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सीकर से सुनील रणवां गिरफ्तार:एग्जाम से पांच दिन पहले तैयार हो गई थी नकल कराने की स्क्रिप्ट

सीकर4 दिन पहले
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सुनील रणवां और उसके साथी दिनेश व हरियाणा के एक्सपर्ट की तलाश जारी। - Dainik Bhaskar
सुनील रणवां और उसके साथी दिनेश व हरियाणा के एक्सपर्ट की तलाश जारी।

जयपुर के भांकरोटा स्थित राजस्थान इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग एवं टेक्नोलॉजी परीक्षा केन्द्र पर नीट यूजी का पेपर लीक कराने की पूरी स्क्रिप्ट गिरोह के मास्टर माइंड केरपुरा खंडेला निवासी रामसिंह व लिसाड़िया-श्रीमाधोपुर निवासी नवरतन स्वामी ने एग्जाम से पांच दिन पहले तैयार कर ली थी। ई-मित्र संचालक द्वारा छात्रा का प्रवेश पत्र डाउन लोड करने के बाद कहानी शुरू हुई।

एग्जाम सेंटर से बाहर आया पेपर साॅल्व करवाने के लिए सीकर से होते हुए हरियाणा तक भेज दिया गया। मामले में पुलिस ने सीकर में पेपर हल करवाने वाले पेवा निवासी सुनील रणवां को गिरफ्तार कर लिया। उसका सहयोगी दिनेश बेनीवाल फरार है। पुलिस सीकर-हरियाणा में पेपर हल करने वालों की धरपकड़ में जुटी है।

रविवार काे नीट का पेपर जयपुर से सीकर के सुनील रणवां व दिनेश बेनीवाल को भेजा। सुनील ने कुछ सवालों को हल करवाने के लिए पेपर हरियाणा के टीचर को भिजवा दिया। दिनेश ने दूसरे पार्ट को सीकर के टीचर से हल करवाया। इस तरह पूरा पेपर कई अलग-अलग पार्ट में साल्व करवाकर जयपुर भेजा गया।

सीकर में कोचिंग के दौरान पंकज की दोस्ती हुई थी सुनील-दिनेश से, बाद में तीनों शामिल हुए गैंग में

महराेली के पंकज यादव ने 2014 तक काेटा में आरपीएमटी की तैयारी की थी। उसने एक साल सीकर में भी मेडिकल की कोचिंग की थी। आराेपी सुनील रणवां व दिनेश बेनीवाल सीकर में पंकज के क्लासमेट थे। तीनाें में घनिष्ठ मित्रता है। वहीं भांकरोटा कॉलेज के वीक्षक रामसिंह कुड़ी का छाेटा भाई भी पंकज यादव के साथ नीट की तैयारी करता था। इसी कारण रामसिंह की पंकज से पहचान हुई।

नीट एग्जाम से पांच दिन पहले ही रामसिंह ने पंकज काे कह दिया था कि नीट का पेपर हल करवाना है। इसके बदले में उसे डेढ़ से दाे लाख रुपए देगा। ऐसे में पंकज ने अपने दाेस्त सुनील व दिनेश बेनीवाल काे पेपर हल करने के लिए पहले ही तैयार कर लिया था।

50 बीघा जमीन का मालिक है आरोपी सुनील

सुनील रणवां : 29 वर्षीय सुनील रणवां पुत्र बंशीलाल रणवा धाेद के पेवा गांव का है। जयपुर पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया है। यह पूर्व में आरपीएमटी की तैयारी करता था। कई बार इसका एग्जाम दिया था। ये स्टूडेंट्स काे ऑनलाइन काेचिंग करवाता था। वह पढ़ने में इंटेलीजेंट था। आराेपी के 50 बीघा जमीन है और आर्थिक रूप से परिवार संपन्न है।
दिनेश बेनीवाल : 28 वर्षीय दिनेश बेनीवाल पुत्र फूसाराम बेनीवाल चुवास फतेहपुर का रहने वाला है। दिनेश काे पेपर पंकज यादव ने हल करने के लिए भेजा था। इसने पेपर के काफी सवाल हल करवाकर पंकज काे वाॅट्सएप किए थे। दिनेश भी एक बार खाड़ी देश रहकर आया है। जो वहां ड्राइवरी करता था। अभी वो चुवास में ही रह रहा था।

ईमित्र संचालक के जरिए छात्रा के परिजनों से जुड़े गिरोह के तार
मुकेश सामाेता भांकराेटा के इंस्टीट्यूट में प्रशासक है। उसकी रामसिंह कुड़ी से सात साल से दोस्ती है। वह रामसिंह काे एक साल से कॉलेज में इनविजीलेटर लगा रहा था। रामसिंह कुड़ी चित्रकूट में रहकर पटवार भर्ती की तैयारी कर रहा था। रामसिंह ने नवरतन को कॉलेज में सेन्टर आने वाले छात्रों से सेटिंग कराने की बात कही थी।

यह बात नवरत्न ने ई-मित्र चलाने वाले अनिल को बताई। तब अनिल ने सुनील की भतीजी धनेश्वरी के बारे में बताया। क्योंकि उसका नीट फार्म अनिल ने ही भरा था। प्रवेश पत्र भी निकाला था। इसलिए सेन्टर का पता था। इसके बाद अनिल ने धनेश्वरी के चाचा से 35 लाख में सौदा तय कर लिया। 10 लाख परीक्षा खत्म होते ही देने थे।

कोई रिस्क नहीं लेना चाहते थे धनेश्वरी के पेरेंट्स, इसलिए कर ली थी डील

आरोपियों से पूछताछ से जुड़े पुलिस सूत्राें के अनुसार नीट देने वाली धनेश्वरी यादव के पेरेंट्स कोई रिस्क नहीं लेना चाहते थे। उनके इसी रवैये ने पेपर लीक मामले में धनेश्वरी का कॅरियर दांव पर लगा दिया। उसके 10वीं में 90 और 12वीं बाेर्ड में 86 फीसदी अंक थे, लेकिन चाचा सुनील कुमार यादव व परिवार एग्जाम को लेकर रिस्क नहीं लेना चाहते थे। धनेश्वरी पहली बार नीट यूजी एग्जाम दे रही थी।

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