कोरोनाकाल में स्वास्थ्य के हाल खराब:डॉक्टर्स भर्ती में 225 की वेटिंग लिस्ट जारी नहीं 7810 कम्युनिटी हेल्थ ऑफिसर की भर्ती अटकी

सीकर6 महीने पहले
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2 हजार डॉक्टर्स की भर्ती एक साल बाद भी पूरी नहीं हो पाई है। कोरोनाकाल में डॉक्टर्स की सबसे ज्यादा जरूरत है, लेकिन भर्ती को पूरा नहीं किया जा रहा। अभ्यर्थी 225 पदों की वेटिंग लिस्ट जारी करने की मांग कर रहे हैं। कई बार सोशल मीडिया पर कैंपेन चला चुके हैं।

हैरानी यह है कि 2000 डॉक्टरों की भर्ती के लिए 20 मई 2020 को विज्ञापन निकाला गया। तीन बार एग्जाम हुए, क्योंकि-भर्ती हर बार अलग-अलग मामलों की वजह से निरस्त होती गई। इस भर्ती में से 225 पदों की वेटिंग लिस्ट अभी तक जारी नहीं हो सकी है। राजस्थान में एमबीबीएस डॉक्टर्स के 13341 पद हैं, इनमें से 754 डॉक्टर्स के पद खाली हैं। स्वास्थ्य विभाग की वार्षिक रिपोर्ट के अनुसार-नर्सिंग स्टाफ के 11232 पद खाली हैं। इसी तरह 7810 सीएचओ-कम्यूनिटी हेल्थ ऑफिसर भर्ती का रिजल्ट कोर्ट में अटका हुआ है। यह पद 2020 में मुख्यमंत्री ने ही स्वीकृत किए थे।

कलेक्टर अस्थाई तौर पर कर सकेंगे डॉक्टर-नर्सेज की भर्ती

विश्व स्वास्थ्य संगठन तथा संयुक्त राष्ट्र की ओर से कोरोना संक्रमण को पेनेडेमिक घोषित करने तथा प्रदेश में कोविड के बढ़ते मरीजों को देखते हुए सरकार ने अहम निर्णय लिया है। लाेगाें को सहज, सरल, चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के लिए सरकार ने सभी कलक्टरों को पत्र लिखकर डॉक्टर, नर्सेज और पैरामेडिकल स्टाफ की यूटीबी आधार पर भर्ती करने के निर्देश दिए हैं। सरकार की ओर से जारी आदेशो में कहा गया है कि कलेक्टर रिक्त पदों की सीमा तक आवश्यकतानुसार वित्तीय वर्ष 2021-22 या नियमित कार्मिक उपलब्ध होने तक निर्धारित स्वीकृत दर पर यह भर्ती कर सकेंगे। इसके साथ ही सरकार ने वार्ड बॉय, सफाईकर्मी के काम को जॉब बेसिस पर आउटसोर्सिंग से करवाने के लिए भी सहमति दे दी है।

पहल : बिहार में वाक-इन-इंटरव्यू से अस्थाई नियुक्ति
बिहार के मुख्यमंत्री नीतिश कुमार ने डॉक्टर और पारा मेडिकल स्टाफ के रिक्त पदों को भरने के लिए वाक-इन-इंटरव्यू के जरिए अस्थाई नियुक्ति तुरंत करने के निर्देश दिए हैं। राजस्थान में भी ऐसी पहल करनी चाहिए।

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