भास्कर लाइव:बिजली गुल, दो घंटे देरी से शुरू हुई जांच, पंजीकरण के लिए भी मरीजों को करना पड़ा इंतजार

लक्ष्मणगढ़15 दिन पहले
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अस्पताल में भर्ती मरीज। - Dainik Bhaskar
अस्पताल में भर्ती मरीज।
  • सीएचसी में छह दिन में डेंगू के 28 रोगी भर्ती, निशुल्क जांच व दवा उपलब्ध, लगातार बढ़ रहा है आउटडाेर

मौसमी बीमारियों का कहर बढ़ता जा रहा है। अस्पतालों में मरीजों की लंबी कतारें लग रही हैं। व्यवस्थाओं की हकीकत जानने के लिए भास्कर ने जिले की चार सीएचसी का जायजा लिया तो कई जगह लापरवाही भी सामने आई, जिसके कारण मरीजों को परेशान होना पड़ रहा है। संसाधनों के अभाव में मरीजों को इलाज के लिए संघर्ष करते देखा गया।

क्षेत्र में मौसमी बीमारियों के साथ मलेरिया व डेंगू के डंक भी खतरनाक हो गए हैं। उपजिला अस्पताल में रोज डेंगू के रोगी पहुंच रहे हैं। आउटडोर में रोज 500 से अधिक मरीज आ रहे हैं। रोगियों की बढ़ती संख्या को देखते हुए अस्पताल में पर्ची बनवाने व दवा वितरण का एक अतिरिक्त काउंटर लगाया गया है। सुबह नौ बजे ओपीडी शुरू होने से पहले ही पांच-सात रोगी पहुंच जाते हैं। अस्पताल के ड्यूटी चार्ट के अनुसार सभी डॉक्टर 8.55 से सवा नौ बजे के बीच अस्पताल पहुंच गए थे। वहीं बिजली गुल होने से पर्ची कटवाने के लिए भीड़ लग गई।

बिजली गुल होने से पर्चियां धीरे कट रही थी। लैब में जांच भी दो घंटे देरी से हुई। सोनोग्राफी व डायलिसिस भी नहीं हो सकी। अस्पताल में जनरेटर की भी सुविधा नहीं है। 11 बजे बाद लाइट आने के बाद लैब टेस्ट के लिए सैंपल लिए गए। इनमें से मलेरिया, वायरल व डेंगू के 24 मरीज भर्ती किए गए। बुधवार को ओपीडी में 491 मरीज पहुंचे। सुबह के समय वार्ड भर जाते हैं, लेकिन दूसरे टाइम खाली हो जाते हैं।

प्रभारी अधिकारी डॉ. राजीव ढाका ने बताया कि डेंगू जांच के लिए 70 किट पहले से ही स्टॉक में हैं, 150 बुधवार देर शाम को मंगवा लिए। पैरासिटामोल की सात हजार टेबलेट, सभी तरह के इलेक्ट्रॉलाइट, फ्लुइड, आइवी सैट स्टॉक में हैं। डेंगू व मलेरिया की किट जांच महज 150 रुपए में की जा रही है। वहीं, भर्ती होने वाले मरीज को एक रुपया भी खर्च नहीं करना पड़ता है, सरकारी सप्लाई के अलावा जो भी दवा चाहिए, वह एमआरएस द्वारा मंगवाकर दी जा रही है।

मरीजों को देख रहे फिजिशियन डॉ. मनोज फोगावट ने बताया कि डेंगू, मलेरिया आदि में प्लेटलेट्स प्रभावित होती है, जिससे जी मिचलाने जैसा होता। इससे मरीज का कुछ भी खाने का मन नहीं होता। फ्लूइड के जरिए इसकी पूर्ति तथा उन्हें मेंटेन रखने के लिए पैरासिटामोल, जी मिचलाने व उल्टियां आदि रोकने के लिए, एसिडिटी व गैस्टिक रोकने के लिए पेंटाप्राजोल, डॉमपैरीडोन के साथ अगर जरूरत हुई तो एंटीबायोटिक भी दे रहे हैं जो पर्याप्त मात्रा में स्टॉक में है।

फतेहपुर : वायरल के 25% रोगियों में प्लेटलेट्स की कमी, बेड फुल, भर्ती के लिए करना पड़ रहा इंतजार

फतेहपुर | मौसमी वायरल के कारण धानुका अस्पताल में औसतन 700 से अधिक मरीज प्रतिदिन आ रहे हैं। इनमें 250 से अधिक रोगी मौसमी बीमारी के आ रहे हैं। धानुका अस्पताल में अभी सभी बेड फुल च हैंं। अधिकांश रोगी मौसमी बीमारी के भर्ती हैं। अस्पताल में डेंगू जांच की किट उपलब्ध नहीं है।

इंचार्ज एसएस सबल ने बताया कि अभी तक एक भी रोगी मलेरिया या डेंगू का नहीं आया, लेकिन निजी लैबों से प्राप्त जानकारी के अनुसार एक अक्टूबर से अब तक 80 से 100 डेंगू रोगी के आ चुके हैं। प्रतिदिन 250 रोगियों की सीबीसी जांच की जा रही है, जिनमें से 25 प्रतिशत रोगियों की प्लेटलेट्स कम आ रही है।

