• Hindi News
  • Local
  • Rajasthan
  • Sikar
  • Rewasa
  • The Height Of The Dome Of Jeenmata Will Now Be 101 Feet, The Gold Urn Will Rise, It Will Be Visible From 5 Km Away; There Will Be No Change In The Original Form

नवरात्र आज से:जीणमाता के गुंबद की ऊंचाई अब 101 फीट होगी, सोने का कलश चढ़ेगा, 5 किमी दूर से दिखाई देगा; मूल स्वरूप में नहीं होगा बदलाव

रैवासा20 दिन पहलेलेखक: ओमप्रकाश शर्मा
  • कॉपी लिंक
प्रस्तावित नक्शा। - Dainik Bhaskar
प्रस्तावित नक्शा।
  • अभिजीत मुहूर्त में होगी घट स्थापना, इस खास मौके पर पढ़िए जीणमाता मंदिर में होने वाले रिनोवेशन पर भास्कर स्पेशल रिपोर्ट
  • तीन साल में पूरा होगा काम, 6 करोड़ खर्च होंगे

नवरात्र पर मां जीण के भक्तों के लिए खुशखबर है। करीब छह करोड़ रुपए की लागत से मंदिर के गुंबद को 101 फीट ऊंचा किया जा रहा है। निर्माण पूरा होने के बाद जीणमाता मंदिर का गुंबद पांच किमी दूर से नजर आएगा। जीणमाता मंदिर ट्रस्ट से जुड़े पदाधिकारियों का कहना है-इस निर्माण में मंदिर के मूल स्वरूप में किसी प्रकार का बदलाव नहीं किया जा रहा है। मंदिर ट्रस्ट ने भक्तों के सहयोग से काम भी शुरू कर दिया है।

जीण दरबार को भव्य बनाने के लिए मकराना के प्रसिद्ध पत्थर मंगवाए गए हैं। भगवती प्रसाद पुजारी, गोपाल पुजारी, मुकेश पुजारी, जुगल पुजारी, छीतर सिंह चौहान का कहना है कि गुंबद का डिजाइन इस तरह बनाने का मकसद है कि श्रद्धालुओं को पांच किमी दूर से गुंबद के दर्शन हो जाएं। इसके लिए जयपुर के इंजीनियर्स की टीम जुटी हुई है। रिनोवेशन का काम शुरू कर दिया गया है। रिनाेवेशन में करीब तीन साल लगेंगे।

भव्य बनाने के लिए मकराना के पत्थर मंगवाए, चांदी की 5 ईंटों से लगाया नींव का मुहूर्त

  • गुंबद में लगने वाली रंग बिरंगी लाइटिंग का सामान कोलकाता और जयपुर से आएगा। जयपुर के इलेक्ट्रिक इंजीनियर की देखरेख में लाइटिंग का काम पूरा हाेगा। काम पूरा होने पर लाइटिंग को दूर से चेक किया जाएगा। इसका मकसद मंदिर को आकर्षक दिखाने के लिए गुंबद पर रंग-बिरंगी लाइटिंग की जानी है।
  • 24 मई को 101 फीट गुंबद की नींव का मुहूर्त चांदी की पांच ईंटों के साथ किया गया। मंदिर ट्रस्ट ने जयपुर से चांदी की पांच ईंटें मंगवाई। ट्रस्ट के पदाधिकारियों का कहना है कि चांदी की ईंटें नींव के मुहूर्त में काम ली गई। क्योंकि चांदी की ईंट नींव के मुहूर्त में शुभ मानी जाती है।
  • पुजारी परिवार ने बताया कि फिलहाल गुंबद की लंबाई 25 फीट थी, जो बहुत कम थी। इससे मंदिर दिखता नहीं था। मंदिर का गुंबद धर्मशालाओं के पीछे छिप गया था। इसलिए भक्त मंदिर को ढूंढ़ते थे। अब गुंबद की लंबाई 101 फीट की होगी, जो भक्तों को पांच किलोमीटर दूर से दिखेगा।
  • गुंबद में पुराने गुंबद का ही सोने का कलश लगाया जाएगा। पुजारी परिवार का कहना है कि बुजुर्ग लोगों की बात मानते हुए इसी कलश को शुभ माना है। इसलिए गुंबद में यही सोने का कलश काम में लिया जाएगा। इसके लिए तैयारी की जा रही है, जिसमें श्रद्धालुओं का सहयाेग रहेगा।

