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सरकारी विभागाें काे बकाया पसंद है:नोट : ये सुविधा जनता के लिए नहीं है, क्याेंकि दो हजार उपभोक्ताओं के कनेक्शन काट चुका है डिस्कॉमभास्कर संवाददाता | सीकर बिजली निगम बकाया

सीकर2 महीने पहले
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आम उपभोक्ता नोटिस का जवाब नहीं दे तो कनेक्शन कट। - Dainik Bhaskar
आम उपभोक्ता नोटिस का जवाब नहीं दे तो कनेक्शन कट।

बिजली निगम बकाया वसूली टारगेट पूरा करने के लिए आम उपभोक्ताओं के कनेक्शन काट कर रहा है, लेकिन लंबे समय से बकायादार सरकारी विभागों पर मेहरबानी बरती जा रही है। 3.20 करोड़ रुपए बकाया पर 2040 उपभोक्ताओं के कनेक्शन काट दिए गए। सरकारी विभागों पर लंबे समय से 32.13 करोड़ रुपए बकाया चल रहे हैं। इसकी वसूली के लिए महज अफसरों को पत्र लिखे जा रहे हैं।

जिले में घरेलू कनेक्शनों पर 47.85 करोड़ रुपए बकाया चल रहे हैं। बिजली निगम बकाया वसूली को लेकर अभी अभियान चला रहा है। दैनिक भास्कर ने इस अभियान पर पड़ताल की, ताे सामने आया कि सरकारी विभागों पर लगाई जाने वाली पैनल्टी भी बजट का अभाव बताकर माफ करवा ली जाती है। सीकर जिले में अभी तक 104 कराेड़ रुपए बकाया में से सिर्फ 13.13 कराेड़ रुपए की वसूली हुई है।

ज्यादातर रकम आम उपभोक्ताओं से वसूली गई है। वहीं, स्ट्रीट लाइट्स, जलदाय विभाग अाैर सरकारी स्कूलाें व अस्पतालों पर करीब 32.13 कराेड़ रुपए का बिल बकाया चल रहा है। अकेले स्ट्रीट लाइट्स पर जिलेभर में 19.62 कराेड़ रुपए का बिल बाकी है।

बिल बकाया होने पर फीडर इंचार्ज व जेईएन के जरिए सूचना दी जाती है। बकाया जमा नहीं होने पर नोटिस जारी किया जाता है। इसके बाद भी बिल जमा नहीं होने पर कनेक्शन काट दिया जाता है।

  • बिल बकाया होने पर विभाग को सूचना दी जाती है। बिल जमा नहीं होने पर नोटिस जारी किया जाता है। बकाया के बावजूद जलदाय-अस्पताल जैसी आवश्यक सेवाओं के मामलों में कनेक्शन नहीं काटते हैं।
  • जिले में नगर परिषद और नगर पालिकाओं में स्ट्रीट लाइट का बिल सबसे ज्यादा बकाया है। सीकर नगर परिषद काे 9.89 करोड़ रुपए चकाने हैं। इसी तरह पालकाअाें की बात करें, ताे नीमकाथाना पर 1.92 कराेड़, श्रीमाधोपुर पर 1.49 कराेड़ रुपए व रींगस पर 1.07 कराेड़ रुपए बकाया चल रहे हैं। जिले की अन्य नगर पालिकाओं सहित स्ट्रीट लाइट में कुल 19. 62 करोड़ रुपए बकाया है।

जलदाय विभाग पर 12.39 लाख व स्कूल-अस्पतालों पर 13 लाख रुपए बकाया : जिले में 6,53,500 उपभोक्ता हैं। इनमें 5,80,106 घरेलू उपभोक्ता शामिल हैं अाैर उन पर 47.85 कराेड़ रुपए बकाया है। वहीं 75,021 अघरेलू उपभाेक्ताओ पर 11.04 कराेड़ रुपए बकाया चल रहे हैं। स्ट्रीट लाइट के 19.62 कराेड़ रुपए, कृषि कनेक्शनों पर 6 कराेड़ रुपए बकाया हैं। इसके साथ ही जलदाय विभाग पर करीब 12.39 कराेड़, सरकारी स्कूलाें व अस्पतालों पर करीब 13 लाख रुपए का बिल बकाया है। सीएसडी थर्ड के एईएन ने बताया कि एसीबी ऑफिस सीकर में 50 हजार से अधिक, जिला कारागृह सीकर में 3.50 लाख से अधिक, उद्योग नगर व महिला थाना में 70 हजार से अधिक का बिल बकाया है। अरबन सेस के नाम पर वसूल होता है स्ट्रीट लाइट चार्ज, समय पर बिल नहीं चुकाती हैं पालिकाएं

बिजली निगम शहरी उपभोक्ताओं से अरबन सेस के नाम से स्ट्रीट लाइट पर खर्च होने वाली बिजली का शुल्क वसूल करता है। बिजली बिल में 15 पैसे प्रति यूनिट राशि वसूल की जाती है। औसतन जिलेभर में हर साल पांच करोड़ रुपए की वसूली होती है। निगम द्वारा वसूल किया गया यह पैसा सीधे यूडीएच को भेज दिया जाता है। डीएलबी से प्रत्येक नगर पालिका को पैसा वापस जारी किया जाता है। पालिकाओं से यह पैसा बिजली निगम को जमा करवाया जाता है। इस लंबी प्रक्रिया में यह पैसा अटक जाता है।

वसूली में लक्ष्मणगढ़ ग्रामीण अव्वल
बिजली निगम ने वित्तीय वर्ष 2021-22 में 102 फीसदी राजस्व जुटाने का लक्ष्य रखा है। नवंबर महीने की वसूली में लक्ष्मणगढ़ ग्रामीण एईएन सबसे आगे हैं। यहां 115 फीसदी वसूली की गई है। इसी कारण ज्यादा बकाया वाले उपभाेक्ताओं काे चेतावनी दी गई। पैसा जमा नहीं करवाने वाले 2040 उपभाेक्ताओं के कनेक्शन काट दिए गए। इनमें से ज्यादातर उपभोक्ताओं को कनेक्शन जुड़वाने के लिए पैसा जमा करवाना पड़ा।

करोना के चलते कई घरेलू उपभोक्ता बिजली बिल नहीं जमा करवा पाए। वहीं सरकारी अस्पताल, जलदाय, स्ट्रीट लाइट व स्कूल आदि आवश्यक सेवाओं से जुड़े हैं। जनता के हित को ध्यान में रखते इनकी कनेक्शन नहीं काटे गए। आगामी दिनों में पैसा जमा नहीं होने पर इन पर भी कार्रवाई की जाएगी। नरेंद्र गढ़वाल, एसई, बिजली निगम

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