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  • Phulkumar Went To Jaipur Railway Station With His Brother in law At 12 O'clock In The Taxi With His Brother in law, If The Driver Asked For The Fare, Then After Two Days I Will Come By Flight, Come To The Airport To Pick Up

ज्वैलर्स का 75 लाख का साेना ले जाने का मामला:टैक्सी में साेना लेकर रात 12 बजे साले के साथ जयपुर रेलवे स्टेशन गया था फूलकुमार, ड्राइवर ने किराया मांगा तो बाेला-दाे दिन बाद फ्लाइट से आऊंगा, लेने एयरपोर्ट आ जाना

सीकर21 दिन पहले
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आरोपी फूलकुमार - Dainik Bhaskar
आरोपी फूलकुमार
  • टैक्सी से ही बंगाल जाना चाहता था कारीगर, ड्राइवर ने मना किया ताे खाने और डीजल के पैसे देकर हाे गया फरार

15 ज्वैलर्स का 75 लाख का डेढ़ किलो सोना लेकर गायब होने वाले बंगाली कारीगर फूलकुमार बारी से जुड़ा नया खुलासा हुआ है। फूलकुमार ने फरार होने के लिए दिन में ही टैक्सी बुक कर ली थी। वह इसी टैक्सी को बंगाल स्थित अपने गांव ले जाना चाहता था, लेकिन ड्राइवर ने थकावट की वजह से मना किया तो जयपुर रेलवे स्टेशन जाकर ट्रेन से फरार हो गया।

इधर, जांच अधिकारी सुभाष कुमार का कहना है कि आरोपी ने मोबाइल बंद कर रखा है इसलिए उसकी तलाश में दिक्कत आ रही है। हम उसके सीकर स्थित किराए के घर और दुकान में उपलब्ध सामान से सबूत जुटाने की कोशिश करेंगे। उसके परिवार के मोबाइल नंबरों पर भी पुलिस की नजर है। यदि वह उनसे संपर्क करता है तो जानकारी मिल सकती है।

उसके किराए के घर में सामान बिखरा हुआ और अलमारी खुली पड़ी मिली है। वहीं उसे जयपुर छोड़ने वाले ड्राइवर परसाराम से भी जानकारी जुटाई है। इधर, घटना के शिकार ज्वैलर्स का कहना है कि यदि सोना या गहने नहीं मिले तो ग्राहकों को क्या जवाब देंगे। हमारी पुलिस से मांग है कि आरोपी को तुरंत पकड़कर हमारा सोना दिलवाया जाए।

आरोपियों को जयपुर छोड़ने वाले ड्राइवर से बातचीत...

बंगाली कारीगरों के एक नेता गोपाल की वजह से मैं फूलकुमार के संपर्क में आया। फूलकुमार कई बार मेरी गाड़ी किराए पर लेकर जा चुका था। इस बार उसने रविवार दोपहर करीब 12:30 बजे दुकान पर बुलाया और कहा कि रात में साले माधव को जयपुर छोड़कर आना है। मैंने मना कर दिया तो वे स्टेशन के अंदर चले गए। किराया मांगने पर फूलकुमार ने कहा-वह दो दिन बाद प्लेन से लौटेगा इसलिए एयरपोर्ट आ जाना। इस दौरान फूलकुमार ने एक व्यक्ति को फोन करते हुए मिलने की बात की थी, लेकिन सामने वाले ने मना कर दिया। फूलकुमार को जयपुर पहुंचने की जल्दी थी इसलिए मुझे खाना भी नहीं खाने दिया। दिन में गोपाल ने बताया था कि फूलकुमार और उसके साले की तो टिकट ही नहीं बनी है।

फूलकुमार को जयपुर पहुंचने की इतनी जल्दी थी कि रास्ते में खाना खाने के लिए भी टैक्सी नहीं रोकने दी

