परेशानी / कैंसल टिकट की राशि यात्रियों को देने के बजाय एयरलाइंस ने बना दिया क्रेडिट सेल

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  • उड्यन मंत्रालय ने लॉकडाउन में रद्द फ्लाइट्स के कैंसल टिकट की राशि लौटाने के दिए थे निर्देश, जिले के 2200 लोगों की कैंसल हुई थी टिकट

दैनिक भास्कर

Jul 01, 2020, 04:00 AM IST

सीकर. एयर लाइंस नागरिक उड्यन मंत्रालय के आदेश की पालना नहीं कर रही है। लॉकडाउन में फ्लाइट्स रद्द होने के बाद कैंसल हुई घरेलू हवाई टिकट का पैसा रिफंड करने की बजाय क्रेडिट सेल में डाल रही है। जबकि सरकार ने सभी एयरलाइंस के आदेश दिया था कि यात्रियों को टिकट कैंसल के आवेदन के तीन सप्ताह में पैसा वापस करना होगा। मामले की जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने उड्यन मंत्रालय से तीन सप्ताह में जवाब मांगा है।

दरअसल काेराेना के दाैरान शुरुआती दौर में सरकार ने 25 मार्च से 14 अप्रैल के दौरान प्रस्तावित हवाई यात्राओं पर रोक लगाई गई थी। इसके बाद रोक का दायरा भी बढ़ता रहा। टिकट कैंसल करवाकर रिफंड लेने वालों की तादाद बढ़ने लगी। नुकसान से बचने के लिए एयरलाइंस ने क्रेडिट सेल का रास्ता निकाला। दैनिक भास्कर ने पूरे मामले की पड़ताल की तो सामने आया कि एयरलाइंस कंपनियां ग्राहकों को बनाए रखने के लिए क्रेडिट सेल की स्कीम से जोड़ना चाह रही है। अकेले सीकर जिले के करीब 2200 लोगों के टिकट कैंसिल हुए।

क्रेडिट सेल का मतलब होता है, कैंसल फ्लाइट टिकट का पैसा नई टिकट में एडजस्ट कर दिया जाएगा

क्रेडिट सेल एक तरीके का क्रेडिट नोट होता है। एयरलाइंस इसकी वैधता एक साल तक के लिए दे रही हैं। यानी कैंसिल टिकट का पैसा नई टिकट पर एडजेस्ट हो जाएगा। यात्री एयरलाइंस की वेबसाइट पर जाकर पीएनआर के बदले इसे कैंसल करा सकते हैं। इसके बाद उन्हें क्रेडिट सेल मिल जाएगा। कुछ कंपनियों ने ऑटोमैटिक सभी ग्राहकों का पैसा क्रेडिट सेल में डाल दिया। टिकट कैंसल कराने वालाें में कई लोग ऐसे हैं, जो बार-बार हवाई यात्रा नहीं करते हैं। सरकार द्वारा हवाई यात्रा पर रोक के बाद ज्यादातर एयरलाइन ने टिकट का पैसा वापस करने की बजाय यात्रियों को किसी खास मौके पर उड़ान के अवसर की पेशकश की। एयरलाइन्स टिकट कैंसिलेशन पर अलग-अलग स्कीम दे रही हैं। पैसा रिफंड करने के बजाय कई एयरलाइन्स आपको आगे किसी अन्य रूट का टिकट लेने का ऑफर दे रही हैं। एयरलाइन्स दूसरे टिकट के लिए 1 साल तक का समय दे रही हैं, ताकि नुकसान न हो।

ऐसे यात्रियों की परेशानी बढ़ी जो नियमित हवाई नहीं करते हैं

रेगुलर कस्टमर नहीं, इसलिए हमारे काम की नहीं क्रेडिट सेल
1. मोहम्मद हारुन कारिगर ने दो मई को जयपुर से बैंगलुरू जाने और सात मई को वापस जयपुर लौटने के लिए  इंडिगो एयरलाइंस से तीन लोगों की टिकट बुक करवाई। यह टिकट दो फरवरी को 11,322 रुपए में बुक करवाई गई थी। अब रिफंड देने की बजाय एयरलाइंस क्रेडिट सेल बनवाने की बात कह रही है। इनका कहना है कि उनका नियमित आना जाना नहीं होता है। ऐसे में क्रेडिट सेल हमारे कोई कम नहीं आएगी।
कैंसल हुई फ्लाइट, रिफंड मांगा तो बना दिया क्रेडिट सेल 
2. सुरेंद्रसिंह ने इंडिगो एयर लाइंस की 21 जून की फ्लाइट में  पूना से जयपुर का टिकट बुक करवाया। उन्होंने यह टिकट लॉकडाउन से 20 दिन पहले बनाया था। 20 मार्च को उनके पास फ्लाइट कैंसिल होने का मैसेज आया। ट्रेवल एजेंट ने रिफंड के लिए मैसेज किया तो बताया गया कि आपका पैसा क्रेडिट सेल में डाल दिया गया है। जबकि सुरेंद्रसिंह भी विमान कंपनियों में नियमित आना-जाना नहीं करते हैं।

जनहित याचिका में बताए सात दिन में पैसा रिफंड के नियम 
एयरलाइंस की मनमानी के खिलाफ प्रवासी लीगल सेल एनजीओ ने सुप्रीम कोर्ट में जनहित याचिका लगाई। तर्क दिया कि उड्यन मंत्रालय के आदेशों के बावजूद कंपनियों ने कैंसिल टिकट का पैसा नहीं लौटाकर इसका क्रेडिट सेल बना दिया। जबकि  एयरलाइंस द्वारा क्रेडिट सेल में रिफंड राशि रखने का विकल्प यात्रियों की इच्छा पर दिया जाना चाहिए।  नियमानुसार टिकट रद्द होने से सात दिन में पैसा रिफंड किया जाना चाहिए।

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