पंचायत स्तर पर गांवों में समित बनाई गई:महिलाएं जांचेंगी पानी की गुणवत्ता, प्रशिक्षण के बाद टेस्टिंग किट दिया

सीकरएक महीने पहले
  • कॉपी लिंक

पब्लिक हैल्थ एंड इंजीनियरिंग डिपार्टमेंट की ओर से पंचायत स्तर पर पानी की गुणवत्ता जांचने के लिए गांवों में समित बनाई गई है। ग्राम जल एवं स्वच्छता समिति (वीडब्ल्यूएससी) जेजेएम या अन्य सोर्स से आने वाले पानी की क्वालिटी की जांच करेगी। कनिष्ठ रसायनज्ञ कैलाश मीणा ने बताया कि पहले चरण में धाेद पंचायत समिति से इसकी शुरुआत की गई है जाे बाद जिले की सभी पंचायत समितियों में प्रारंभ हाेगा। इसमें पानी के सैंपल लेने का प्रशिक्षण दिया गया। एक फील्ड किट से एक ग्राम पंचायत के करीब 100 वाटर साेर्स की जांच कर रिजल्ट मोबाइल से ऑनलाइन एप पर अपलोड करना हाेगा।

साथ ही इन कमेटी सदस्यों को फील्ड टेस्टिंग किट भी उपलब्ध करवाई गई है, जिससे कमेटी के सदस्य पानी की क्वालिटी की जांच कर सके। इसके लिए हर ग्राम पंचायत में पांच-पांच महिलाओं का समूह बनाया जाएगा। फील्ड टेस्ट किट से हर ग्राम पंचायत के 100 सैंपल की जांच हाे पाएगी। ये महिलाएं जलदाय विभाग की प्रयोगशाला से उपलब्ध कराए गए फील्ड टेस्ट किट से हर पेयजल स्त्राेत के पानी का सैंपल लेकर उसकी जांच करेगी। उसके बाद ग्राम स्तर की टीम विकास अधिकारी से फील्ड टेस्ट किट प्राप्त कर उससे गांव के हर जल स्त्राेत जिनमें हैंडपंप, कुएं, ट्यूबवैल के पानी का सेंपल लेकर जांच करेगी।

जांच के बाद संबंधित पेयजल साेर्स के पानी की रिपाेर्ट माेबाइल एप से अपलाेड करेगी। एक समूह अपनी ग्राम पंचायत के वाटर साेर्स के पानी की गुणवत्ता की जांच के बाद किट काे वापस पंचायत में जमा करवाएगा। इस अवसर पर एचआरडी सलाहकार संजय खींचड़, डीपीएम संदीप टेलर आदि शामिल थे।

खबरें और भी हैं...