भास्कर के कार्यक्रम में समस्या लेकर पहुंचे लोग:नगर परिषद आयुक्त बोले - सीकर में सीवरेज का 2 साल में पूरा होगा काम

सीकर19 दिन पहले
कार्यक्रम में मौजूद अधिकारी और जनप्रतिनिधि।

शहर के लोगों की समस्याओं को जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों तक पहुंचाने के लिए दैनिक भास्कर की ओर से शुरू किए गए रूबरू कार्यक्रम का आयोजन आज सीकर के फतेहपुर रोड पर अंबेडकर स्कूल में हुआ। इस कार्यक्रम में शहर के वार्ड नंबर 1 से 3 और 62 से 65 के वार्डवासी शामिल हुए। कार्यक्रम में ज्यादातर वार्ड वासियों ने सड़कों और नालियों की समस्या बताई। वहीं आज के कार्यक्रम में नगर परिषद आयुक्त श्रवण कुमार विश्नोई ने बताया कि पूरे प्रदेश में सीकर ऐसा शहर है जहां पूरे शहर में सीवरेज का काम सेंक्शन हुआ है जो 2 साल में पूरा होगा। कार्यक्रम समाप्त होने के बाद उपसभापति अशोक चौधरी ने वार्ड नंबर 64 के वार्डवासियों के साथ वार्ड का दौरा भी किया।

पाइपलाइन नीचे जाने से पानी की किल्लत

वार्ड नंबर 64 के राकेश सामरिया ने बताया कि वार्ड में पीने के पानी की किल्लत है। पुरानी पाइप लाइन 10 फुट तक नीचे जा चुकी है। ऐसे में लोगों को पानी का टैंकर बुलाना पड़ता है। नई पाइपलाइन डालने के बाद ही समस्या का हल हो पाएगा।

जलदाय विभाग की एईएन नव्या चौधरी का जवाब : मामले को लेकर एक्सईएन को बता दिया गया है। एस्टीमेट भी बना लिया गया है। बजट सेंक्शन होने के बाद काम शुरू होगा।

वार्ड नंबर 64 के मुस्तफा ने बताया कि वार्ड में भैरूपुरा अंडरपास से कच्चे रास्ते तक पेयजल की भारी किल्लत है। लोगों को टैंकर से पानी लाना पड़ता है।

कार्यक्रम में मौजूद वार्डवासी।
कार्यक्रम में मौजूद वार्डवासी।

20 साल से नाली और सड़क नही बनी

वार्ड नंबर 64 के संतोष कुमार खटीक ने बताया कि वार्ड में 20 साल से नालिया और सड़क नहीं है। 2000 घरों की बस्ती में सड़कों पर कचरा पड़ा रहता है। कई गलियों में बिजली के तार नीचे लटके हुए हैं। साथ ही स्ट्रीट लाइट भी नहीं लगी हुई है।

नाली नही बनने से मोहल्ले में झगड़ा

वार्ड नंबर 64 के लियाकत ने बताया कि वार्ड में 4 से 5 महीने पहले सड़क और नालियां तो बनाई गई। लेकिन कुछ गलियां ऐसी भी हैं जहां एक तरफ तो नाली बना दी गई लेकिन दूसरी तरफ नाली नहीं बनाई। ऐसे में सड़क पर गंदगी होने के चलते वार्ड के लोगों में लड़ाई- झगड़ा होता रहता है।

सड़क और नाली निर्माण के लिए 8 साल से संघर्ष

वार्ड नंबर 64 के अब्दुल जब्बार ने बताया कि वार्ड में सड़क और नालियां नहीं बनी हैं। सड़क पर गंदा पानी जमा होने से जगह-जगह मच्छर पनपने लगे हैं। जिससे बीमारियां भी फैलती जा रही है। सड़क व नाली निर्माण के लिए पिछले 8 सालों से वार्ड के लोग संघर्ष कर रहे हैं।

नालियों की 20 दिन तक सफाई नही

वार्ड नंबर 64 के फारूक ने बताया कि वार्ड में नालियां ज्यादातर ओवरफ्लो ही रहती है। नालियों की 20 दिन तक सफाई नहीं होती है। बारिश के समय में नालियों का पानी सड़क पर आ जाता है।

