शारदीय नवरात्र:कलश यात्रा निकाली, दुर्गा पूजा महोत्सव शुरू

रतनगढ़20 दिन पहले
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दुर्गा पूजा महोत्सव के शुभारंभ से पहले कलश यात्रा निकालते हुए। - Dainik Bhaskar
दुर्गा पूजा महोत्सव के शुभारंभ से पहले कलश यात्रा निकालते हुए।
  • अभिजीत मुहूर्त में घर-घर घट स्थापना, मंदिरों में विशेष पूजा, माता की आरती कर सर्वमंगल की कामनाएं की

शारदीय नवरात्र की गुरुवार को शुरुआत हुई। शुभ मुहूर्त में घर-घर घट स्थापना हुई। वहीं मंदिरों में विशेष पूजा-अर्चना की गई। मंदिराें में माता का विशेष शृंगार किया गया। दुर्गा पूजा महोत्सव से पहले कलश यात्रा निकाली गई। दुर्गा महोत्सव में सुबह-शाम आरती होगी। वहीं रात को भजन संध्या होगी।

हरदेसर गांव के जीण माता मंदिर में गुरुवार को घट स्थापना कर मां दुर्गा की पूजा-अर्चना की गई। इससे पहले ठाकुरजी मंदिर से गणेश पूजा के साथ कलश यात्रा निकाली गई, जो गांव के मुख्य मार्गों से होती हुई जीण माता मंदिर पहुंची। कार्यक्रम संयोजक एडवोकेट लक्ष्मण प्रजापत ने बताया कि महाेत्सव के तहत विभिन्न धार्मिक कार्यक्रम हाेंगे।

इस दौरान मंदिर पुजारी लालाराम प्रजापत, ताराचंद, नेमीचंद, नवरंगराम, महेंद्र प्रजापत, भीमाराम नायक, राजकुमार महर्षि, मदनसिंह राठौड़, पंकज बड़जाती, संजू पूनिया, राजकुमार प्रजापत, रेखा प्रजापत, सागरमल प्रजापत, चैनप्रकाश प्रजापत, अर्जुन प्रजापत आदि माैजूद रहे। इधर, कस्बे में संचियाय माता मंदिर में घट स्थापना व शतचंडी यज्ञ अनुष्ठान शुरू हुआ।

पंडित देवकीनंदन माटोलिया के आचार्यत्व में संचियाय माता मंदिर ट्रस्ट के ट्रस्टियों द्वारा प्रथम दिन शैल पुत्री का पूजन किया गया। सिद्धार्थ बैद दंपती एवं जोधराज बैद ने पूजा की। इस दौरान चतुर्भुज गोस्वामी, प्रताप बोथरा, रावतसिंह शेखावत, मूलचंद, विनोद, शंकर, अशोक सैन आदि मौजूद थे। वहीं समाधि स्थल स्थित दुर्गा माता मंदिर व जीण माता मंदिर में घट स्थापना की गई।

कस्बे सहित क्षेत्र में गुरुवार को शारदीय नवरात्रा के शुभारंभ पर घरों में घट स्थापना की गई। माता की आरती कर सर्वमंगल की कामनाएं की गई। इसके अलावा जालपा मंदिर, जगदम्बा मंदिर, दो मंदिर सहित सहित अन्य मंदिराें में भी घट स्थापना की गई।

कस्बे में स्थित देवी मंदिरों में शुभ मुहूर्त में घट स्थापना हुई। ज्योत दर्शन व धाेक लगाने के लिए श्रद्धालुओं का तांता देवी मंदिरों में लगा रहा, वहीं घरों में भी श्रद्धालुओं ने पूजन व व्रत आदि की परंपराओं का निर्वहन किया।

मंदिर में गुरुवार काे घट स्थापना कर पूजा-अर्चना की गई। पुजारी गजेंद्रसिंह राठौड़ के सान्निध्य में विधिवत पूजा-अर्चना की गई। इस अवसर पर बलवीर सांकरोत, अनिल सांकरोत, इंद्रचंद भार्गव आदि माैजूद रहे। उधर, मुख्य बाजार के चामुंडा माता मंदिर में पुजारी दीनदयाल जोशी के सान्निध्य में, जीवण माता मन्दिर, केशरोजी मंदिर पुजारी विष्णुभगवान शर्मा के सान्निध्य में घट स्थापना की गई। इसी तरह करणी माता मंदिर में पुजारी बजरंगसिंह शेखावत, बालाजी मंदिर में पुजारी सांवरमल के सान्निध्य में घट स्थापना कर पूजा-अर्चना की गई।

भगवानी देवी अस्पताल के सामने स्थित नाग देवता मंदिर में नवरात्रा के उपलक्ष्य में दुर्गा पूजा महोत्सव के शुभारंभ पर दुर्गा माता की मूर्ति स्थापना की गई। सुनील भीमसरिया ने परिवार सहित पूजा अर्चना की। इससे पूर्व नवनिर्मित श्याम मंदिर से थानमठुई के महंत निर्मलनाथ ने कलश यात्रा को रवाना किया, जो कि प्रमुख मार्गों से होते हुए पांडाल स्थल पहुंचकर विसर्जित हुई। संचालन प्रमोदरानी बैरासरिया, ज्योति सरावगी, शीला सरावगी, हंसा भीमसरिया, शीला बंसल ने किया।

हेमंत सरावगी ने बताया कि शुक्रवार काे भजन संध्या हाेगी। इसी प्रकार अमरपुरा धाम स्थित ज्वाला माता मंदिर में महंत सुरेंद्रसिंह ने घट स्थापना की। लंबोर बड़ी स्थित मनसा माता मंदिर में भी घट स्थापना की गई। लक्ष्मीनारायण तांबाखेड़ीवाला ने बताया कि श्रद्धालुओं ने मनसा माता की पूजा-अर्चना कर सुख समृद्धि की कामना की। वहीं पिलानी रोड स्थित दुर्गा माता मंदिर में पुजारी महेश शर्मा ने पूजा-अर्चना की।

कस्बे में ठांस रोड डांडिया समिति के तत्वावधान में शारदीय नवरात्रा महोत्सव पर दुर्गा पूजा महोत्सव का शुभारंभ हुआ। मां दुर्गा की प्रतिमा का पूजन मुख्य यजमान विजयकुमार व जगदीशप्रसाद ने किया गया। पूसाराम, गौरीशंकर प्रजापत, गोपाल रेवाड़िया, हंसराज भार्गव, राजकुमार हर्षवाल, माणक चौधरी आदि माैजूद रहे।

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