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वैक्सीनेशन:अब तक वैक्सीन की 49 डोज बर्बाद, तीसरे सत्र में टीके लगवाने में प्रदेश के 14 जिलों के हैल्थ वर्कर हमसे आगे

सीकरएक महीने पहले
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  • समस्या - कोविन एप से नहीं मिल रहा है समय पर मैसेज, डर के चलते कई स्वास्थ्यकर्मियों ने 3 सत्रों में नहीं लगवाया टीका
  • समाधान - रजिस्टर्ड हैल्थवर्कर नहीं पहुंचे तो उसकी जगह वेटिंग लिस्ट के स्वास्थ्यकर्मी को टीका लगाने की छूट मिले

छह दिन पहले फाेन पर नई कॉलर ट्यून शुरू हुई। नमस्कार, नया साल कोविड 19 वैक्सीन के रूप में आशा की नई किरण लेकर आया है। भारत में बनी वैक्सीन सुरक्षित व प्रभावी है। इसीलिए भारतीय वैक्सीन पर भरोसा रखें। अपनी बारी आने पर वैक्सीन अवश्य लें। इस संदेश पर शायद कई स्वास्थ्य कर्मियों को भरोसा नहीं हो रहा है।

यही वजह है कि रजिस्ट्रेशन के बावजूद वैक्सीनेशन सेंटर पर कई स्वास्थ्य कर्मी नहीं पहुंच रहे हैं। इसमें एक कारण कोविन एप से मैसेज नहीं मिलना भी बताया जा रहा है। लेकिन इस सबके बीच जिले में तीन सत्रों में 49 डोज बर्बाद हो गए। मजबूरन स्वास्थ्य विभाग को यह फेंकने पड़े। पहली खेप में 12,400 डोज मिले थे। गुरुवार को जिले को वैक्सीन की नई खेप भी मिल गई।

दरअसल कोरोना वैक्सीन जिस वॉयल में आई है। उसमें 10 डोज है। वॉयल एक बार खुलने के 4 घंटे बाद उसमें भरी वैक्सीन खराब हो जाती है। जिले में चार-चार टीकाकरण केंद्र बनाए थे। हर टीकाकरण सेंटर पर 100 जनों को टीका लगाना था। चूंकि एक वॉयल में 10 खुराक बनती है, इसलिए किसी केंद्र पर 52 हैल्थ वर्करों के पहुंचने पर पांच वॉयल तो ठीक से इस्तेमाल हो गई। लेकिन बाद के 2 हैल्थ वर्करों को टीका लगाने के लिए वॉयल खोलनी पड़ी। इसलिए वॉयल में शामिल आठ खुराक खराब हो गईं। कोरोना काल में 9420 लोग संक्रमण से तपड़ते रहे। 100 लोगों ने दम तौड़ दिया। इसके बावजूद छोटी-छोटी खामियां और अविश्वास इस वैक्सीन को बर्बाद कर रहा है।

चौथा सत्र आज से : दूसरी खेप में वैक्सीन की 11500 डोज मिली
कोविशील्ड के एक टीके की कीमत 210 रुपए रखी है। एक लाभार्थी को 2 टीके लगने हैं। यानी पहले टीके के 28 दिन बाद दूसरा टीका लगेगा। हर लाभार्थी पर 420 रुपए का खर्च आएगा। जिले को गुरुवार को वैक्सीन की दूसरी खेप में 11500 डोज मिली। वैक्सीन को जिला स्टोर में पुलिस सुरक्षा में रखी गई है।

निजी हॉस्पिटल हैल्थ वर्करों को भी लगेंगेे टीके
शुक्रवार को निजी हॉस्पिटल के हैल्थ वर्करो को भी टीके लगाए जाएंगे। इस बार भी सौ-सौ स्वास्थ्यकर्मी की सूची भेजी जाएगी। इन लाभार्थियों को एसएमएस के माध्यम से सूचना दी जा रही है। नर्सिंग स्टाफ, पैरामेडिकल, लिपिकीय स्टाफ व सफाईकर्मियाें को भी वैक्सीन लगेगी।

ड्राय रन के दौरान भी आई थी कोविन एप में समस्या
कोविन एप की समस्या ड्राय रन में भी आई थी। उस समय भी विभागीय अधिकारियों को अवगत कराया था। दो बार वीडियो कांफ्रेंस के जरिए भी बता चुके है। एप का काम संभाल रहे यूएनडीपी के कंसल्टेंट को बोल चुके हैं। हमारा डीएनओ भी हर दिन संभाग स्तर पर बैठे यूएनडीपी के कंसल्टेंट के संपर्क में रहा।

एक्सपर्ट व्यू : एप की खामी को दूर करना जरूरी है
मेडिकल कॉलेज डॉ रघुनाथप्रसाद ने बताया कि वॉयल खोलने के बाद यदि वैक्सीन की खुराक बच रही है तो अन्य स्वास्थ्यकर्मियों को लगाई जाए। इसके लिए यह छूट दी जाए कि जो कोविन एप में रजिस्टर्ड हैल्थ वर्कर हैं। जिनका टीकाकरण का नंबर है और वो किसी कारण वह उस दिन नहीं पहुंच पाता है तो उसकी जगह एप में रजिस्टर्ड हैल्थ वर्कर को बुलाकर टीका लगाया जा सकता है। इससे वैक्सीन का वेस्टेज रुक जाएगा। साथ ही कोविन एप में जो तकनीकी खामी है, उसे दुरूस्त करने पर वैक्सीन बर्बाद होने से बच जाएगी।

  • कोविड टीकाकरण कार्यक्रम के नोडल अधिकारी डॉ. विशालसिंह ने बताया कि टीकाकरण में 1.1 फीसदी नुकसान मानकर चलते है। लेकिन अब ज्यादा है। इसकी मूल वजह कोविन-एप बना हुआ है। इसलिए मुश्किलें बढ़ी हुई है। क्योंकि लाभार्थी का रजिस्ट्रेशन नहीं हो पा रहा। उसे एसएमएस भी नहीं मिल रहा है। स्वास्थ्य मंत्रालय की गाइडलाइन के अनुसार हम चलने को मजबूर है। तय नियमों को हम लांघ नहीं सकते। मैनुअल लिस्ट बनाकर टीकाकरण की छूट मिलेगी तो हम वैक्सीन की एक बूंद भी खराब नहीं होने देंगे। - डॉ विशालसिंह कार्यवाहक आरसीएचओ, सीकर

केंद्रों पर यूं खराब हुई वायल
16 जनवरी
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18 जनवरी
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