मान्यता : जीणमाता मंदिर में गुंबद के ऊपर से कोई मकान नही बना है। इसी परंपरा को निभाते हुए अब तक पुजारी परिवार के लोगों ने दूसरी मंजिल पर मकान नही बना रखे हैं। उनका कहना है कि गुंबद से ऊपर मकान नही बना सकते हैं। अब गुंबद की लंबाई ज्यादा होने पर पुजारी परिवार मकान बनाने पर विचार कर सकते हैं।

इतिहास- एक हजार साल से भी ज्यादा पुराना है मंदिर

जीणमाता का मंदिर 1000 साल से भी ज्यादा पुराना है। ये शक्ति पीठ जीणधाम है। जीणमाता का वास्तविक नाम जयंती माता है। कहा जाता है की जीणामाता देवी दुर्गा का ही अवतार है। घने जंगल से घिरा ये मंदिर तीन छोटे पहाड़ों के संगम पर स्थित है। इस मंदिर में संगमरमर का विशाल शिवलिंग और नंदी प्रतिमा है। ये धार्मिक स्थल सीकर से 29 किमी दक्षिण में स्थित है।

आज जीणमाता और शाकंभरी मंदिर खुले रहेंगे, वैक्सीनेट श्रद्धालु दर्शन कर सकेंगे

शारदीय नवरात्र गुरुवार से शुरू होंगे। घट स्थापना के लिए दोपहर 11.54 से 12.41 बजे तक अभिजीत मुहूर्त सर्वश्रेष्ठ रहेगा। पहले दिन शुभ का चौघड़िया सुबह 6.27 से 7.54 बजे तक रहेगा। कोविड गाइड लाइन के तहत जीणमाता और शाकंभरी मंदिर में श्रद्धालु दर्शन कर सकेंगे। वैक्सीन लगा चुके श्रद्धालुओं को प्रवेश दिया जाएगा। हालांकि जीणमाता मेला नहीं भरेगा।

पं. नरेश जोशी ने बताया कि माता रानी का आगमन डोली में हो रहा है। एक ही दिन में दो तिथियां पड़ने से नवरात्र आठ दिन के होंगे। नौ अक्टूबर को सुबह सात बजकर 48 मिनट तक तृतीया रहेगी, इसके बाद चतुर्थी शुरू हो जाएगी। नवरात्रि पर्व 15 अक्टूबर को समाप्त होगा।

कोलकाता के फूलों से सजेगा जीण दरबार

पुजारी परिवार की ओर से माता को जयपुर की पोशाक व कोलकाता के फूलों से सजाया जाएगा। सुबह 4 बजे मंगला आरती व 8.15 बजे घट स्थापना के बाद आरती होगी। शाम की आरती सवा 6 बजे होगी। रात 10 बजे तक दर्शन होंगे।

नवरात्र में यूं रहेंगे खरीदारी के विशेष मुहूर्त
7 अक्टूबर : 11.54 से 12.41 बजे अभिजीत मुहूर्त में जमीन, मकान खरीद व व्यापार प्रारंभ कर सकते हैं।
8 अक्टूबर : रवि योग रहेगा। इस दिन वाहन, वस्त्र व आभूषण की खरीदारी व गृह प्रवेश श्रेष्ठ माना गया है।
9 अक्टूबर : सिद्ध योग। वस्त्र व आभूषण खरीदना शुभ।
10 अक्टूबर : रवि योग। खरीदारी व व्यापार आरंभ शुभ।
13 व 15 अक्टूबर : स्वार्थ सिद्धि योग रहेगा। इसमें वाहन, भूमि खरीद व नए व्यापार की स्थापना करना श्रेष्ठ है।

खबरें और भी हैं...