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सिलेंडर फटने से महिला की मौत:मां-बेटी रसोई में खाना बना रही थी, सिलेंडर ने आग पकड़ी तो पिता मदद के लिए पहुंचा; तीनों झुलसे

सीकर3 महीने पहले
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सिलेंडर में आग से झुलसी महिला। - Dainik Bhaskar
सिलेंडर में आग से झुलसी महिला।

सीकर शहर के मोहल्ला बिसायतियान में गैस सिलेंडर में आग पकड़ने से महिला की मौत हो गई। वहीं, दो झुलस गयए। जो जयपुर में भर्ती हैं। मृतक का नाम मदीना है। वहीं, पति जमील और पेटी सबीना की हालत गंभीर है।

मदीना रसोई में खाना बना रही थी, वहीं बेटी सबीना उसकी मदद कर रही ​थी। इस दौरान पहले से लीक हो रहे सिलेंडर ने आग पकड़ ली। घबराई सबीना ने अब्बा मोहम्मद जमील (55) को आवाज लगाई। वह चौक में ही बैठा था। रसोई में गया, लेकिन तब तक आग तेजी से फैल चुकी थी। इसकी चपेट में आने से जमील, मदीना (50) व बेटी सबीना (22) झुलस गई। तीनों को जयपुर रैफर किया था, जहां इलाज के दौरान मदीना की मौत हो गई। जबकि जमील और सबीना की हालत भी अभी गंभीर है।

मृतक महिला मदीना बेगम की फाइल फोटो
मृतक महिला मदीना बेगम की फाइल फोटो

बेटे युसूफ ने बताया कि खाना बनाते समय नोजल से गैस लीक होने पर सिलेंडर ने आग पकड़ ली। घरवाले कुछ समझ पाते इससे पहले आग तेजी से चपेट में ले चुकी थी। सिलेंडर में जोर का धमाका हुआ। चीखें सुनकर नजदीकी लोग मौके पर पहुंचे। आग को काबू में करने की कोशिश की। सूचना पर एंबुलेंस पहुंची। तीनों को एसके अस्पताल ले जाया गया। जहां से जयपुर रैफर कर दिया।

झुलसे लोगों को एंबुलेंस में ले जाते हुए
झुलसे लोगों को एंबुलेंस में ले जाते हुए

दूसरे कमरे में होने से बच गए बेटा बहू
घटना के दौरान घर में पांच सदस्य थे। जमील का बेटा और बहू भी उस दौरान घर में ही थे, लेकिन दोनों रसोई के बाहर दूसरे कमरे में होने से बच गए। धमाके की आवाज सुनकर दोनों रसोई की तरफ भागे तो देखा के रसोई में आग लगी हुई। जमील, मदीना और सबीना तीनों रसोई में ही जख्मी हालत में है। उन्होंने चिल्लाकर आसपास के लोगों को मदद के लिए बुलाया।

पौन घंटे देरी से पहुंची दमकल और एंबुलेंस
जमील के भतीजे खालिद ने बताया कि घटना की सूचना देने के बाद भी एंबुलेंस व दमकल करीब पौन घंटे बाद मौके पर पहुंची। पुलिस व सिविल डिफेंस भी देरी से पहुंची। तब तक स्थानीय लोगों ने गीले कपड़े, पानी और दूसरे तरीकों से आग पर काबू पा लिया था। एंबूलेंस के आते ही तीनों को अस्पताल भेज दिया।

सिलेंडर लीकेज के बाद आग से हो चुके हैं हादसे
ऐसा नहीं है कि गैस सिलेंडर लिकेज का यह पहला हादसा है। इससे पहले भी कई हादसे हो चुके हैं। लोगों की जान भी चली गई थी, लेकिन न तो सरकारी सिस्टम इनकी जांच को लेकर सजग है और न ही लोग। वे गैस नली को कई सालों तक चलाते है। इसके अलावा रिफिल को समय-समय पर कंपनी की ओर से जांच करने का सिस्टम है, लेकिन जांच नहीं होती। फरवरी 2020 में शेखपुरा मोहल्ले के कुरैशी क्वार्टर में सिलेंडर विस्फोट से 13 जने झुलसे थे, जिसमें से आठ की मौत हो गई थी। इससे पहले 2 नवंबर 2018 में भी पुरानी तहसील के पीछे सिलेंडर हादसे में 13 झुलसे थे जिसमें तीन की मौत हुई थी।

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