जमीनी विवाद को लेकर प्रदर्शन:पुलिस ने सो रही मां-बेटी को धमकाया, प्लॉट खाली कर दो, खेत की तारबंदी तोड़ ले गए

धोद8 महीने पहले
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डिप्टी राजेश आर्य से आपबीती सुनाती पीड़ित महिला व धरना दे रहे गांव के लोग। - Dainik Bhaskar
डिप्टी राजेश आर्य से आपबीती सुनाती पीड़ित महिला व धरना दे रहे गांव के लोग।

धोद में जमीनी विवाद व पुलिस पर गाली-गलैज का आरोप लगाते हुए ग्रामीणों ने रविवार को बाजार में चक्का जाम कर धरना-प्रदर्शन किया। लोगों ने भूमाफिया व पुलिस प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। ग्रामीणों ने धरना-प्रदर्शन कर पुलिस पर भूमाफियाओं से मिलीभगत व बेवजह परेशान करने का आरोप लगाया। लोगों ने पीड़ित परिवार के साथ सुबह साढ़े 8 बजे रोड जाम कर धरना शुरू किया जो शाम करीब चार बजे समाप्त हुआ।

इस दौरान ग्रामीण डिप्टी राजेश आर्य, धोद व लोसल पुलिस मौजूद थी। पीड़ित कविता शर्मा ने बताया की वह और उसकी मां अपने प्लाट पर सो रही थी, तभी धोद थानाधिकारी अमित कुमार नागौरा व कुछ सिपाही सिविल ड्रेस व सिविल गाड़ी में आए और उनको डराने धमकाने लगे, और कहा कि ये जमीन आपकी नहीं है निकलों यहां से। गालियां भी दी।

प्लाट पर तारबंदी की हुई थी जिसे निकालकर कर थाने ले गए। और जाते समय बोल कर गए की तू ये जगह खली कर दो, मेरी पावर को नहीं जानते। जान से मारने की धमकी दी। इस दौरान एक पीड़ित पूर्व फौजी जवाहर मल वाल्मीकि जो पीड़ित के सामने रहता है, उसने बताया की शनिवार रात को भी थानाधिकारी अमित नागौरा अपने सिपाहियों के साथ आए और उसके घर के बाहर लगी लाइट को उतारकर ले गए। जाते समय उसकी खिड़की के सारे कांच तोड़ गए और गालियां निकाली।

सुबह ग्रामीणों ने बाजार में चक्का जाम कर पुलिस प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी कर धरना-प्रदर्शन किया। इस दौरान प्रशासन से थानाधिकारी को हटाने की मांग की। मौके पर पहुंचे डिप्टी ग्रामीण राजेश आर्य ने जांच का आश्वासन दिया। दोषी होने पर तुरंत करवाई की जाएगी। ग्रामीणों ने बाद में धरना समाप्त कर दिया। वहीं इस संबंध में थानाधिकारी से उनका पछ जानने के लिए संपर्क किया गया लेकिन उन्होंने जवाब नहीं दिया।

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