नाली की सफाई होती है लेकिन कचरा वापस नाली में ही जा रहा

वार्ड नंबर 3 के सुरेश कुमार सिंह ने बताया कि वार्ड में 3 महीने तक नालियों की सफाई नहीं होती है। यदि सफाई होगी जाती है तो कई दिनों तक कचरा भी नहीं उठ पाता है। ऐसे में कचरा वापस नाली में चला जाता है। जिससे नालियां ब्लॉक हो जाती है।

लोगों को पट्टे के नियमों की जानकारी नही

वार्ड नंबर 64 के ओमप्रकाश खटीक ने बताया कि पट्टे के लिए नगर परिषद में जाते हैं तो वहां अलग-अलग नियम बताए जाते हैं। ऐसे में नियम स्पष्ट होने चाहिए।

महिलाएं बोली - वार्ड में सफाई नही

वार्ड नंबर 64 की रुहीना और शरमीन ने बताया कि वार्ड में नालियां टाइम से साफ नही होती है। जगह - जगह सड़क भी टूटी हुई है। सड़कों पर कचरा रहने से मच्छर पनप रहे हैं।

कार्यक्रम में महिलाएं भी बड़ी संख्या में मौजूद रही।
कार्यक्रम में महिलाएं भी बड़ी संख्या में मौजूद रही।

4 साल से सड़क नही बनी

वार्ड नंबर 64 के मुर्शद ने बताया कि वार्ड में पिछले 4 सालों से कई गलियों में सड़क और नालिया नहीं बनी है। कई बार पार्षद और अधिकारियों को अवगत करवाया जा चुका है।

33 हजार केवी बिजली के तार जमीन से 8 फुट ऊपर,अबतक 2 की मौत

वार्ड नंबर 64 के विनोद कुमार खटीक ने बताया कि वार्ड में भैरूपुरा से जगमालपुरा जाने वाली सड़क पर 33 हजार केवी की बिजली की लाइन जमीन से 8 फुट ऊपर है। अब तक 2 लोगों की मौत हो चुकी है। इन तारों की ऊंचाई बढ़ाई जाए। जिससे कि भविष्य में कोई हादसा नही हो।

कचरे की गाड़ी का सायरन ही बंद

वार्ड नंबर 64 के निकित बागड़ी ने बताया कि वार्ड में कचरा उठाने वाली गाड़ी आती तो है। लेकिन अपना सायरन बंद कर लेती है। ऐसे में वार्ड वासियों को पता ही नहीं लग पाता है कि कचरे की गाड़ी कब आई।

प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र भी 10 किलोमीटर दूर

वार्ड नंबर 65 के नरेंद्र ने बताया कि वार्ड में सड़क नही है। वार्ड में जगह-जगह ब्रेकर बनाए हुए हैं। कचरे की गाड़ी वार्ड में नही आती है। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र भी करीब 10 किलोमीटर दूर है।

दीवारों पर बीट प्रभारी के नंबर नही

वार्ड नंबर 64 के विजयपाल सिंह ने बताया कि दीवारों पर बीट प्रभारी के नंबर नही लिखे हुए हैं। ऐसे में यदि रात की रात कोई घटना होती है तो किसको सूचना करें। ट्यूबवेल होने के बावजूद भी पानी समय पर नहीं आता है। डिस्पेंसरी और पार्क भी वार्ड में नही है।

180 पोल में केवल 25 पर ही स्ट्रीट लाइट

वार्ड नंबर 65 के एडवोकेट जीएम मुगल ने बताया कि वार्ड में कचरे की गाड़ी नहीं आती है। मेरे वार्ड में करीब 180 स्ट्रीट लाइट के पोल है। जिनमें करीब 25 पर ही लाइट लगी हुई है। वार्ड में जगह-जगह गंदा पानी जमा है। पार्षद को इस समस्या से अवगत करवाते हैं और वह बोलते हैं कि दूसरे रास्ते से चले जाओ।

कचरा गाड़ी वाले करते हैं अवैध वसूली

वार्ड नंबर 64 के अलीमुद्दीन ने बताया कि वार्ड में कचरे की गाड़ी वाले आते तो हैं। लेकिन वह वार्ड वासियों से अवैध वसूली करते है। जबकि ऐसा कोई भी नियम नहीं है।

