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पं. जवाहर लाल नेहरू की 57वीं पुण्यतिथि आज:नेहरूजी की सवारी के लिए खेतड़ी से इलाहाबाद ट्रेन में गया था घोड़ा, उनके ताऊ खेतड़ी के शासक के यहां दीवान थे

सीकर2 महीने पहले
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नेहरु के शेखावाटी प्रेम की परंपरा को उनकी बेटी इंदिरा गांधी ने भी निभाते हुए खेतड़ी ताम्र योजना का लोकापर्ण किया था। - Dainik Bhaskar
नेहरु के शेखावाटी प्रेम की परंपरा को उनकी बेटी इंदिरा गांधी ने भी निभाते हुए खेतड़ी ताम्र योजना का लोकापर्ण किया था।

भारत के प्रथम प्रधानमंत्री पं जवाहर लाल नेहरु की गुरुवार को 57वीं पुण्यतिथि है। पं जवाहर लाल नेहरु का शेखावटी से गहरा रिश्ता एवं प्रेम रहा है। उनके पिता मोती लाल नेहरु का बाल्यकाल खेतड़ी में बीता था। उनके ताऊ नंदलाल नेहरु खेतड़ी के तत्कालीन शासक फतेह सिंह के दीवान थे। सीकर राजघराने की युवरानी त्रैलोक्य राज लक्ष्मी महीनों तक प्रधानमंत्री आवास त्रिमूर्ति में रही थी। उनके पिता नेपाल सम्राट त्रिभुवन ने परिवार सहित भारत में शरण ली थी। जिनको बाद में नेपाल को सम्राट बना दिया गया था।

इतिहासकार महावीर पुरोहित ने कहा कि युवरानी त्रैलोक्य राज लक्ष्मी त्रिमूर्ति प्रवास में युवराज हरदयाल सिंह एवं राव राजा कल्याण सिंह ने कई बार नेहरुजी से मुलाकात की गई। राव राजा ने नेहरु को सीकर आने का निमंत्रण दिया, लेकिन वो नहीं आ सके। नेहरुजी राजकुमार हरदयाल के व्यक्तित्व एवं धारा प्रवाह अंग्रेजी बोलने से प्रभावित थे, वे उनको राजदूत बनाना चाहते थे, लेकिन ऐसा हो नहीं पाया। खेतड़ी के राजा अजीत सिंह ने इलाहाबाद में नेहरु की सवारी के लिए ट्रेन से घोड़ा भी भेजा था।

खेतड़ी के अंतिम शासक सरदार सिंह बार एड लो जो तत्कालीन में कानून की बड़ी उपाधि में शामिल थी। इनको लाओस देश का राजदूत भी बनाया गया। इसके बाद संविधान निर्मात्री परिषद का सदस्य भी बनाया गया, इसके साथ राज्य सभा का सदस्य भी बनाया गया। सीकर के जानकी देवी बजाज से भी पंडित नेहरु के घनिष्ठ संबंध थे। नेहरु के शेखावाटी प्रेम की परंपरा को उनकी बेटी इंदिरा गांधी ने भी निभाते हुए खेतड़ी ताम्र योजना का लोकापर्ण किया था।

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