शहादत पर सियासत:कांग्रेस विधायक वीरेंद्र सिंह बोले- अजीब संयोग है, उत्तराखंड के चुनाव आने वाले हैं और सीडीएस बिपिन रावत शहीद हो गए

सीकरएक वर्ष पहले

सीडीएस बिपिन रावत और 13 जवानों की हैलिकॉप्टर हादसे में शहादत पर सियासत शुरू हो गई है। सीकर के दांतारामगढ से कांग्रेस विधायक वीरेंद्र सिंह ने जनरल बिपिन रावत की शहादत को उत्तराखंड चुनाव से जोड़ते हुए इसके पीछे राजनीतिक षड्यंत्र की आशंका जताई है। वीरेंद्र सिंह ने कहा कि अभी उत्तराखंड में चुनाव होने वाले हैं और बिपिन रावत शहीद हो गए...अजीब संयोग है ये।

उन्होंने कहा कि हमारी भूमि को शहादत मिले तो अच्छे कर्म के लिए मिले, राजनीतिक षड्यंत्र के तहत नहीं मिले। बहुत से उदाहरण हैं, बिहार चुनाव से पहले का उदाहरण देख लीजिए। बिहार रेजिमेंट के 18 शहीद हुए। न उन्हें गोली लगी। चाइना का फौजी कद में हमारे फौजी से छोटा होता है। फिर भी कैसे धक्का देकर नदी में गिरा दिया और हमारे जवान शहीद हो गए। वीरेंद्र सिंह ने कहा- यहां का हर फौजी भाई शहादत से पीछे नहीं हटता, लेकिन बॉर्डर पर दुश्मन से लड़ते हुए सीने पर गोली खाते हुए शहीद हो तो हमें गर्व महसूस होता है। हमारा फौजी किसी राजनीतिक षड्यंत्र या राजनीतिक फायदे के लिए शहीद होता है तो हमारे मन में टीस होती है।

लोकसभा चुनाव से पहले पुलवामा में 44 जवान शहीद हुए
वीरेंद्र सिंह ने कहा- मोदी प्रचंड बहुमत से सरकार बनाकर सत्ता में आ गए। जनता से ढेरों वादे किए थे, वे पूरे नहीं हुए। नोटबंदी करके जनता से बड़े-बड़े वादे किए। 100 दिन का मौका मांगा और काला धन लाने की भी बात कही। काला, पीला, हरा... कोई भी धन बाहर नहीं ला सके, लेकिन परिवारों के पास संकट के लिए रखा पैसा सार्वजनिक कर दिया।
उसके बाद लोगों को लगा कि बीजेपी के पास कोई मुद्दा नहीं है और हर मामले में फ्लॉप है। तभी अजीब संयोग हुआ। पुलवामा में हमला हुआ। मिलिट्री काफिले में एक गाड़ी सुरक्षा घेरा तोड़ते हुए घुसती है और हमारे 44 जवान शहीद हो जाते हैं। देश के हर कोने में शहीदों की चिताएं जलती हैं। उसके बाद नतीजा यह हुआ कि लोगों में राष्ट्रीयता की भावना जागी। निक्कमी केंद्र की सरकार फिर सत्ता में आ गई। ऐसे कई उदाहरण हुए हैं।
कहा- ये मेरी नहीं देश के सैनिकों की भावना
कल शहीद की मूर्ति के अनावरण कार्यक्रम में दिए बयान पर जवाब देते हुए विधायक वीरेंद्र सिंह ने कहा है कि कल मैंने जो बयान दिया। वह मेरी नहीं देश के सैनिकों की भावना थी। मोदी सरकार ने चुनाव के पहले कई झूठे वादे किए जो पूरे नहीं हुए। ऐसे में पुलवामा हमले से मोदी सरकार को फायदा मिला। जिससे वह वापस सत्ता में आई। मैंने एक आम आदमी होने के नाते यह सभी प्रश्न मोदी सरकार से पूछे हैं।
सुरक्षा में इतनी बड़ी चूक कैसे
विधायक वीरेंद्र सिंह ने कहा कि हैलिकॉप्टर का क्रैश होना एक प्राकृतिक हादसा है। लेकिन जब देश के तीनों सेनाओं के प्रमुख के हैलिकॉप्टर के साथ इस तरह का हादसा होता है तो कहीं न कहीं यह सुरक्षा व्यवस्था में चूक को भी दर्शाता है। जब सीडीएस का हैलिकॉप्टर सुरक्षित नहीं है तो उनका क्या होगा जो अपनी दुल्हन को लेने के लिए हैलिकॉप्टर में जाते हैं।
विजय दिवस को आजादी दिवस बोल गए
विधायक वीरेंद्र सिंह पत्रकारों से रूबरू हुए तो उन्होंने विजय दिवस का नाम भूल कर बार-बार आजादी दिवस कहा। ऐसे में पास बैठे एक कार्यकर्ता ने उन्हें बताया।
मोदी सरकार ने सख्त लॉकडाउन जैसे फैसले लिए
​​​​​​​विधायक वीरेंद्र सिंह ने कहा कि पहले तो मोदी सरकार ने काले धन के नाम पर नोटबंदी की जिसका कोई मतलब नहीं निकला। इसके बाद जब देश में कोरोना महामारी फैली तो उन्होंने संपूर्ण देश में सख्त लोकडाउन लगाया। जिसके चलते लोगों को अपने घरों पर जाने के लिए हजारों किलोमीटर का सफर पैदल तय करना पड़ा।

खबरें और भी हैं...