पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

Install App
  • Hindi News
  • Local
  • Rajasthan
  • Sikar
  • In The First Meeting Of The Current Board Of The Zilla Parishad, The Files Will Be Buried Again Today, Termites Of Issues Buried For Years.

Ads से है परेशान? बिना Ads खबरों के लिए इनस्टॉल करें दैनिक भास्कर ऐप

भास्कर विशेष:जिला परिषद के मौजूदा बोर्ड की पहली बैठक में आज, फिर झाड़ेंगे फाइलों में वर्षों से दफन मुद्‌दों की दीमक

सीकर7 दिन पहले
  • कॉपी लिंक
  • सदन में 5 साल गूंजते रहे जनता से जुड़े ये मुद्दे, जिम्मेदारों ने हर बार आश्वासन दिया, क्या आज समाधान मिल पाएगा

जिला परिषद के मौजूदा बोर्ड की पहली बैठक शुक्रवार को सुबह 11.15 बजे जिला परिषद सभागार में जिला प्रमुख गायत्री कंवर की अध्यक्षता में होगी। गायत्री कंवर लगातार तीसरी महिला जिला प्रमुख हैं। हालांकि नवनिर्वाचित जिला प्रमुख के सामने जिला परिषद की व्यवस्थाओं को दीमक से बचाने की बड़ी चुनौती है। जिन टेबल को थपथपाकर पांच साल तक सदस्य जनता के मुद्दे उठाते रहे।

जिला परिषद प्रशासन उन टेबलों को भी दीमक से नहीं बचा पाया। इसी तरह कई मुद्दे उठाते-उठाते सदस्यों का पांच साल का कार्यकाल पूरा हो गया। लेकिन काम नहीं हुए। हर बार अधिकारी सिर्फ हाजिर जवाब पेश होते रहे। 20 महीने बाद हो रही मीटिंग से पहले दैनिक भास्कर ने पिछली मीटिंग और मुद्दों का रियलिटी चेक किया। सामने आया कि बड़ी समस्याओं का आज तक समाधान नहीं हो पाया है। बोर्ड मीटिंग में ओवरलोड वाहनों पर कार्रवाई, अवैध खनन, सुविधाघर बनाने, सुचारू पेयजल सप्लाई सहित पिछले बोर्ड के अधूरे कामों पर हंगामा हो सकता है।

बैठक में इन एजेंडे पर होगी चर्चा : महात्मा गांधी नरेगा योजनांतर्गत वित्तीय वर्ष 2021-22 के वार्षिक कार्य योजना एवं श्रम बजट के अनुमोदन। चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवा की स्थिति , प्रारम्भिक शिक्षा, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता, कृषि विभाग की योजनाओं की प्रगति पर चर्चा। महिला एवं बाल विकास विभाग की योजनाओं, बिजली निगम, पीडब्ल्यूडी, पीएचईडी की स्थिति पर चर्चा, जिला परिषद की निजी आय व अन्य योजनाओं के व्यय का अनुमोदन होगा।

17 साल पहले भवन बना, 7 साल पहले रिनोवेशन लेकिन फिर भी ये हाल... क्योंकि हर बार समस्या के समाधान के बजाय उसे छिपाने की कोशिश की गई

पूर्व मंत्री सुभाष महरिया के कोटे से 2004 में 11 लाख की लागत से जिला परिषद का सभागार बनाया गया था। उस वक्त भगवानसिंह ढाका जिला प्रमुख थे। 2014 में जिला प्रमुख अपर्णा रोलन के कार्यालय में भी सभागार भवन का रिनोवेशन करवाया गया। लेकिन, सिस्टम इस दीमक को नहीं रोक पाया। रिनोवेशन में एसी, पंखे, फ्लोर सिलिंग, रंग-रोगन व कुर्सियां मंगवाई गई थी। गुरुवार काे साधारण सभा की बैठक से एक दिन पहले टेबल की उधड़ी हुई प्लाई को चिपकाकर समस्या को छिपाने की कोशिश की गई।

सीएचसी पर मोर्चरी : सदस्य पांच साल से दांता, खाचरियावास, पाटन, टोडा, पलसाना सहित अन्य सीएचसी पर मोर्चरी की मांग कर रहे थे। एमएलए ने बजट का आश्वासन भी दिया था। लेकिन, आज तक काम नहीं हुआ। कहीं टीन शैड में तो कहीं खुले में पोस्टमार्टम करना पड़ रहा है। खाटूश्यामजी में मंदिर कमेटी ने मोर्चरी बनाई।

स्कूलों में खेल मैदान : शिक्षा मंत्री के गृह जिले में स्कूली बच्चों को मैदान की सुविधाएं नहीं मिल पा रही है। मुद्दा हर मीटिंग में उठता रहा है। मैदान से बिजली लाइन हटाने के नाम पर निगम भारी डिमांड नोटिस भेजता है। बच्चों को खेल सामग्री नहीं मिलती है। बैडमिंटन के अलावा किसी भी खेल के इंडोर स्टेडियम की सुविधा नहीं है।

सदस्यों की सिफारिश पर काम : पिछले बोर्ड की पहली मीटिंग में सदस्यों की सिफारिश पर सालाना पांच-पांच लाख रुपए के काम मंजूर करने की घोषणा की गई थी। विपक्षी सदस्यों का आरोप है कि विपक्ष में रहे 16 सदस्यों की डिजायर पर कोई काम नहीं किया गया। क्या नया सदन इस परंपरा को तोड़ पाएगा।

चालान स्थाई समाधान नहीं, डिवाइडर की है मांग : पिछली बोर्ड बैठक में सदस्यों ने राधाकिशनपुरा अंडरपास जाने वाले रास्ते पर जाम लगने और एंबुलेंस फंसने का मुद्दा उठाया। यहां निजी अस्पताल होने से भीड़ ज्यादा रहती है। पुलिस का तर्क है कि इलाके को नो-पार्किंग घोषित करते हुए चालान किया जा रहा है।

खबरें और भी हैं...

    आज का राशिफल

    मेष
    Rashi - मेष|Aries - Dainik Bhaskar
    मेष|Aries

    पॉजिटिव - आपका संतुलित तथा सकारात्मक व्यवहार आपको किसी भी शुभ-अशुभ स्थिति में उचित सामंजस्य बनाकर रखने में मदद करेगा। स्थान परिवर्तन संबंधी योजनाओं को मूर्तरूप देने के लिए समय अनुकूल है। नेगेटिव - इस...

    और पढ़ें