राजस्थान में गैंगस्टर राजू ठेहट का दिन-दहाड़े मर्डर:सीकर में गोलियों से भूना; बेटी से मिलने आए व्यक्ति को भी मारा, मॉर्च्युरी के बाहर हंगामा

सीकर2 महीने पहले
फायरिंग करने से पहले बदमाशों ने ठेहट के घर के ठीक आगे ट्रैक्टर खड़ा किया। इसके बाद फायरिंग शुरू कर दी।

राजस्थान के कुख्यात गैंगस्टर राजू ठेहट का सीकर में आज सुबह गैंगवार में मर्डर हो गया। कोचिंग की ड्रेस में पहुंचे बदमाशों ने घर के बाहर खड़े ठेहट पर फायरिंग कर दी। ठेहट को 3 से ज्यादा गोली लगी थी।

इधर, जिला अस्पताल की मॉर्च्युरी बाहर धरना दे रहे लोगों ने हंगामा कर दिया। कांग्रेस विधायक मुकेश भाकर धरने पर पहुंचे। कहा- पुलिस क्या कर रही है? अपराधियों को नहीं पकड़ने तक धरना जारी रहेगा।

राजस्थान के पुलिस महानिदेशक (DGP) उमेश मिश्रा ने बताया कि इस फायरिंग का एक बदमाश ने वीडियो भी बनाया। इधर, लॉरेंस विश्नोई गैंग के गैंगस्टर रोहित गोदारा ने इसकी जिम्मेदारी ली है। हत्याकांड में 5 शार्प शूटर शामिल थे। चार की पहचान कर ली गई है।

मिश्रा ने बताया कि बदमाश पंजाब और हरियाणा बॉर्डर की तरफ जाएंगे। इन बदमाशों के पीछे राजस्थान पुलिस है, पूरे प्रदेश भर में ए श्रेणी की नाकाबंदी कराई गई है। सभी SHO को फील्ड में रहने के आदेश दिए गए हैं। पुलिस ने बताया कि शहर के पिपराली रोड पर ठेहट का घर है। यहां हुई फायरिंग में नागौर के एक व्यक्ति की भी गोली लगने से मौत हुई है। जानकारी के अनुसार मृतक फायरिंग का वीडियो बना रहा था। इसलिए आरोपियों ने उस पर भी फायरिंग कर दी।

इस एरिया में लगे CCTV फुटेज की जांच में चार बदमाश नजर आए हैं। इसमें वे हथियारों के साथ भागते नजर आ रहे हैं।

फायरिंग की जानकारी मिलते ही सीकर SP कुंवर राष्ट्रदीप सहित बड़े पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंच गए और DGP के निर्देश पर पूरे राज्य में नाकाबंदी की गई है। ठेहट की गैंग शेखावाटी में काफी सक्रिय थी और आनंदपाल गैंग से भी उसकी दुश्मनी थी। आनंदपाल के एनकाउंटर के बाद भी दोनों गैंग में वर्चस्व की लड़ाई जारी थी।

नागौर के दोतीणा के रहने वाले ताराचंद कड़वासरा एक कोचिंग इंस्टीट्यूट में पढ़ने वाली बच्ची से मिलने आए थे। ठेहट को मारकर भाग रहे आरोपियों ने उन्हें भी गोली मार दी।
नागौर के दोतीणा के रहने वाले ताराचंद कड़वासरा एक कोचिंग इंस्टीट्यूट में पढ़ने वाली बच्ची से मिलने आए थे। ठेहट को मारकर भाग रहे आरोपियों ने उन्हें भी गोली मार दी।

गोली मारने के बाद चेक किया कहीं जिंदा तो नहीं
इस पूरे हत्याकांड के कई CCTV फुटेज भी सामने आए हैं। एक फुटेज में दिख रहा है ठेहट के घर के सामने एक ट्रैक्टर आकर रुकता है और चार-पांच बदमाश उसमें से हथियार निकालकर बाहर खड़े ठेहट पर फायरिंग करना शुरू कर देते हैं। बदमाश 30-40 सेकेंड तक गैंगस्टर राजू पर फायरिंग करते दिख रहे हैं। बदमाशों ने करीब 50-60 राउंड फायरिंग की है। गोली मारने के बाद बदमाश कुछ सेकेंड बाद वापस और जमीन पर पड़े राजू को चेक किया कि कहीं वह जिंदा तो नहीं है।