धानुका अस्पताल में प्रतिदिन करीब 10 डाक्टर्स रोगियों को देखते हैं, लेकिन मरीजों की संख्या अधिक होने से उपचार के लिए काफी इंतजार करना पड़ा। वहीं, सीएचसी बेसवा में एक डेंगू रोगी मिला। उपजिला अस्पताल में 50 बेड हैं जो सभी भरे हुए हैं। भर्ती करने के लिए मरीजों को इंतजार करना पड़ रहा है। सीएचसी बेसवा में डेंगू का एक मरीज मिला है। इंचार्ज डाॅ. इदरीश ने बताया कि क्षेत्र में एक डेंगू रोगी मिला है। सीएचसी में डेंगू जांच किट उपलब्ध है। कस्बे में फोगिंग भी नहीं की जा रही है।

रींगस : हर घंटे पहुंच रहे मौसमी बीमारियों के 106 मरीज, मेल वार्ड फुल, कुछ डॉक्टर देरी से पहुंचे अस्पताल

सीएचसी में डॉक्टरों की लेटलतीफी के कारण मरीजों को उपचार के लिए काफी परेशान होना पड़ रहा है। बुधवार को सीएचसी में प्रभारी डॉ. विनोद गुप्ता, डॉ. जितेंद्र यादव, डॉ. स्वाति नयन, डॉ. महेंद्र, डॉ. प्रवीण कुमार महला, डॉ. अलारखी टोला समय पर पहुंचे, जबकि डॉ. सुखदेव सिंह महला 9.25 बजे, डॉ. प्रकाश धायल व डॉ. केके शर्मा 9.18, डॉ. सतीश पूनिया 9.26 मिनट पर सीएचसी पहुंचे। इसके कारण चिकित्सकों के चैंबरों के बाहर मरीजों की लंबी कतार लग गई। अस्पताल समय में 636 मरीज आए। यानी एक घंटे में 106 मरीज अस्पताल पहुंच रहे हैं। बुधवार को 18 मरीज भर्ती थे। मेल मेडिकल में 12 बेड हैं जो भरे थे। वहीं फीमेल में 12 में से सात बेड भरे थे। इसके अलावा छह बेड लेबर रूम व जेएसवाई में हैं। यहां कुल 30 बेड हैं।

यदि कोई डॉक्टर लेट आ रहे हैं तो उन्हें पाबंद करेंगे :

सीएचसी प्रभारी डॉ. विनोद गुप्ता का कहना है कि करीब-करीब सभी डॉक्टर समय पर आ जाते हैं। फिर भी यदि कोई आज लेट आया है तो उसे चेक कर संबंधित डॉक्टर को पाबंद करेंगे। इन दिनों सामान्य वायरल के मरीज अधिक आ रहे हैं, इसलिए सुबह वार्ड फुल हो जाते हैं, लेकिन शाम तक कुछ खाली हो जाते हैं। सितंबर से अब तक डेंगू व मलेरिया का एक भी मरीज नहीं मिला है, लेकिन वायरल से मरीजों की प्लेटलेट्स कम आ रही है। दवाओं की भी कोई कमी नहीं हैं।

खंडेला : वायरल से पीड़ित मरीजों की लगी कतार, छह घंटे में 700 मरीज पहुंचे

राजकीय सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में बुधवार को वायरल से पीड़ित मरीजों की लंबी लाइन लगी थी। हर घंटे 116 मरीज ओपीडी में पहुंचे। कुल 700 मरीजों का रजिस्ट्रेशन किया गया। हालांकि भर्ती करने की स्थिति बहुत कम मरीजों में मिली। सीएससी में 50 बेड हैं, जिनमें से नौ पर मरीज भर्ती हैं। बाकी बेड खाली हैं। हालांकि मरीजों को दवा व जांच के लिए काफी देर तक इंतजार करना पड़ा। सीएचसी प्रभारी डॉ. कैलाश चौधरी ने बताया कि मलेरिया के लिए क्लोरोक्वीन दवाई काम में ली जाती है जो पर्याप्त मात्रा में है।

सितंबर 2021 से आज तक 358 मरीजों की मलेरिया जांच की गई, इनमें एक भी पॉजिटिव नहीं आया। एक से छह अक्टूबर तक ओपीडी में लगभग प्रतिदिन 600 मरीजों का रजिस्ट्रेशन किया गया। सितंबर में ओपीडी में 17730 मरीजों का रजिस्ट्रेशन किया गया। बीसीएमओ डॉ. नरेश पारेख ने बताया कि डेंगू की जांच की सुविधा नहीं होने पर एलाइजा जांच के लिए सीकर भेजा जाता है। ब्लॉक में अभी तक ऐसा कोई मरीज सामने नहीं आया है, ज्यादातर मरीज वायरल से पीड़ित आ रहे हैं। उसके लिए घर-घर सर्वे किया जा रहा है। पानी में दवा डाली जा रही है।

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