फिजिकल एजुकेशन टीचर बना मिसाल:सीकर: 20 साल से बिना फीस लिए खेल सिखा रहे, ग्रामीणों की मदद से स्टेडियम बनवाया

श्रीमाधोपुर2 महीने पहले
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 सामाेता खुद कुश्ती व जूडाे के नेशनल लेवल के खिलाड़ी रह चुके हैं। - Dainik Bhaskar
 सामाेता खुद कुश्ती व जूडाे के नेशनल लेवल के खिलाड़ी रह चुके हैं।

राजस्थान के एक फिजिकल एजुकेशन टीचर मिसाल बन गए हैं। हांसपुर के गांव खनीपुरा के स्कूल के सतवीर सामोता बीते 20 वर्षों से बच्चों को बिना फीस लिए मार्शल आर्ट का प्रशिक्षण दे रहे हैं। इस पर वे अपनी सैलरी से तीन लाख रुपए खर्च कर चुके हैं। इतनी ही नहीं, उन्होंने ग्रामीणों को प्रेरित कर स्थानीय स्कूल के सामने ही 10 लाख रुपए की लागत से स्टेडियम भी बनवा दिया। यहीं पर वे छात्रों काे जूडो, कुडो मार्शल आर्ट, स्काई मार्शल व वुशु सिखाते हैं।

इन खेलों में यहां के खिलाड़ी राष्ट्रीय स्तर पर एक गोल्ड, 5 सिल्वर व 12 ब्रॉन्ज मेडल, वहीं 47 खिलाड़ी राज्य स्तरीय मेडल जीत चुके हैं। सामोता से कुडो सीख रहीं 11 साल की गायत्री अगले साल जापान में कुडो वर्ल्ड कप में देश का प्रतिनिधित्व करेंगी।

सामाेता खुद कुश्ती व जूडाे के नेशनल लेवल के खिलाड़ी रह चुके हैं। 1995 में राष्ट्रीय कुश्ती में कांस्य पदक जीत चुके हैं। 1998 में शारीरिक शिक्षा की पढ़ाई के दौरान जूडो में शोध किया और उसके बाद से ही बच्चों को बिना फीस लिए ट्रेनिंग देने की शुरुआत की।