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सीकर जिला परिषद की बैठक में हंगामा:पंचायत समितियों के पास हुए प्रस्ताव को एजेंडे में शामिल नहीं करने पर उखड़े उपजिला प्रमुख और सांसद, पीडब्ल्यूडी अधिकारियों ने अगली दफा प्रस्ताव शामिल करने को कहा

सीकर2 महीने पहले
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जिला परिषद की बैठक में हंगामा। - Dainik Bhaskar
जिला परिषद की बैठक में हंगामा।

कोरोना के बाद दूसरी बैठक हंगामेदार रही। बैठक में सड़क को लेकर पढ़े गए प्रस्ताव पर उपजिला प्रमुख ताराचंद धायल ने आपत्ति जताई कि पंचायत समितियों ने बैठक में प्रस्ताव पास करके जिला परिषद को भेजे थे। लेकिन सार्वजनिक​ निर्माण विभाग के अधिकारी जवाब नहीं दे पाए। इस पर सांसद सुमेधानंद सरस्वती भी नाराज हो गए। अधिकारियों के यह कहने पर कि हमें सीडब्ल्यूसी के प्रस्ताव बनाने के लिए निर्देश है तो सांसद ने कहा कि जनप्रतिनिधि जो जनता की समस्या रखेंगे उसे दूर करना प्रशासन का काम है न कि मनमर्जी से प्रस्ताव तैयार करके पास कराते है।

बैठक में मौजूद जिला प्रमुख, सांसद, कलेक्टर, एसपी और सीईओ
बैठक में मौजूद जिला प्रमुख, सांसद, कलेक्टर, एसपी और सीईओ

इसके बाद कांग्रेस के कैलाश भोपिया ने भी समर्थन किया। भोपिया का कहना है कि अधिकारी जो प्रस्ताव लेकर आए हैं उनके लिए पंचायत समिति ने मांग ही नहीं उठाई है। इस पर कलेक्टर अविचल चतुर्वेदी ने दखल देते हुए कहा कि जो भी नियमों में है उसे पूरा किया जाए।

इसके अलावा स्वास्थ्य केंद्रों पर होने वाली कमियों को दूर करने की जनप्रतिनिधियों ने मांग उठाई। बैठक में जिला प्रमुख, सांसद, कलेक्टर और जिला परिषद सीईओ मौजूद रहे। प्रस्ताव पर बहस के दौरान कई दफा हंगामा हुआ। बैठक में जिला प्रमुख गायत्री कंवर, सांसद सुमेधानंद सरस्वती, कलेक्टर अविचल चतुर्वेदी, एसपी कुंवर राष्ट्रदीप, सीईओ सुरेश कुमार समेत जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।

शिलान्यास और लोकार्पण में जनप्रतिनिधियों को बुलाना जरूरी
सांसद ने कहा कि केंद्र के सहयोग से होने वाले कार्यक्रमों में सांसद से लेकर वार्ड पंच तक जनप्रतिनिधियों को बुलाने के लिए कहा है। सदस्य इंद्रा चौधरी ने भी एक कार्यक्रम का हवाला देते हुए सांसद को नहीं बुलाने पर शिकायत दर्ज कराई थी। इस पर कांग्रेस के सदस्यो ने भी समर्थन करते हुए कहा कि जनप्रतिनिधियों को बुलाना जरूरी होगा। कलेक्टर ने सीईओ से कहा है कि एक आदेश निकालकर शिलान्यास और लोकार्पण के कार्यक्रमों में चुने हुए जनप्रतिनिधियों को बुलाने की व्यवस्था तय करें।

फसल खराबे को लेकर आए मुआवजे की मांग
बैठक में एक सदस्य ने जवानों और किसानों की बात करते हुए अपनी पीड़ा बताई। सदस्य ने कहा कि रींगस के आसपास के इलाके में बारिश के बाद बाजरे की फसलें खराब हो गई। जिसको लेकर किसानों को मुआवजा की मांग उठाई। इस पर उपजिला प्रमुख ने सर्वे कराने के बाद ​सरकार तक किसानों की पीड़ा पहुंचाने की मांग की। कलेक्टर चतुर्वेदी ने कहा कि रेवेन्यू डिपार्टमेंट को नुकसान की जानकारी दी है। वहां से निर्देश मिलते ही आगे की कार्रवाई करेंगे।

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