डिस्पेंसरी खोलने के लिए वार्डवासी जमीन देने को तैयार

वार्ड नंबर 64 के राहुल बगड़िया ने बताया कि वार्ड में कोई स्वास्थ्य केंद्र नही है। यदि प्रशासन यहां कोई डिस्पेंसरी खोलना चाहता है तो उसके लिए वार्डवासी जमीन देने को भी तैयार हैं।

3 दिन में हर घर के बाहर आएगी कचरा गाड़ी

नगर परिषद आयुक्त श्रवण कुमार विश्नोई ने बताया कि वार्डों में मुख्य समस्या सड़कों और नालियों की है। नालियों का निर्माण अब तक इसलिए नहीं करवाया है क्योंकि इन वालों ने पानी के आउटलेट का कोई सोर्स नहीं है। 3 दिन बाद कचरे की गाड़ी हर घर के बाहर आएगी। मैं खुद इसकी मॉनिटरिंग करूंगा। लेकिन वार्ड वासियों से भी अपील है कि वह गीला और सूखा कचरा दोनों अलग - लग डालें। केंद्र सरकार के सॉलि़ड वेस्ट मैनेजमेंट 2016 नियम के तहत यदि कोई ऐसा नहीं करता है तो उस पर 300 रुपए की पेनल्टी लगाई जा सकती है।

पूरे सीकर शहर के लिए सेंक्शन हुआ सीवरेज का काम

आयुक्त श्रवण कुमार विश्नोई ने कहा कि दिवाली से पहले सभी खंभों पर लाइट लग जाएगी। अमृत योजना 2.0 में सीकर शहर मात्र एक ऐसी सिटी है। जिसने पूरे शहर के लिए सीवरेज सेंक्शन हो चुकी है। इससे पहले राजस्थान में कहीं ऐसा नही। हुआ है। 16 सितंबर को इसके लिए टेंडर भी किए जा चुके हैं। 2 साल बाद सीकर के हर घर के बाहर सीवरेज की होगी। सीवरेज का काम पूरा होने के बाद सड़क भी डाल देंगे। बीते दिनों हुई मीटिंग में यह निर्णय किया गया कि सीवरेज के पाइप लाइन डालने के दौरान ही जलदाय विभाग भी अपनी पाइपलाइन डाल देगा।

पेयजल के लिए 30 करोड़ रुपए का बजट सेंक्शन

आयुक्त श्रवण कुमार विश्नोई ने बताया कि पेयजल की समस्या से निजात के लिए भी अमृत योजना 2.0 में 30 करोड रुपए सेंक्शन हुए हैं। ऐसे में वार्डों में पानी की टंकी और ट्यूबवेल बनाई जाएगी।

पट्टों की समस्या पर बोले - दलालों के चक्कर में नहीं आए

आयुक्त श्रवण कुमार विश्नोई ने कहा कि वार्ड 64 में कुछ एरिया मंदिरमाफी जमीन का था। जिससे अब हटा दिया गया है। अब तक 2000 में से केवल 450 लोगों ने ही पट्टे के लिए आवेदन किया है। जिन लोगों को पट्टे के लिए आवेदन करने में कोई दिक्कत आ रही है या फिर किसी विलंब से पट्टा जारी नहीं होता है तो वह नगर परिषद में आकर सीधे मुझसे मिल सकते हैं। कोई भी व्यक्ति किसी दलाल के चक्कर में नहीं आए। जिन लोगों के एरिया का लेआउट प्लान नहीं बना है। वह मुझे एप्लीकेशन दें। उस एरिया को 90 A,B करना मेरी जिम्मेदारी है। सीकर नगर परिषद अब तक प्रशासन शहरों के संग अभियान में पूरे प्रदेश में पट्टे जारी करने में पहले नंबर पर है। नगर परिषद में अब तक 10 हजार से ज्यादा पट्टे जारी कर दिए हैं।

बिजली विभाग के धर्मेंद्र ढाका ने बताया कि बिजली की लाइनों की जहां हाइट कम है। वहां नए पोल लगवाएंगे। आज ही एरिया का दौरा कर लेंगे।

वार्ड नंबर 64 की पार्षद सुगनी देवी ने बताया कि वार्ड में करीब 3 से 4 साल पहले सड़क और नालियों का काम शुरू करवाया था। लेकिन वार्ड वासियों ने ही इसका विरोध किया था। ऐसे में बीच में ही काम को रोकना पड़ा था। जिससे ठेकेदार को भी डेढ़लाख रुपए का नुकसान हुआ था।