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सांड के हमले से बुजुर्ग की मौत का मामला गर्माया:व्यापारी बोले- आवारा पशुओं को नहीं पकड़ा तो अधिकारियों के घरों के बाहर छोड़ देंगे

सीकरएक महीने पहले
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बुजुर्ग की मौत के विरोध में व्यापारियों ने दुकानें बंद रखकर विरोध जताया। - Dainik Bhaskar
बुजुर्ग की मौत के विरोध में व्यापारियों ने दुकानें बंद रखकर विरोध जताया।

सीकर में आवारा पशुओं का आतंक लगातार बढ़ता जा रहा है। रविवार को एक सांड ने पिपराली रोड पर जाट कॉलोनी में बुजुर्ग रूपचंद मेहता को सींगों से हमला कर जख्मी कर दिया था, जिससे उनकी मौत हो गई थी। इसके विरोध में मंगलवार को बीजेपी कार्यकर्ताओं ने कलेक्ट्रेट के सामने विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान कलेक्ट्रेट में बड़ी संख्या में बीजेपी कार्यकर्ता गांधी प्रतिमा के सामने धरने पर बैठ गए। इस दौरा बीजेपी कार्यकर्ताओ ने हाथों में नारे लिखी तख्तियां ले रखी थी और आवारा पशुओं को शहर से बाहर करने की मांग की। भाजपा कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन के बाद एडीएम धारा सिंह से मुलाकात की। एडीएम धारा सिंह ने मामले की गंभीरता को देखते हुए अधिकारियों से मीटिंग कर उचित समाधान की बात कही।

आवारा पशुओं के मुद्दे को लेकर बीजेपी कार्यकर्ताओं ने कलेक्ट्रेट में प्रदर्शन किया।
आवारा पशुओं के मुद्दे को लेकर बीजेपी कार्यकर्ताओं ने कलेक्ट्रेट में प्रदर्शन किया।

भाजपा जिलाध्यक्ष इंद्रा चौधरी ने बताया कि आवारा पशुओं के कारण लोगों का घर से बाहर निकलना भी मुश्किल हो गया है। व्यापारी रूपचंद मेहता की आवारा सांड के हमले में मौत सभ्य प्रशासन के लिए कलंक की बात है। इससे पहले भी 5 लोगों की मौत आवारा पशुओं के हमले के कारण हो चुकी है। हमने इस मुद्दे को लेकर कई बार प्रशासन को अवगत कराने के लिए आवाज उठाई है। लेकिन इसको लेकर कलेक्टर ने न कोई मीटिंग बुलाई और न आवारा पशुओं को लेकर कोई उचित उपाय किया। अब एक बार फिर आवारा पशु के हमले के कारण बुजुर्ग की मौत होने पर नगर परिषद के चेयरमैन और कलेक्टर को सीकर की जनता से माफी मांगनी चाहिए।

विरोध में व्यापारियों ने बंद की दुकानें
उधर व्यापारी की मौत मामले में व्यापारियों में भी प्रशासन के खिलाफ नाराजगी देखने को मिली। मंगलवार को व्यापारियों ने अपनी दुकानें बंद कर विरोध जताया। व्यापारियों ने कहा कि सीकर में बड़ी संख्या में आवारा पशु खुले में घूम रहे हैं, लेकिन इसके बाद भी उनको पकड़ने के लिए प्रशासन कोई भी कदम नहीं उठा रहा है। शहर में आवारा पशुओं का आतंक कॉलोनियों में देखने को मिल रहा है, लेकिन प्रशासन कोई भी कार्रवाई नहीं कर रहा है। जिला कृषि आदान विक्रेता संस्थान के महासचिव दिनेश जाखड़ ने कहा कि प्रशासन की ओर से आवारा पशुओं के हमले में जान गंवाने वाले सभी लोगों को उचित मुआवजा दिया जाए। इसके साथ ही खुले में घूम रहे आवारा पशुओं को पकड़ा जाए। अगर जिला प्रशासन की ओर से इन आवारा पशुओं को नहीं पकड़ा गया तो वह इनको पकड़ कर अधिकारियों के घरों पर छोड़ देंगे।

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