पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

Install App

Ads से है परेशान? बिना Ads खबरों के लिए इनस्टॉल करें दैनिक भास्कर ऐप

10 साल से सिर्फ चुनावी मुद्‌दा:सुजानगढ़ की 4 हजार बेटियां उच्च शिक्षा ले रही लेकिन यहां इनके लिए सरकारी कॉलेज नहीं...बजट से उम्मीद

सुजानगढ़8 दिन पहले
  • कॉपी लिंक
  • सरकारी गर्ल्स कॉलेज नहीं इसलिए निजी में करनी पड़ रही पढ़ाई

प्रदेश के बड़े शहरों की गिनती में 25वें नंबर पर अपना स्थान रखने वाले सुजानगढ़ में बेटियों के लिए सरकारी कॉलेज नहीं है। चौंकाने वाली बात ये है कि शहर में सरकारी सहित निजी कॉलेजों में करीब चार हजार से ज्यादा बेटियां उच्च शिक्षा ले रही हैं।

ढाई हजार से ज्यादा बेटियां तो मोटी फीस देकर निजी कॉलेजों में पढ़ने को मजबूर हैं। पिछले 10 साल से बेटियों के लिए अलग से सरकारी कॉलेज का मुद्दा सिर्फ हवा बनकर रह गया है। चुनाव के समय हर बार मुद्दा बनता है। सुजानगढ़ के लोग हर बार बजट व जनप्रतिनिधियों से सरकारी गर्ल्स कॉलेज की उम्मीद लगाए रखते हैं, लेकिन हर बार नतीजा शून्य रहता है।

शहर के सरकारी सुजला कॉलेज व शहर में संचालित एक-दो अन्य कॉलेज सहित सांडवा, बीदासर, कातर, लाडनूं, जसवंतगढ़ के निजी कॉलेजों में करीब चार हजार बेटियां पढ़ाई कर रही है। शहर में सरकारी गर्ल्स कॉलेज नहीं होने से शहरवासियों में भी गुस्सा हैं। विभिन्न सामाजिक संगठनों विद्यार्थियों ने कलेक्टर से लेकर सीएम तक पत्र भेजे। आज तक इसकी स्वीकृति नहीं मिल पाई। इस बजट में बेटियों के लिए कॉलेज खुले तो यह बड़ा तोहफा होगा। जनप्रतिनिधियों को इसके लिए प्रयास करने चाहिए।

शहर से करीब तीन से चार किलोमीटर दूर सरकारी सुजला कॉलेज में लड़कों के साथ उच्च शिक्षा लेने में बेटियों के साथ-साथ अभिभावकों को भी चिंता रहती है। इतनी दूर से वापस घर आने-जाने में भी परेशानी होती है। कॉलेज के सामने बसों के रूकने आवागमन के समुचित साधन नहीं है।

इन तीन पाइंटों से जानिए, बेटियों के लिए अलग से सरकारी कॉलेज की क्यों है जरूरत

1. कॉलेज में वंचितों को मिलेगा मौका
सरकारी गर्ल्स कॉलेज खुलने पर सुजला कॉलेज में हर साल सीटें बढ़ाने के झंझट से छुटकारा मिलेगा। यहां अभी 1314 छात्राएं अध्ययनरत हैं। इन सीटों का फायदा प्रवेश से वंचित रहने वाले छात्रों को मिलेगा।

2. एक हजार रुपए में होगा एडमिशन
सरकारी कॉलेज में स्नातक स्तर की एडमिशन में अधिकतम फीस एक हजार रुपए है। प्राइवेट कॉलेजों में संकाय वाइज आठ से 10 हजार रुपए ली जाती है। पीजी सरकारी कॉलेज में अधिकतम 1200 रुपए व निजी में 25 हजार तक फीस भरनी पड़ती है।

3. जरूरतमंद परिवारों को मिलेगी राहत
आर्थिक रूप से कमजोर परिवार बेटियों को निजी गर्ल्स कॉलेज में भेजकर मोटी रकम देते हैं। सरकारी कॉलेज में छात्रों के साथ प्रवेश दिलाना उचित नहीं समझते। इन दोनों परेशानियों से राहत मिलेगी।

खबरें और भी हैं...

    आज का राशिफल

    मेष
    Rashi - मेष|Aries - Dainik Bhaskar
    मेष|Aries

    पॉजिटिव- आप अपने व्यक्तिगत रिश्तों को मजबूत करने को ज्यादा महत्व देंगे। साथ ही, अपने व्यक्तित्व और व्यवहार में कुछ परिवर्तन लाने के लिए समाजसेवी संस्थाओं से जुड़ना और सेवा कार्य करना बहुत ही उचित निर्ण...

    और पढ़ें