चार तस्वीरों में देखिए, कैसे हुई राजू की हत्या

बदमाश राजू ठेहट को गोली मारकर आगे बढ़ गए थे, जैसे ही उन्हें कुछ हलचल दिखी, वे दोबारा राजू ठेहट के पास पहुंचे और फिर उसे गोलियां मारी। दरअसल, बदमाश यह सुनिश्चित करना चाहते थे कि राजू ठेहट जिंदा न बचे।
बदमाश राजू ठेहट को गोली मारकर आगे बढ़ गए थे, जैसे ही उन्हें कुछ हलचल दिखी, वे दोबारा राजू ठेहट के पास पहुंचे और फिर उसे गोलियां मारी। दरअसल, बदमाश यह सुनिश्चित करना चाहते थे कि राजू ठेहट जिंदा न बचे।
राजू को गोली मारने के बाद बदमाश भागे, इस दौरान वहां कोचिंग पढ़ने वाले कई बच्चे निकल रहे थे। बदमाशों को देखकर बच्चे घबरा गए और इधर-उधर छुपने लगे।
राजू को गोली मारने के बाद बदमाश भागे, इस दौरान वहां कोचिंग पढ़ने वाले कई बच्चे निकल रहे थे। बदमाशों को देखकर बच्चे घबरा गए और इधर-उधर छुपने लगे।
चारों बदमाशों ने हत्या के बाद इलाके में दहशत फैलाने के लिए हवा में भी फायरिंग की। यह सबकुछ सीसीटीवी में रिकॉर्ड हो गया।
चारों बदमाशों ने हत्या के बाद इलाके में दहशत फैलाने के लिए हवा में भी फायरिंग की। यह सबकुछ सीसीटीवी में रिकॉर्ड हो गया।
घर के बाहर राजू के शव को देखते हुए कोहराम मच गया। घरवाले उसे अस्पताल ले जाते, उससे पहले ही राजू की मौत हो चुकी थी।
घर के बाहर राजू के शव को देखते हुए कोहराम मच गया। घरवाले उसे अस्पताल ले जाते, उससे पहले ही राजू की मौत हो चुकी थी।

भागने के दौरान दो बार बदली गाड़ी
सूत्रों के मुताबिक बदमाशों का मूवमेंट नीमकाथाना की तरफ हुआ था। हत्या के बाद वे गाड़ी से नीमकाथाना से होते हुए खेतड़ी गए और वहां गाड़ी बदल ली।

सीकर से वे अल्टो लेकर भागे थे, खेतड़ी में उन्होंने अल्टो छोड़कर क्रेटा गाड़ी ले ली थी। इस दौरान भी उन्होंने फायरिंग की है। बदमाश उदयपुरवाटी से खेतड़ी थाना क्षेत्र के बबाई की ओर निकले। यहां पुलिस की नाकाबंदी होने की वजह से बदमाश गाड़ी वापस घुमाकर भागे।

इस दौरान सामने से तीन चार अन्य गाड़ियों को आता देख फायरिंग कर नीमकाथाना की ओर भाग गए। जानकारी के अनुसार बबई के पास खनन क्षेत्र है। जो हरियाणा और राजस्थान की सीमा से सटा है। बदमाश हरियाणा भागने की फिराक में थे। क्रेटा गाड़ी का नंबर RJ 45 CH 1786 बताया जा रहा है। पुलिस ने राजस्थान-हरियाणा बॉर्डर सीज कर दिया है। टोल नाकों पर पुलिसकर्मियों की कुल 20 टीम तैनात की गई है।

लॉरेंस गैंग ने लिया हत्या का बदला
राजू ठेहट के मर्डर की जिम्मेदारी लॉरेंस ग्रुप के रोहित गोदारा ने ली है। गोदारा बीकानेर के लूणकरणसर का है। गोदारा ने एक पोस्ट भी किया है, जिसमें लिखा है कि ये हमारे बड़े भाई आनंदपाल और बलबीर की हत्या में शामिल था, जिसका बदला आज हमने इसे मारकर लिया है।

सुभाष बानूड़ा पर शक
आनंदपाल और राजू ठेहठ के बीच लंबे समय से रंजिश चल रही थी। हत्या के पीछे आनंदपाल गैंग के बलबीर बानूड़ा के बेटे सुभाष बानूड़ा का हाथ बताया जा रहा है। बलवीर बानूड़ा की राजू ठेहट ने हत्या करवाई थी। बताया जा रहा है कि गैंगस्टर सुभाष दो साल से ठेहट को मारने की फिराक में था। हालांकि, पुलिस ने अब तक इस बारे में कुछ नहीं कहा है। सुभाष बानूड़ा और रोहित गोदारा साथी हैं।

