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स्वास्थ्य विभाग का शुद्ध के लिए युद्ध अभियान:दिवाली पर लिए सैंपल, अब आई रिपोर्ट में खुलासा; मिर्च-मसालाें में ईंट का चूरा, सूजी में भी मिले थे कीड़े

सीकरएक महीने पहले
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103 सैंपल में से 88 की आई रिपोर्ट में 22 फेल - Dainik Bhaskar
103 सैंपल में से 88 की आई रिपोर्ट में 22 फेल

दीपावली पर जिलेभर के लोग मिलावटी चीजें खाते रहे। एक महीने बाद आई सैंपल रिपोर्ट में इसका खुलासा हुआ, लेकिन इन मिलावटी चीजों से सेहत को हुए नुकसान का न तो आंकलन हो पाएगा न ही भरपाई। क्योंकि मिलावटखोर सीजन में माल बेचकर बाजार छोड़ चुके हैं। दिवाली पर विशेष अभियान में लिए गए 103 सैंपल में 88 की रिपोर्ट आई है। इनमें 22 फेल हो चुके हैं।

हालात ये हंै कि मिर्च मसालाें में ईंट का चूरा, नमक में सफेद पत्थर पाउडर की मिलावट पाई गई, जबकि कीड़े पड़े सूजी का आटा बेचा गया था। पनीर व मावा भी मिलावटी मिला। दिवाली पर मिलावटखाेर बेखौफ आमजन की सेहत के साथ खिलवाड़ करते रहे। स्वास्थ्य विभाग ने दीपावली पर मिलावट राेकने के लिए 14 अक्टूबर से 4 नवंबर तक शुद्ध के लिए युद्ध अभियान शुरू किया था। विभाग की टीम ने 103 सैंपल लिए। अब तक 88 सैंपलाें की जांच हुई है। इनमें से 22 सैंपल जांच में फेल मिले हैं। यानी 25% खाद्य सामग्री में मिलावटी मिली है। साथ ही ज्यादातर सैंपलाें की जांच रिपाेर्ट खाद्य सामग्री बिकने के बाद मिली है।

जिले में दीपावली सीजन के एक माह में मिलावटी मिठाइयाें का 15 कराेड़ से ज्यादा काराेबार हाेता है। सबसे ज्यादा मिलावटी मावा खपाया जाता है। अलवर, बीकानेर और हरियाणा से मिलावटी मावा सीकर के व्यापारियाें तक पहुंचता है। व्यापारी घी, तेल और मसालाें में भी मिलावट कर बेचते हैं, लेकिन मिलावटखाेराें के खिलाफ समय पर कार्रवाई नहीं हाेती। लिहाजा जांच रिपाेर्ट आने से पहले ही मिलावटी माल बाजार में खपा दिया जाता है।

11 माह में 310 सैंपल लिए, इनमें से 56 मिलावटी
जिले में एक जनवरी 2021 से लेकर 30 नवंबर तक स्वास्थ्य विभाग ने 310 सैंपल लिए हंै। इनमें से 56 सैंपल फेल हाे चुके हंै। 15 सैंपलाें की जांच रिपाेर्ट अाना बाकी है। मिलावटखाेर कोरोनाकाल में भी सेहत के दुश्मन बने रहे। दही में केमिकल, मसालाें में होली पर खेलने वाला आर्टिफिशियल रंग मिलाकर चमक दे दी। हल्दी व धनिया के पाउडर में भी मिलावट कर दी। पॉम ऑयल से पनीर बनाकर बेच दिया।
प्रशासन की सख्ती के अभाव में बढ़ता गया काला काराेबार
10 साल पहले बने फूड सेफ्टी एक्ट में अब तक महज नौ मिलावटखाेराें के खिलाफ सीजेएम काेर्ट में प्रकरण पहुंचे हैं। इनमें अभी तक मिलावटखाेराें काे सजा नहीं हुई। इसलिए मिलावटखाराें के हाैंसले बढ़ते जा रहे हैं। स्टैंडर्ड खाद्य पदार्थ बेचने वाले सभी 143 मिलावटखाेराें काे जुर्माना लगाकर छाेड़ दिया। इसलिए मिलावट के मामले बढ़ते जा रहे हैं।
बेसन व मावे से बनी मिठाई में की गई जमकर मिलावट
मिलावटखाेराें ने मिर्च मसालाें में ईंट का चूरा मिलाकर बेचा। सफेद पत्थर के चूरे काे आयाेडीन युक्त नमक बताकर बेचा। जांच में नमक और सूजी के आटे काे खाने लायक नहीं माना है। व्यापारियाें ने इसके अलावा घी अाैर तेल भी मिलावट कर बेचा। पाॅम ऑयल से तैयार पनीर बेचा। बेसन और मावा से बनी मिठाइयाें में जमकर मिलावट की गई।
मावा, कुल्फी, नमक और पनीर के सैंपल में मिलावट पाई गई स्वास्थ्य विभाग की टीम ने दीपावली के त्योहार 103 सैंपल लिए थे। इनमें से अभी तक 88 की जांच रिपाेर्ट मिल चुकी है। इनमें से 22 सैंपल फेल हुए हैं। सूजी का आटा और मिर्च मसाले का सैंपल अनसेफ मिला है। मावा, कुल्फी, नमक और पनीर में भी मिलावट मिली है।
मदन बाजिया, फूड सेफ्टी ऑफिसर, सीकर

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