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इंदिरा गांधी नहर:21 मार्च से 70 दिन की बंदी, पंजाब में 31 व राजस्थान में 49 किमी होगी रिलाइनिंग, नरमा की बिजाई पर संकट

हनुमानगढ़10 दिन पहले
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आईजीएनपी की रिलाइनिंग के लिए लोहगढ़ हैड के पास जमा मैटीरियल। - Dainik Bhaskar
आईजीएनपी की रिलाइनिंग के लिए लोहगढ़ हैड के पास जमा मैटीरियल।
  • 21 मार्च से 40 दिन तक होगी पेयजल की आपूर्ति, 1 से 30 मई तक पूर्ण क्लोजर रहेगा

इंदिरा गांधी नहर परियोजना के इतिहास में पहली बार 70 दिन की बंदी ली जाएगी। 21 मार्च से क्लोजर शुरू हो जाएगा। 40 दिन तक मात्र पीने के लिए पानी की आपूर्ति होगी। 1 मई से 30 मई तक पूर्ण बंदी लेकर रिलाइनिंग का कार्य करवाया जाएगा। 70 दिन की बंदी के दौरान पंजाब क्षेत्र में करीब 31 किलोमीटर और राजस्थान क्षेत्र में 49 किलोमीटर में रिलाइनिंग का कार्य करवाया जाएगा।

जल संसाधन विभाग की ओर से टेंडर प्रक्रिया पिछले वर्ष ही पूरी कर ली गई थी। कोरोना की वजह से लॉकडाउन लागू होने के कारण पंजाब और राजस्थान क्षेत्र में रिलाइनिंग का कार्य नहीं हो पाया। इस बार जल संसाधन विभाग ने रिलाइनिंग की पूरी तैयारी कर ली है। 70 दिन की बंदी की वजह से भाखड़ा और इंदिरा गांधी नहर परियोजना क्षेत्र में नरमा की बिजाई नहीं हो पाएगी।

आईजीएनपी में सिंचाई पानी का रेगुलेशन 7 मार्च को खत्म हो जाएगा। 30 मई तक पूर्णतया बंदी है। जून के पहले सप्ताह से दुबारा सिंचाई पानी मिलने की उम्मीद है। यानी तीन महीने तक सिंचाई के लिए किसानों को पानी नहीं मिल पाएगा। जून में जब पूरा मिलेगा तब तक नरमा की बिजाई का उपयुक्त समय निकल जाएगा। ऐसे में किसानों को ग्वार, मूंग, मोठ आदि फसलों की ही बिजाई करनी पड़ेगी।

पंजाब में रिलाइनिंग होने से राजस्थान को मानसून अवधि में मिल सकेगा अतिरिक्त पानी

इंदिरा गांधी नहर में वर्ष 1961 में जलापूर्ति शुरू हुई थी। इसके बाद कभी रिलाइनिंग का काम नहीं हुआ। इस कारण नहर की लाइनिंग जगह-जगह से क्षतिग्रस्त हो चुकी है। 18 हजार क्षमता वाली इस नहर में अब 9 हजार क्यूसेक पानी भी नहीं चलाया जा सकता। 24 जनवरी 2021 को आरडी 433 पर लाइनिंग धंस गई थी।

इसके बाद 1 फरवरी को आरडी 383 पर लाइनिंग धंस गई। ऐसे में पंजाब ने 9100 क्यूसेक पानी चलाने पर भी असहमति जता दी। इससे आईजीएनपी और भाखड़ा प्रणाली का रेगुलेशन प्रभावित हुआ। लाइनिंग डैमेज होने की वजह से मानसून अवधि में बांधों में पर्याप्त पानी होने के बावजूद राजस्थान के किसानों को लाभ नहीं हुआ। पंजाब क्षेत्र में रिलाइनिंग का कार्य पूरा होने के बाद हनुमानगढ़ व श्रीगंगानगर के किसानों को सर्वाधिक लाभ होगा। उन्हें मानसून अवधि में अतिरिक्त पानी मिलने की उम्मीद है।