फूलकुमार के बताए अनुसार रात आठ बजे उसके किराए के घर पर पहुंचा तो वह नहीं मिला। फोन करने पर कहा कि आ रहा हूं। इसके बाद वह बैग लेकर आया, साला भी साथ था। फिर हम तीनों जयपुर रवाना हो गए। रात करीब 12:15 बजे जयपुर स्टेशन पहुंचे। वहां फूलकुमार ने कहा कि मेरे साले के परिवार में किसी की तबीयत खराब हो गई है, इसलिए मुझे भी उसके साथ बंगाल जाना पड़ेगा। क्या तुम हम दोनों को वहां छोड़ दोगे।

फूलकुमार को जयपुर पहुंचने की इतनी जल्दी थी कि रास्ते में खाना खाने के लिए भी टैक्सी नहीं रोकने दी

फूलकुमार के बताए अनुसार रात आठ बजे उसके किराए के घर पर पहुंचा तो वह नहीं मिला। फोन करने पर कहा कि आ रहा हूं। इसके बाद वह बैग लेकर आया, साला भी साथ था। फिर हम तीनों जयपुर रवाना हो गए। रात करीब 12:15 बजे जयपुर स्टेशन पहुंचे। वहां फूलकुमार ने कहा कि मेरे साले के परिवार में किसी की तबीयत खराब हो गई है, इसलिए मुझे भी उसके साथ बंगाल जाना पड़ेगा। क्या तुम हम दोनों को वहां छोड़ दोगे।

मैंने मना कर दिया तो वे स्टेशन के अंदर चले गए। किराया मांगने पर फूलकुमार ने कहा-वह दो दिन बाद प्लेन से लौटेगा इसलिए एयरपोर्ट आ जाना। इस दौरान फूलकुमार ने एक व्यक्ति को फोन करते हुए मिलने की बात की थी, लेकिन सामने वाले ने मना कर दिया। फूलकुमार को जयपुर पहुंचने की जल्दी थी इसलिए मुझे खाना भी नहीं खाने दिया। दिन में गोपाल ने बताया था कि फूलकुमार और उसके साले की तो टिकट ही नहीं बनी है।

घर या प्रतिष्ठान में बाहर के कर्मचारी हैं, तो उनका पुलिस वेरिफिकेशन कराएं, यह शहर की सुरक्षा के लिए जरूरी

शहर में करीब 2500 बंगाली कारीगर कई साल से विभिन्न ज्वैलर्स के लिए गहने बनाने का काम कर रहे हैं। इनका पुलिस वेरिफिकेशन नहीं है। यही वजह है कि 75 लाख का सोना ले जाने वाले फूलकुमार का सुराग नहीं लग रहा है। इसलिए भास्कर ने सीकर पुलिस के साथ मिलकर बंगाली कारीगरों और अन्य बाहरी कामगारों के वेरिफिकशन की मुहिम शुरू की है। यह मुहिम शहर की सुरक्षा के लिए जरूरी है।
ये है प्रक्रिया : पुलिस वेरिफिकेशन करवाने के लिए दो विकल्प हैं। थाने जाकर प्रक्रिया पूरी करना चाहते हैं वहां आपको एक फॉर्म मिलेगा, जिसमें मांगी सूचना व दस्तावेज उपलब्ध करवाने हाेंगे। दूसरा विकल्प राजकॉप सिटीजन एप के जरिए ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। दोनों ही विकल्पों में आवेदन के बाद पुलिस अपने स्तर पर वेरिफिकेशन तय समयावधि में कर देती है।

बाहरी कामगारों के पुलिस वेरिफिकेशन का नियम पुराना है। मेरी सभी शहरवासियों से अपील है कि वे अपने किराएदाराें, कामगाराें का पुलिस वेरिफिकेशन जरूर करवाएं। क्योंकि यह अपराध रोकने की प्रिवेंटिव प्रक्रिया है। यह सुविधा ऑनलाइन भी राजकॉप सिटीजन एप पर उपलब्ध है। यदि थाना स्तर पर या पुलिस स्टाफ के स्तर पर कोई समस्या आती है मुझे एसपी ऑफिस आकर सीधे बता सकते हैं। समस्या का हाथों हाथ समाधान किया जाएगा।
-कुंवर राष्ट्रदीप, एसपी

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