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अवैध खनन ने ली जान:बजरी की खदान के निकट दीवार बनवाते समय मिट्‌टी धंसने से मिस्त्री की मौत

उदयपुरवाटी/झुंंझुनूं19 दिन पहले
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उदयपुरवाटी. मौके पर शव रखकर धरने पर बैठे ग्रामीण। - Dainik Bhaskar
उदयपुरवाटी. मौके पर शव रखकर धरने पर बैठे ग्रामीण।

जहाज की ढाणी नवोड़ी के निकट बजरी की एक गहरी खदान के निकट दीवार बनाते समय मिट्टी ढहने से दीवार बनाने वाले मिस्त्री की मौत हो गई। पौंख के ग्रामीणों ने दिनभर शव को रखकर धरना दिया। नवोड़ी ढाणी में बजरी का अवैध खनन करने वाले लोगों ने कई जगह 50 से एक सौ फीट तक गहरे गड्ढ़े बना रखे हैं।

नवोड़ी ढाणी के निकट ढाणी पड़ाव हाला के खेताराम गुर्जर के मकान से महज 20 फीट की दूरी पर करीब 50-60 फीट गहरी खदान है। जिससे उसका मकान के गिरने की स्थिति बन गई। उसने अवैध खनन करने वाले लोगों से कहा तो उन्होंने दीवार बनाने की बात कही।

दोनों की सीमा पर दीवार बनाने के लिए एक माह पहले काम शुरू हुआ था। शनिवार को पौंख निवासी मिस्त्री रणजीत सैनी (23) पुत्र बंशीलाल सैनी यहां काम कर रहा था। इसी बीच अचानक मिट्‌टी ढहने लगी। रणजीत सैनी संभल पाता। इससे पहले ही वह नीचे दब गया और उसकी मौत हो गई।

इसकी जानकारी रणजीत के गांव वालों को मिली तो वे मौके पर पहुंच गए और मुआवजे की मांग की को लेकर पूर्व सरपंच मूलचंद सैनी के नेतृत्व में ग्रामीणों ने शव रखकर धरना शुरू कर दिया। सुबह 10 बजे से शाम 7 बजे तक करीब 9 घंटे तक धरना दिया।

शाम को डीएसपी सतपालसिंह, सीआई भगवानसहाय मीणा, नायब तहसीलदार सोनू आर्य, भाजपा जिलाध्यक्ष पवन मावंडिया, आठ गांव सैनी समाज के पूर्व अध्यक्ष मोहनलाल सैनी, आदि मौके पर पहुंचे और समझाइश कर शव को उदयपुरवाटी सीएचसी स्थित मोर्चरी में रखवाया गया है।

माता-पिता का इकलौता बेटा था रणजीत : हादसे का शिकार हुआ युवक माता-पिता के एक ही बेटा था। करीब 23 साल के रणजीत के दो साल का एक बेटा है व उसकी पत्नी गर्भवती है। मृतक के पिता बंशीलाल गरीब आदमी है तथा अक्सर बीमार रहता है।

दूसरे मजदूर नहीं भागते तो बच सकती थी जान

प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक मिट्टी ढहते ही वहां काम करने वाले सभी लोग मौके से भाग गए। तब रणजीत तीन-चार फीट नीचे ही दबा था जिसको हाथ से ही मिट्टी हटाकर निकाला जा सकता था लेकिन मौके पर मौजूद काम करने वाले लोग वहां से भाग गए। बाद में अन्य लोगों को जानकारी मिली तो उन्होंने सोचा गहरी खदान में दबा हुआ होगा। उन्होंने युवक को निकालने के लिए एलएनटी मशीन को बुलवा लिया।

एलएनटी ऑपरेटर युवक को मशीन से निकालने लगा तो उसका आगे का हिस्सा युवक के शरीर में धंस गया। युवक को निकाला तो उसके शरीर से खून बहने लगा। प्रत्यक्ष दर्शियों के मुताबिक एलएनटी से निकालने के बजाए हाथ से ही मिट्टी हटाते तो युवक की जान बच सकती थी। क्योंकि मशीन का पंजा लगने से खून बह गया।

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