पंजाब क्षेत्र में पहली बार रिलाइनिंग का काम
इंदिरा गांधी नहर परियोजना में 1961 में जलापूर्ति शुरू हुई थी। पंजाब क्षेत्र में निर्माण के बाद पहली बार रिलाइनिंग का कार्य होगा। पंजाब में 100 किलोमीटर रिलाइनिंग के टेंडर पिछले वर्ष ही करवा दिए थे। इस वर्ष लगभग 31 किलोमीटर में रिलाइनिंग करवाई जाएगी। पंजाब में कार्य के लिए ही सबसे बड़ी बंदी ली जा रही है।

पंजाब में रिलाइनिंग का कार्य तीन वर्षों में पूरा करवाए जाने की उम्मीद है। जबकि राजस्थान में 2018 और 2019 में कार्य करवाया गया था। राजस्थान में कार्य के लिए बंदी भी लगभग 30 व 35 दिन की ही ली जाती थी। पंजाब के आग्रह पर ही 70 दिन की बंदी ली जा रही है। सूत्रों के अनुसार इससे कम अवधि की बंदी पर पंजाब ने पिछले वर्ष ही कार्य करवाने में असमर्थता जता दी थी। इसलिए गत वर्ष भी बंदी प्रस्तावित हो गई थी, लेकिन लॉकडाउन की वजह से बंदी नहीं ली गई।
8 से 21 मार्च तक भंडारण के लिए चलेगा पानी
इंदिरा गांधी नहर परियोजना क्षेत्र की नहरों का रेगुलेशन 7 मार्च को खत्म हो जाएगा। इसके बाद 8 से 21 मार्च तक सभी नहरों में पीने के लिए पानी छोड़ा जाएगा। इस अवधि में जलदाय विभाग की डिग्गियों में भंडारण किया जाएगा। गांवों और ढाणियों की डिग्गियों में भी पीने के पानी का पर्याप्त स्टॉक किया जाएगा।

हालांकि किसान 7 मार्च के बाद एक बारी और सिंचाई पानी देने की मांग कर रहे हैं, लेकिन इस पर जल संसाधन विभाग के अधिकारी सहमत नहीं हो रहे। अधिकारियों का कहना है कि 7 मार्च तक का ही रेगुलेशन तय है। इसके बाद सिर्फ पेयजल के लिए ही सभी नहरों में पानी चलाया जाएगा। जलदाय विभाग ने भी बंदी के मद्देनजर भंडारण की पूर्ण व्यवस्था कर ली है ताकि आमजन को गर्मियों में पानी सप्लाई को लेकर किसी तरह की परेशानी नहीं आए।

इतिहास में सबसे लंबी होगी बंदी, पहले अधिकतम 35 दिन का लिया था क्लोजर
इंदिरा गांधी नहर परियोजना में इस बार इतिहास में सबसे बड़ी 70 दिन की बंदी ली जाएगी। इससे पहले अधिकतम 35 दिन का ही क्लोज लिया गया था। वर्ष 2020 में कोरोना की वजह से बंदी नहीं ली गई। वर्ष 2018-19 में 29 दिन व वर्ष 2017-18 में 35 दिन की बंदी लेकर राजस्थान क्षेत्र में रिलाइनिंग का कार्य करवाया गया था।

2016-17 में 24 दिन, 2015-16 में 15 दिन व 2014-15 में 20 दिन की बंदी ली गई थी। 2009-10 से 2013 तक क्लोजर नहीं लिया गया था। गत वर्षों में जो बंदी ली गई थी वो अप्रैल व मई के प्रथम सप्ताह की अवधि में ही ली गई। ऐसे में इस बार 70 दिन की अवधि सबसे अधिक होगी।

21 मार्च से ली जाएगी 70 दिन की बंदी: मित्तल
इंदिरा गांधी नहर परियोजना में 21 मार्च से 70 दिन की बंदी प्रस्तावित है। इस अवधि में पंजाब क्षेत्र में 31 और राजस्थान क्षेत्र में 49 किलोमीटर रिलाइनिंग का काम होगा। सभी तैयारी पूरी हो चुकी है।
विनोद मित्तल, चीफ इंजीनियर, जल संसाधन उत्तर जोन हनुमानगढ़

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