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  • Now 10 People Will Be Employed Instead Of 100 On One Work, Priority Is Given To Small Works Under The Guideline, 1052 Workers Have Registered

15 दिन के बाद मनरेगा कार्य शुरू:अब एक काम पर 100 के बजाय 10 लोगों को लगाएंगे, गाइडलाइन के तहत छोटे कार्यों को प्राथमिकता, 1052 श्रमिकों ने कराया रजिस्ट्रेशन

सीकर19 दिन पहले
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15 दिन एक बार फिर गांवों में सरकार ने मनरेगा कार्यों की शुरुआत कर दी है। नई गाइडलाइन के मुताबिक अब एक काम पर 100 के बजाय 10 लोगों को ही लगाया जाएगा। नरेगा श्रमिकों का पंजीकरण सरकार की छूट के बाद 24 मई से ही शुरू कर दिया गया है। नए सिरे से आदेश जारी होने के बाद जिले की 376 ग्राम पंचायतों में 5 दिन के दौरान 132 नरेगा कार्यों के मस्टरोल जारी किए जा चुके हैं।

इन कार्यों के लिए अब तक 1052 नरेगा श्रमिकों द्वारा रजिस्ट्रेशन भी करवाया जा चुका है। सीईओ सुरेश कुमार ने बताया कि गांव के प्रत्येक व्यक्ति को रोजगार मिल सके, इसके लिए नई कार्ययोजना के अनुसार प्लानिंग भी शुरू कर दी गई है। 1 जून से नरेगा कार्यों को विस्तृत रूप से शुरू किया जाएगा। गाइडलाइन के मुताबिक गांव में लंबे कार्यों के बजाय छोटे कामों को प्राथमिकता मिलेगी।

ताकि छोटे कार्यों पर लेबर को टुकड़ों में काम मिल सके। कोरोना की दूसरी लहर में ग्रामीण इलाकों में संक्रमण दर ज्यादा रहने की वजह से पिछले साल के मुकाबले इस साल गांव में नरेगा मजदूरों में भी काफी डर बना हुआ है। मार्च 2020 में सरकार के द्वारा लॉकडाउन के बावजूद नरेगा कार्य बंद नहीं किया गया था। इस वजह से पिछले साल मई में जिले की 376 ग्राम पंचायतों में 35287 नरेगा श्रमिक लगे हुए थे। इस साल 9 मई तक यह आंकड़ा 16000 ही रहा। नए सिरे से पंजीकरण शुरू होने के 5 दिन में भी महज 1052 श्रमिकों ने ही पंजीकरण करवाया है।

काम से पहले संविदाकर्मी मांग रहे हैं कोरोना सुरक्षा
नरेगा में विभिन्न पदों पर कार्यरत संविदाकर्मी सरकार से काम शुरू हरने से पहले सुरक्षा की मांग कर रहे हैं। सीकर जिला नरेगा कर्मी यूनियन के डबकेश ने बताया कि नरेगा के काम की जिम्मेदारी ग्राम रोजगार सहायक, डाटा एंट्री ऑपरेटर, लेखा सहायक व कनिष्ठ तकनीकी सहायक के कंधों पर टिकी हुई है। इन्हें सीधे पब्लिक संपर्क में रहना पड़ता है।

ऐसे में संक्रमित होने का खतरा भी ज्यादा होता है। सरकार के द्वारा कर्मचारी-अधिकारियों को कोरोना दुर्घटना पर 50 लाख तक का सुरक्षा कवच दिया जा रहा है। जबकि नरेगा में गांव के लोगों को रोजगार उपलब्ध करवाकर बड़े वर्ग को फायदा पहुंचाने वाले ग्राम रोजगार सहायक, डाटा एंट्री ऑपरेटर, लेखा सहायक व कनिष्ठ तकनीकी सहायक को बिना सुरक्षा जान जोखिम में डालकर सेवा देनी पड़ रही है।

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