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बॉयो-टॉयलेट:हनुमानगढ़-सादुलपुर सहित 5 रेलखंड ग्रीन कॉरिडोर, ट्रेनों में बनाए बायो टॉयलेट ताकि ट्रैक रहें साफ-सुथरे

हनुमानगढ़17 दिन पहले
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इन 5 रेल खंडों में स्थापित किए ग्रीन कॉरिडोर ताकि ट्रैक रहें साफ-सुथरे - Dainik Bhaskar
इन 5 रेल खंडों में स्थापित किए ग्रीन कॉरिडोर ताकि ट्रैक रहें साफ-सुथरे
  • रेलवे ने प्रदूषण रहित तथा किफायती ऊर्जा के लिये स्टेशनों तथा सर्विस बिल्डिंगों पर 114 मेगावाट के सोलर पैनल स्थापित किए

रेलवे की ओर से पर्यावरण और ऊर्जा संरक्षण के लिए हनुमानगढ़-सादुलपुर ट्रैक सहित 5 रेलखंड को ग्रीन कॉरिडोर बनाया गया है। इसके तहत इन ट्रैक पर संचालित सभी ट्रेनों में बॉयो टॉयलेट स्थापित करने के साथ ही स्टेशनों पर सोलर सिस्टम लगाए गए हैं। अधिकारियों के मुताबिक ऊर्जा संरक्षण के साथ पर्यावरण को सुदृढ़ बनाने के लिये रेलवे लगातार सकारात्मक कदम उठा रहा है

जिसमें परंपरागत संसाधनों के स्थान पर पर्यावरण अनूकूल स्रोतों का अधिकाधिक उपयोग किया जा रहा हैं। प्रदूषण रहित तथा किफायती ऊर्जा के लिये स्टेशनों तथा सर्विस बिल्डिंगों पर 114 मेगावाट के सोलर पैनल स्थापित किए गए हैं। रेलवे का लक्ष्य है कि 2030 तक कार्बन उत्सर्जन को शून्य किया जाए। वहीं स्टेशनों तथा रेलवे ट्रैक पर स्वच्छता बनाए रखने तथा हरित पर्यावरण के लिये ट्रेन के डिब्बों में टॉयलेट को बायो-टॉयलेट में बदलने का कार्य किया जा रहा है।

रेलवे की ओर से ट्रेनों के 73,078 कोच में 2,58,906 बॉयो-टायलेट फिट किए गए हैं। स्वच्छ और हरित पर्यावरण के क्षेत्र में कार्य करते हुये उत्तर पश्चिम रेलवे पर 2723 डिब्बों में 8946 बायो-टॉयलेट लगाए जा चुके है। यह बायो-टॉयलेट डिब्बों में पूर्णतया और आंशिक रूप से फिट किए गए हैं। रेलवे का लक्ष्य सभी ट्रेनों के परंपरागत टॉयलेट को बॉयो-टॉयलेट में परिवर्तन करना है। इससे जहां गंदगी में कमी होगी वहीं हरित पर्यावरण की दिशा में महत्वपूर्ण योगदान होगा।

रेलवे के 5 रेल खंडों बाड़मेर-मुनाबाब, पीपाड-बिलाडा, सादुलपुर-हनुमानगढ़, सूरतगढ-अनूपगढ़ तथा सीकर-लोहारू को ग्रीन कॉरिडोर के रूप में स्थापित किया है, जिसमें इन रेल खंडों में संचालित सभी रेल सेवाओं में बायो-टॉयलेट लगाकर रेलवे ट्रैक पर मानव अपशिष्ट को गिरने से रोका जा रहा है।

पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ राजस्व की भी बचत: सीनियर डीसीएम
उत्तर पश्चिम रेलवे प्रदूषण रहित पर्यावरण की मुहिम को बढाने के साथ-साथ राजस्व की भी बचत कर रहा है। उत्तर पश्चिम रेलवे अभी तक कुल 6906 kWp क्षमता के सोलर पैनल स्थापित कर प्रतिवर्ष 76 लाख से अधिक यूनिट की ऊर्जा की बचत कर रहा है। वहीं 3.81 करोड़ रुपए राजस्व की बचत की जा रही है।
अनिल रैना, सीनियर डीसीएम

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