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  • The Agriculture Department Admitted That There Was Damage In 87 Thousand Hectares, The Claim Of Farmers Was 2 Lakh Hectares. Crops Over

तबाही बनी बारिश:कृषि विभाग ने माना 87 हजार हैक्टेयर में खराबा, किसानों का दावा 2 लाख हैक्टे. में फसलें खत्म

सीकर21 दिन पहले
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सीकर लक्ष्मणगढ के पास एक खेत में चवला कि फसल में पानी इक्टा हाेने के कारण खराब हाे गई - Dainik Bhaskar
सीकर लक्ष्मणगढ के पास एक खेत में चवला कि फसल में पानी इक्टा हाेने के कारण खराब हाे गई
  • किसान बोले-जून के प्रथम सप्ताह तक प्री-मानसून में बोई गई फसलों में 50 प्रतिशत से ज्यादा खराब

फसल कटाई के समय तीन दिन से हाे रही बारिश ने किसानों के अरमानों पर पानी फेर दिया है। बारिश के बाद कृषि विभाग ने प्रारंभिक सर्वे में 87 हजार हैक्टेयर में फसलों का नुकसान माना। जबकि किसानों का दावा है कि अगेती बुआई वाली दाे लाख हैक्टेयर की फसल पूरी तरह बर्बाद हो चुकी है। फसल भीगने से चारा व दाने की गुणवत्ता बिगड़ चुकी है। खलिहान में दाने अंकुरित हाेने लगे हैं। किसानाें के अनुसार जुलाई के पहले सप्ताह में हुई बुआई में सबसे ज्यादा नुकसान हुआ है।

कृषि विभाग के सर्वे में दलहन काे छाेड़कर ज्यादातर फसलाें में औसत 20 से 25 प्रतिशत, मूंग व चंवला की फसल में 40 से 50 फीसदी तक नुकसान बताया है। रिपाेर्ट में सबसे ज्यादा नुकसान लक्ष्मणगढ़ में 22677, दांतारामगढ़ में 15776, धाेद में 15466, फतेहपुर में 11775, रामगढ़ सेठान में 9177, श्रीमाधोपुर 1560 व नीमकाथाना में 400 हैक्टेयर फसलाें में खराबा माना है। जबकि किसानाें के अनुसार खंडेला काे छाेड़कर जिले के सभी ब्लाॅक में नुकसान का आकंड़ा इससे दाेगुना है।

18 बीघा ग्वार की फसल चौपट

धाेद पंचायत समिति के दीपपुरा चारणान में ज्यादातर किसानाें की ग्वार की फसल चौपट हो चुकी है। हालात ये है कि ज्यादातर किसानाें ने फसलाें की कटाई कर ली है। गांव के भंवर लाल जाट ने बताया कि हालात ये है कि कटी हुई फसलें खेताें में ही भीग गई जिससे दाने बदरंग हाेने लगे हैं। फलियां अंकुरित हाेने लगी हैं।

प्याज की 80 फीसदी नर्सरी नष्ट, बीमा कंपनी के टोल फ्री नंबर पर दर्ज नहीं हो रही है शिकायत

मैलासी इलाके में भारी बारिश की वजह से खेताें में तैयार की गई प्याज की नर्सरी भी पूरी तरह नष्ट हाे गई। किसान माेटाराम कुमावत, महिपाल रणवां, गिरधारी कुमावत व पन्ने सिंह बुरड़क ने बताया कि इलाके में 70 से 80 फीसदी तक प्याज की पौध नष्ट हाे चुकी है। किसानाें ने सांसद सुमेधानंद सरस्वती से मिलकर फसल खराबा के समय फसल बीमा कंपनी के खिलाफ टाेल फ्री नंबर बंद करने की शिकायत की।

किसानाें ने बताया कि खराब के बाद 72 घंटे में किसानाें काे टाेलफ्री नंबर से शिकायत दर्ज करानी होती है। लेकिन एचडीएफसी कंपनी के टाेल फ्री नंबर 1800180700 बंद आ रहे है। प्रतिनिधि मंडी में नेशनल यूथ अवॉर्डी सुधेश पूनिया,भाजपा दादिया मंडल अध्यक्ष राकेश नेहरा ने सांसद से तुरंत टोल फ्री नम्बर चालू करवाने की मांग की है।