सीकर बंद करवा रहे जाट समाज के लाेग
राजू ठेहट की मौत के बाद लोगों में काफी आक्रोश है। जाट समाज की ओर से सीकर की दुकानों को बंद कराया जा रहा है, बड़ी संख्या में लोग पैदल चलते हुए पूरे मार्केट को बंद करवा रहे हैं। इधर, राजू ठेहट के परिजनों ने आरोपियों की गिरफ्तारी होने तक धरना देने की चेतावनी दी है। लाडनूं विधायक मुकेश भाकर, आरयू अध्यक्ष निर्मल चौधरी भी सीकर पहुंच गए।

राजू ठेहट की हत्या पर कांग्रेस नेता और लाड़नूं विधायक मुकेश भाकर ने पुलिस को आड़े हाथों लिया है। अपने ट्वीट में उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री राजस्थान को यूपी, बिहार बनने से बचाएं।

सीकर के जिला अस्पताल की मॉर्च्युरी के बाहर लोग धरने पर बैठे गए। मॉर्च्युरी के बाहर बैठे राजू ठेहट का बड़ा भाई हरलाल (सफेद शर्ट में)।
सीकर के जिला अस्पताल की मॉर्च्युरी के बाहर लोग धरने पर बैठे गए। मॉर्च्युरी के बाहर बैठे राजू ठेहट का बड़ा भाई हरलाल (सफेद शर्ट में)।

भाकर बोले- किस तरह की मॉनिटरिंग कर रहे
लाडनूं विधायक मुकेश भाकर ने कहा कि पुलिस पर फायरिंग कर बदमाश आगे निकले हैं। आरोपी हरियाणा या सीमा पार कर निकलने में कामयाब हो गए तो। किस तरह की मॉनिटरिंग कर रहे हैं। पुलिस क्या कर रही है? अपराधियों को नहीं पकड़ने तक धरना जारी रहेगा। हम अभी तक पुलिस और सरकार के किसी भी कदम से संतुष्ट नहीं है।

निर्मल बोले- न्याय नहीं मिलेगा तब तक यहां बैठे रहेंगे
आरयू अध्यक्ष निर्मल चौधरी ने कहा कि अपने घर से बाहर कोई निकलता है और उसे गोलियों से भून दिया जाता है। दो महीने से बदमाश यहां खुलेआम घूम रहे हैं। कोई अपनी बच्ची को पढ़ाने आता है। घरवाले क्या उम्मीद रखे कि, वापस जिंदा आएगा या नहीं। आज खुलेआम गोली मारकर गए थे। किसी की भी जान जा सकती थी। सरकार और पुलिस प्रशासन क्या कर रहा है? जब तक ताराचंद को न्याय नहीं मिलेगा, हम यहां बैठे रहेंगे।

पुलिस ने पकड़ा तो फिर सीकर रहने लगा था
राजू ठेहट सीकर के बाद जयपुर में अपनी जड़ें मजबूत करना चाहता था। इसी मकसद से उसने जयपुर को अपना सुरक्षित ठिकाना बना लिया था।

इतना ही नहीं विवादित जमीनों और सट्टा कारोबारियों पर भी राजू ठेहट की नजरें थी। लेकिन महेश नगर थाना पुलिस ने शांति भंग के आरोप में गिरफ्तार किया था। इसके बाद राजू ठेहट वापस सीकर शिफ्ट हो गया था।

राजू ठेहट के मर्डर के बाद पूरे इलाके में पुलिस बल तैनात है। ठेहट के घर क बाहर के रास्ते को पुलिस ने फिलहाल बंद कर दिया है। राजू ठेहट को जहां गोली मारी गई वहां खून बिखरा हुआ है।
राजू ठेहट के मर्डर के बाद पूरे इलाके में पुलिस बल तैनात है। ठेहट के घर क बाहर के रास्ते को पुलिस ने फिलहाल बंद कर दिया है। राजू ठेहट को जहां गोली मारी गई वहां खून बिखरा हुआ है।

सीकर बॉस के नाम से बुलाते थे
गैंगस्टर्स राजू ठेहट लग्जरी लाइफ जीने का शौकीन था। वह महंगी कार और बाइक पर काफिले के साथ घूमता था। गैंगस्टर राजू ठेहट को सीकर बॉस के नाम से बुलाया जाता था।

जयपुर जेल में बंद रहने के दौरान अपनी गैंग को बढ़ाने के मकसद से जयपुर में भी अपना ठिकाना बनाया। उसको जयपुर के स्वेज फार्म में जिस मकान से पकड़ा था, उसकी कीमत 3 करोड़ रुपए बताई जा रही है ।

दरअसल,राजस्थान में गैंगस्टर्स आनंदपाल सिंह और राजू ठेहट में करीब दो दशक वर्चस्व की लड़ाई चली थी। आनंदपाल के एनकाउंटर के बाद राजू ठेहट का वर्चस्व हो गया।

