बीसीएमओ ने भेजी रिपोर्ट:रैफरल अस्पताल के प्रबंधन के खिलाफ शिकायत की जांच पूरी

सादुलपुर2 महीने पहले
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  • अस्पताल प्रबंधन के खिलाफ पार्षदों ने की थी शिकायत

रैफरल अस्पताल के चिकित्सा प्रबंधन के खिलाफ गत दिनों पार्षदों द्वारा की गई शिकायत की जांच बीसीएमओ व सीएचसी प्रभारी द्वारा पूर्ण कर सीएमएचओ को भेजी गई है। जांच रिपोर्ट में उल्लेख किया गया है कि ऑन कॉल चिकित्साधिकारी डॉ. सज्जन कुमार द्वारा अगर समय पर हस्तक्षेप किया जाता तो विभाग की छवि खराब होने से बचाया जा सकता था। रिपोर्ट में लिखा है कि बिंदिया का अबॉर्शन किसी निजी अस्पताल में करवाया गया है जो र्यूमेटिक अबॉर्शन नहीं है पर एमटीपी एक्ट के अंतर्गत जांच की आवश्यकता है।

जिम्मेदार पर एक्ट 2008 में मुकदमा दर्ज करने की राय दी गई है। दोनों अधिकारियों द्वारा जांच रिपोर्ट में खुलासा किया गया है कि परिवादी सोमवीर, उसकी पत्नी बिंदिया को कार्यालय से बार-बार दूरभाष पर बयान करने के लिए बुलाया गया, परंतु वे अपना पक्ष रखने के लिए उपस्थित नहीं हुए। घटना 17 जुलाई की रात 10.30 बजे राजकीय सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र की है। राकेश व उसकी पत्नी विमला, सोमवीर व उसकी पत्नी बिंदिया व अन्य अस्पताल पहुंचे।

अस्पताल में तीनों कार्मिक मंजू एएनएम, मोहम्मद फारूक सीएचओ व श्रवण वार्ड बॉय ड्यूटी पर उपस्थित थे, जिन्होंने चारों मरीजों का प्राथमिक नर्सिंग उपचार किया। जांच रिपोर्ट में उल्लेख किया है कि बिंदिया के पति सोमवीर व परिजनों द्वारा कार्मिकों पर मानसिक दबाव बनाया गया और बिंदिया को गंभीर बीमार दिखाने के लिए कहा गया। कार्मिकों को डराया गया। उक्त घटना में ऑन ड्यूटी स्टाफ को मानसिक प्रताड़ित करने वाले एवं मीडिया में भ्रामक समाचार फैलाने पर कठोर कार्यवाही की अनुशंसा की गई।

ऑनकॉल डॉक्टर की अनदेखी को लेकर विभाग गंभीर

सीएमएचओ डॉ. मनोज शर्मा ने राजगढ़ रैफरल अस्पताल में मरीजों के उपचार को लेकर पार्षदों द्वारा जिला कलेक्टर को शिकायत के बाद बीसीएमओ एवं सीएचसी प्रभारी से जांच करवाई गई, जिसमें ऑनकॉल चिकित्सक की लापरवाही सामने आई, इससे विभाग की छवि प्रभावित हुई। उक्त चिकित्सक के खिलाफ कार्रवाई के लिए उच्चाधिकारियों को लिखा जाएगा।

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