मुआवजे की मांग काे लेकर कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन, गिरदावरी कराने की मांग

तीन दिन की बारिश फसल में हुए खराबे को लेकर किसान और राजनीतिक संगठनों ने गिरदावरी रिपोर्ट की मांग को लेकर कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा। यूथ कांग्रेस के जिलाध्यक्ष दिनेश झीगर के नेतृत्व में कलेक्टर से मिलकर फसल खराबे का आंकलन करवाकर मुआवजा देने की मांग की। भढ़ाढर सरपंच विजय बगड़िया, सेवादल अध्यक्ष रविकांत तिवाड़ी, अजय नायक, अबरार, जीतू सोनी, वसीम, योगेश सेवदा, मुकेश, सुरेश पारीक, विजेंद्र सिंह आदि मौजूद थे। इधर किसान युवा संगठन ने कलेक्टर को सीएम के नाम ज्ञापन देकर फसल खराबे का क्लेम देने की मांग की।

भाजपा किसान माेर्चा ने साैंपा ज्ञापन

भारतीय जनता पार्टी किसान माेर्चा जिलाध्यक्ष शिवभगवान बगड़िया के नेतृत्व में किसानाें ने कलेक्ट्रेट पर फसलाें के साथ प्रदर्शन किया। कलेक्टर काे ज्ञापन देकर खराबे का सर्वे करवाकर मुआवजा देने की मांग की। प्रदर्शन करने वालाें में राजू गर्जर, श्रीराम बिजारनिया, प्यारेलाल कटारिया, हंसराज बिसु, नरेश कुमार, किशाेर गुर्जर, किशाेर सिंह दूजाेद, रामदेवाराम, रामेश्वर लाल सुंडा, केशाराम गुर्जर, शंकर लाल आदि माैदजूर थेे।

राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी प्रतिनिधि मंडल ने कलेक्टर काे ज्ञापन देकर किसानाें काे मुआवजा दिलाने की मांग की। जिला अध्यक्ष महेंद्र डोरवाल ,प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य विकास पचार, सांवरमल मुवाल, हरी नागा, रामस्वरूप जाखड़, महेंद्र पागलवा, सचिन पिलानिया आदि मौजूद थे।

कृषि विभाग की रिपाेर्ट : सबसे ज्यादा 37593 हैक्टेयर में बाजरा खराबा

कृषि विभाग के अनुसार सबसे ज्यादा खराबा 37593 हैक्टेयर बाजरा फसल में खराबा माना जा रहा है। हालांकि विभाग ने नुकसान 14 से 20 प्रतिशत ही बताया है। इसके अलावा मूंग 26212 व ग्वार की फसल 12832 हैक्टेयर में खराब हाे चुकी है। मूंग व माेठ में अधिकतम नुकसान 40 प्रतिशत माना है। सबसे ज्यादा चंवला में 50 प्रतिशत तक नुकसान सामाने आया है।

किसानाें के अनुसार नुकसान : एक लाख 50 हजार है. में खराबा
किसानाें के अनुसार जिले में बारिश की वजह से अगेती बुआई के बाजरा की एक लाख 50 हजार हैक्टेयर में खराबा हुआ है। लक्ष्मणगढ़ इलाके के किसान चाैखाराम बुरड़क व रसीदपुरा के किशनलाल ने बताया कि भीगने व जमीन पर पसरने से 50 से 60 प्रतिशत तक फसल खराब हाे चुकी है। इसके अलावा 50 हजार हैक्टेयर से ज्यादा रकबा में ग्वार, मूंग, माेठ, चंवला की फसल 70 से 80 प्रतिशत तक खराब हाे चुकी है।

भास्कर टीम काे किसानाें ने बताया कि बारिश की वजह से मूंग, ग्वार, माेठ व चंवला के दाने फलियाें में ही काले हाेकर अंकुरित हाेने लगे हैं। चारा की गुणवत्ता 100 प्रतिशत खराब हाे चुकी है।

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