नाबालिग के किडनैप-रेप के आरोपी को 20 साल सजा:कोर्ट ने 20 हजार रुपए का जुर्माना लगाया, 2 साथियों को किया बरी

सिरोही3 महीने पहले
अभियोजन पक्ष ने कोर्ट में 19 गवाह और सबूत पेश किए, जिसके आधार पर कोर्ट ने आरोपी को दोषी माना।

सिरोही की पोक्सो कोर्ट ने नाबालिग के किडनैप और रेप के मामले में एक आरोपी को दोषी करार देते हुए 20 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही कोर्ट ने आरोपी पर 20 हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया है। मामले में दूसरे आरोपियों को कोर्ट ने संदेह का लाभ देते हुए बरी कर दिया। केस की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से कोर्ट में पेश 19 गवाहों की गवाही और सबूतों से सहमत होकर कोर्ट ने आरोपी को दोषी माना।

विशिष्ट लोक अभियोजक प्रकाश धवल ने बताया कि कोतवाली थाने में 2 सितंबर 2018 को एक व्यक्ति ने रिपोर्ट दर्ज करवाई थी। जिसमें उसने बताया कि उसकी बेटी ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान सिरोही में सिलाई सीखने के लिए जाती थी। 31 अगस्त 2018 की शाम को वह सिलाई सीखने के बाद वापस घर आने के लिए रवाना हुई। इस दौरान वह संजीवनी हॉस्पिटल के पास पहुंची तो भरत कुमार और उसके 2 सहयोगियों ने उसकी बेटी का किडनैप कर लिया। इस पर कोतवाली थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की और किशोरी को पोरबंदर (गुजरात) से डिटेन कर लिया।

लोक अभियोजक ने बताया कि पूछताछ के दौरान पीड़िता ने पुलिस को बताया कि पिंडवाड़ा निवासी भरत कुमार पुत्र मोहनलाल उसे बाइक पर बैठा कर पालनपुर (गुजरात) और वहां से पोरबंदर ले गया और उसके साथ रेप किया। पुलिस जांच में पीड़िता 18 वर्ष से कम उम्र की मिली। इस पर पुलिस ने पोक्सो एक्ट में केस दर्ज किया और भरत कुमार और उसके 2 सहयोगियों को गिरफ्तार कर कोर्ट में चालान पेश किया। अभियोजन पक्ष ने मामले में 19 गवाहों की गवाही करवाई। अभियोजन पक्ष की ओर से पेश किए गए सबूतों से सहमत होते हुए कोर्ट ने माना कि आरोपी भरत कुमार ने नाबालिग का किडनैप कर उसके साथ रेप किया। कोर्ट ने मामले में आरोपी को 20 साल कठोर कारावास और 20 हजार रुपए के जुर्माने की सजा सुनाई, जबकि इसके सहयोगियों को संदेह का लाभ देते हुए बरी कर दिया।