार ग्रोथ करता रहा। मरीज की इम्यूनिटी सेल्स प्रभावित हुई। इसलिए वे जल्दी रिकवर नहीं कर पाए। वे लगातार पॉजिटिव बने रहे।

25 फीसदी मरीज ऐसे, जो ठीक होने में ज्यादा समय ले रहे : डॉ. वीरेंद्रसिंह
कोरोना पॉजिटिव मरीज कितने दिन में रिकवर करता है। यह उसकी इम्यूनिटी पर निर्भर करता है। किसी व्यक्ति की इम्यूनिटी कमजोर होगी तो ठीक होने में ज्यादा समय लगता है। हमारे यहां 25 फीसदी मरीज ऐसे हैं, जो ठीक होने में ज्यादा समय ले रहे हैं। इसमें मौसम भी एक कारण है। क्योंकि-बरसात के मौसम में नमी होती है। तापमान में बदलाव के चलते शरीर पर भी असर आता है। इम्यूनिटी सेल्स कमजोर हो जाती है तो मरीज रिकवर करने में ज्यादा समय लेने लग जाता है।
- डॉ. वीरेंद्र सिंह, सलाहकार कोविड-19, राजस्थान सरकार


गुजरात-महाराष्ट्र पैटर्न वाले वायरस ने हालात बिगाड़े : डॉ. रघुनाथप्रसाद
फिलहाल कोरोना वायरस को लेकर कोई स्पष्ट निष्कर्ष नहीं निकल पाया है, लेकिन यह तय है कि वायरस अपना स्ट्रेन बदल चुका है। पहले से ज्यादा मजबूत बन चुका है। लगता है महाराष्ट्र-गुजरात पैटर्न के वायरस की एंट्री हो चुकी है। इसलिए मरीज को रिकवर करने में ज्यादा समय लग रहा है। महाराष्ट्र और गुजरात में कोरोना वायरस से मौत की दर राजस्थान से ज्यादा है। संभव है, वहां काम करने वाले मजदूरों के जरिए वायरस यहां पहुंच गया। इसलिए अब ज्यादा सावधान रहने की जरूरत है।
- डॉ. रघुनाथप्रसाद, फिजिशियन

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