डीएसटी और भादरा पुलिस की संयुक्त कार्रवाई:रुपए दोगुना कर ठगी करने वाले 4 सदस्य गिरफ्तार डराने के लिए पहनते थे हरियाणा पुलिस की वर्दी

भादरा2 महीने पहले
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  • इनोवा गाड़ी बरामद की

जिला विशेष टीम व भादरा पुलिस ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए रुपए दोगुना करने का झांसा देने वाली गैंग के चार ठगों को हरियाणा पुलिस की वर्दी में इनोवा कार सहित पकड़ा है। 4 दिसंबर 2021 को मांगीलाल पुत्र सागर मल सैनी निवासी भादरा ने मुकदमा दर्ज करवाया था कि 25 नवंबर 2021 को उसके पास बलराज पुत्र जयकरण वाल्मीकि, अक्षय पुत्र शमशेर सिंह वाल्मीकि, नरेश पुत्र शीशपाल निवासीगण जांडली खुर्द व भूरासिंह पुत्र अमरजीत सिंह निवासी सिरसा व इनके साथ दो व्यक्ति और आए।

इन्होंने रुपए दोगुना करने का भरोसा देकर दो लाख रुपए यह कह कर ले गए कि इनके बदले आपको छह लाख रुपए देंगे। इसके बाद वह दो लाख रुपए के 4 लाख रुपए देकर चले गए। संभाले तो 50-50 हजार की 4 गड्डियों में केवल ऊपर व नीचे के एक-एक नोट असली थे, बाकी बीच में सभी सफेद रंग के कागज ही थे। पुलिस ने थाना स्तर पर पुलिस टीम का गठन किया गया। डीएसटी प्रभारी भजनलाल को ठगों की गिरफ्तारी के संबंध में जिम्मेदारी सौंपी गई।

जाली नोट बनाने की मशीन होना स्वीकारा, पंजाब-हरियाणा में 30 मामले दर्ज

पुलिस टीम को सूचना मिली कि 5 दिसंबर को ये ठग भादरा में आने वाले हैं। इस पर हिसार बाइपास रोड पर नाकाबंदी की गई। इसी दौरान आदमपुर रोड की तरफ से इनोवा गाड़ी के चालक को रुकवाया। नाम, पता पूछा तो चालक सीट पर बैठे व्यक्ति ने अपना नाम बलराज पुत्र जयकरण जाति वाल्मीकि, दूसरे ने अपना नाम भूरा सिंह पुत्र अमरजीत सिंह तथा बीच की सीट पर दो व्यक्ति हरियाणा पुलिस की वर्दी में बैठे थे। इनसे नाम पता पूछा तो एसआई की वर्दी में बैठे व्यक्ति ने अपना नाम अक्षय पुत्र शमशेर सिंह वाल्मीकि व सिपाही की वर्दी में बैठे व्यक्ति ने अपना नाम नरेश पुत्र शीशपाल वाल्मीकि बताया। पुलिस ने आईडी प्रूफ के बारे में जानकारी मांगी तो वह हड़बड़ा गए। पुलिस ने चारों को गिरफ्तार कर लिया।

पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि उन्होंने पुलिस की वर्दी ठगी करते समय सामने वाले को डराने के लिए पहन रखी है। चारों आरोपियों के कब्जे से इनोवा जब्त कर गिरफ्तार किया। पुलिस ने बताया कि आरोपियों से पूछताछ जारी है। आरोपियों द्वारा ठगी के अन्य मामले का भी खुलासा होने की संभावना है। इनके विरुद्ध हरियाणा, पंजाब में करीब 30 मामले दर्ज हैं। पुलिस ने चारों आरोपियों को न्यायालय में पेश किया, जहां से उन्हें पांच दिनों के पीसी रिमांड पर सौंप दिया। रिमांड में ठगी के अन्य मामले खुलने की संभावना है। वहीं अभियुक्तों ने जाली नोट बनाने की मशीन होना स्वीकार किया है, जिसकी बरामदगी होनी बाकी है।

कार्रवाई करने में इन पुलिसकर्मियों का रहा योगदान

भादरा पुलिस थाने से उप निरीक्षक राकेश गोदारा, कांस्टेबल रजत, योगेश कुमार, जिला विशेष टीम हनुमानगढ़ से उप निरीक्षक भजनलाल, हेड कांस्टेबल साह रस्सूल, सुखविंदर सिंह, राजाराम, राजेंद्र, अनिल कुमार, अमित, राजेश एवं जिला विशेष टीम नोहर के हेड कांस्टेबल प्रवीण कुमार, कांस्टेबल राजपाल, सुभाष, रोशनलाल, जोराराम, विकास कुमार, भजनलाल आदि का विशेष सहयोग रहा।

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