जेल में बंद होने के दौरान भी उसके फिरौती मांगकर संरक्षण देने के कई मामले सामने आए थे। राजू ठेहट गैंग (RTG) परिवार से लोग गैंगस्टर के साथ जुड़ रहे हैं।

रील बनाकर सोशल मीडिया पर डालता था
गैंगस्टर राजू ठेहट ने अपना वर्चस्व तो बना लिया। लोगों में सक्रिय रहने के लिए वह रील बनाकर सोशल मीडिया पर भी डालता रहता था। महंगी कार और बाइक का शौकीन राजू ठेहट जयपुर स्थित अपने ठिकाने पर कई बार घूमता नजर आ जाता था। कभी अकेले बाइक राइडिंग तो कभी नई लग्जरी कार राइड करते हुए भी ठेहट अक्सर वीडियो बनाकर सोशल मीडियो पर शेयर करता था। अपने गनमैन और कारों के काफिले के साथ भी वह रील्स बनाता था।

ठेहट को गोली लगने की जानकारी मिलते ही शहर में हड़कंप मच गया है। ठेहट की गैंग शेखावाटी में सक्रिय है। फायरिंग की सूचना मिलते ही SP सहित बड़े अधिकारी मौके पर पहुंच गए हैं।
ठेहट को गोली लगने की जानकारी मिलते ही शहर में हड़कंप मच गया है। ठेहट की गैंग शेखावाटी में सक्रिय है। फायरिंग की सूचना मिलते ही SP सहित बड़े अधिकारी मौके पर पहुंच गए हैं।

9 महीने पहले जयपुर में ठेहट के साथ उसके चार साथियों को भी पकड़ा था। इनमें उसके तीन गनमैन और एक रसोइया भी थे। करीब 3 महीने पहले जमानत पर जेल से बाहर आने के बाद राजू ठेहट गैंग को बढ़ाने में लगा था।

सीकर में ठेहट के मर्डर के बाद लोगों में दहशत फैल गई। ठेहट की डेडबॉडी डिस्ट्रिक्ट हॉस्पिटल में रखी गई है। यहां बड़ी संख्या में लोग मौजूद हैं।
सीकर में ठेहट के मर्डर के बाद लोगों में दहशत फैल गई। ठेहट की डेडबॉडी डिस्ट्रिक्ट हॉस्पिटल में रखी गई है। यहां बड़ी संख्या में लोग मौजूद हैं।

राजनीति में उतरने की थी तैयारी
सोशल मीडिया पर सक्रिय राजू ठेहट की भरतपुर के जिला प्रमुख राजवीर, जयपुर के सांगानेर पंचायत समिति के ग्राम पंचायत पवालियां सरपंच रामराज चौधरी और चाकसू विधानसभा यूथ कांग्रेस अध्यक्ष कैलाश चौधरी के साथ फोटो शेयर कर रखी थी। माना जा रहा है कि राजू ठेहट राजनीति में जल्द से जल्द सक्रिय होना चाहता था।

ऐसे में वह पहले से राजनीति में सक्रिय अपने परिचितों से संपर्क साध कर चर्चा करता रहता था। मीटिंग के दौरान शूट किए फोटो भी चर्चा में बने रहते थे। बदमाशों की टोली के साथ घूमने, खाने-पीने की फोटो भी राजू ठेहट शेयर करता था।

शेखावाटी के बाद जयपुर में भी बनाया नया ठिकाना
राजस्थान का कुख्यात गैंगस्टर राजेन्द्र उर्फ राजू ठेहट ने शेखावाटी के बाद जयपुर को अपना नया ठिकाना बनाया था। ठेहट ने जयपुर के महेश नगर स्थित स्वेज फार्म में BJP नेता (पूर्व विधायक) प्रेम सिंह बाजोर के मकान को ठिकाना बनाया था। सुरक्षा के लिए घर पर 30 से ज्यादा CCTV लगाए थे। 3 गनमैन भी साथ रहते थे।

इसी साल फरवरी में जयपुर के महेश नगर के घर में उसने गृह प्रवेश किया था। इससे पहले उसने कॉलोनी के गेट को गली के कोने से हटवाया था। इसी गेट को अपने ठिकाने के पास लगवाया है। यह गेट गैंगस्टर ठेहट के आने के बाद से ही लॉक कर दिया गया था। खास मेंबर की एंट्री के लिए ही यह गेट खोला जाता था। यहां पास ही पड़े खाली प्लॉट में गाड़ियां पार्क कराई जाती थीं।